30/07/2026
गुजरात में वर्ष 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन की शुरुआत करने वाले नेता हार्दिक पटेल एवं उनके पुराने साथी पाटीदार नेता अब देश में चल रहे रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के आंशिक समर्थन में हैं।
भाजपा विधायक हार्दिक पटेल ने कहा है कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरुरत है, सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछडों व जरुरतमंद को ही आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के एक्स अकाउंट पर 55 लाख से अधिक सदस्य हो गये हैं और ये हर मिनट हजारों की संख्या में बढ रहे हैं।
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद डिजीटल स्पेस में शुरु हुई कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के जवाब में तैयार हुए ऑनलाइन अभियान रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन इंटरनेट मीडिया पर जबर्दस्त ट्रेंड कर रहा है। बीते दो दिनों में इसके मुख्य पेज पर प्रति 25 मिनट एक लाख सदस्य बन रहे हैं।
मुख्य पेज का आईपी एड्रेस राजस्थान का कोटा बताया जा रहा है, यह अभियान चलाने वाले समूह ने हर राज्य का अलग अकाउंट भी बनाया है। इनका पंचलाइन है, सारी जाति एक समान, मेरा बस ये देश महान। इंटरनेट मीडिया पर जहां इस आंदोलन की धूम मची है वहीं सामाजिक व राजनीतिक क्षैत्र के लोगों की नजर अब इस आंदोलन पर टिकी है।
गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के अगुवा रहे तथा अब भाजपा से विधायक हार्दिक पटेल का कहना है कि देश की आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरुरत है, सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछडे, गरीब अथवा जरुरतमंद को ही आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।
जिस परिवार के लोग सरकारी सेवा में हों, आरक्षण का लाभ प्राप्त कर गरीबी व पिछड़ेपन से उबर गये हों उनको अपने ही समाज के पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण को स्वेच्छा से त्याग देना चाहिए। डॉ अंबेडकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को यह लाभ देना चाहते थे इसलिए संपन्न लोगों को खुद आरक्षण को छोड़ देना चाहिए।
हार्दिक देश में आरक्षण व्यवस्था पर एक जनजागरण व सामाजिक आंदोलन की भी वकालत करते हैं, उनका कहना है कि समाज में गरीबी, जातिगत भेदभाव पिछड़ापन खत्म नहीं हुआ है इसलिए आरक्षण होना चाहिए लेकिन इसमें सुधार भी जरूरी है।
ध्यान रहे कि पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद ही देश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण व्यवस्था लागू हो पाई थी।