26/12/2025
डॉ चंद्रिका बाबु स्पोर्ट्स अकादमी के तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई
** रिकॉर्ड तोड़ा, सम्मान के लिए दिल्ली दौड़ा **
आज जब विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप में बिहार का मुकाबला मणिपुर से शुरू हुआ, तो हर नजर उस 'छोटे नवाब' को तलाश रही थी जिसने अभी कल ही अपनी बल्लेबाजी से कोहराम मचाया था। न तो कोई अंतरराष्ट्रीय व्यस्तता थी ,ना कोई अस्वस्थता और न ही बदन में कोई चोट, फिर भी मैदान से उन्हें नदारद देखकर दिल को एक अजीब सी मायूसी हुई। आखिर वो खिलाड़ी कहाँ गया जिसने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ महज 84 गेंदों में 190 रनों की वो ऐतिहासिक पारी खेलकर क्रिकेट की दुनिया के बड़े-बड़े सूरमाओं को हैरत में डाल दिया था?
जब हमने इस मुअम्मे को सुलझाने की कोशिश की, तो पता चला कि यह गैरमौजूदगी किसी नाकामी की वजह से नहीं, बल्कि एक बेहद फख्र की बात है। बिहार के इस लाल, वैभव सूर्यवंशी की सवारी असल में दिल्ली की ओर निकल पड़ी है। वजह बेहद खास है—उन्हें 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से नवाजा जा रहा है। 26 दिसंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों जब उन्हें यह सम्मान मिला, तो यकीनन बिहार के हर क्रिकेट प्रेमी का सीना चौड़ा हो गया होगा। वैभव ने टूर्नामेंट के पहले ही मैच में 59 गेंदों पर 150 रन ठोककर महान एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड क्या तोड़ा, जैसे उन्होंने दुनिया को बता दिया कि आने वाला वक्त उन्हीं का है।
मगर अब विजय हजारे ट्रॉफी के बाकी मैचों में उनकी कमी खलेगी। यह होनहार खिलाड़ी अब सीधे अंडर-19 टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर नजर आएगा। 30 दिसंबर को जब भारतीय टीम रवाना होगी, तो उसमें बिहार की यह उम्मीद भी शामिल होगी। 4 से 9 जनवरी के बीच होने वाले वनडे मुकाबले उनके लिए वर्ल्ड कप की तैयारियों का असल इम्तिहान होंगे।
यकीनन, फैंस को 4 जनवरी का बेसब्री से इंतजार रहेगा, जब दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर इस नन्हे उस्ताद का बल्ला एक बार फिर गरजता हुआ सुनाई देगा।
पेशक़श -कुन्दन श्रीवास्तव