How to start Hot chat

How to start Hot chat सेक्सी कहानी ओर सैक्स बात के लिए पेज क?

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08/04/2023

Hi I am Yash
Age 26. Gym Workouter. Slim and Structured Young Boy. If anyone is interested, it may be Married or Unmarried or Housewife or Working Ladies or 3So:me or Sha-ring or Bi_X-al Couples. Just Ask Inbox.

09/05/2021

दोस्तों ये है मेरी और मेरी मम्मी की सच्ची कहानी. मम्मी का साइज़ बता देता हूँ. उम्र: 40 कमर: 36 गांड: 40.. मेरा और भूपी का एक समान दोस्त है दीपू. उसका घर दो मंजिल है. नीचे वाला कंप्लीट है जहाँ पर वो रहता है और उपर वाले का अभी काम चल रहा है. फर्निश नही हुआ है. पर छत डली हुई है. दीपू ने अपने जन्म दिन पर अपने निकट दोस्त बुलाए थे और हमे और भूपी दोनो को बुलाया था. तो मम्मी और हम जन्मदिन में चले गये. मम्मी कुर्ता और पजामा पहनी हुई थी और हम वहां पहुंचे.करीब 8 बजे पार्टी शुरू हुई और सब बातें करने लगे और फिर सब को ड्रिंक सर्व होने लगी सभी अपने अपने दोस्तों में बैठ कर मजे कर रहे थे. करीब 40 से 50 लोग समारोह में थे. में अपने एक दोस्त के साथ बैठ गया. मम्मी भूपी और एक मम्मी की दोस्त भी बैठ गयी और सब बातें करने लगे भूपी ड्रिंक कर रहा था और मम्मी उसकी बची हुई कोल्डड्रिंक ले रही थी. रात के करीब 9.45 हो गये थे.
अचानक लाइट बंद हो गयी पर इन्वर्टर की लाइट में समारोह चल रहा था. फिर थोड़ी देर बाद मम्मी वहाँ से चली गयी बोल कर की अभी आती हूँ और उसके 5 मिनिट बाद भूपी ने दीपू को बोला मुझको थोडा काम है 30–35 मिनिट में आ जाऊँगा. और फिर चला गया. मेरी समझ में आ गया की मम्मी ने चुदवाने का प्रोग्राम बना लिया है.
मेंने भूपी का पीछा किया भूपी सामने की इमारत से छत पर चला गया. और में दोबारा आकर समारोह में बैठ गया और फिर करीब 10 मिनिट बाद मैने दीपू को बोला आ रहा हूँ क़िसी का फोन आया है और फिर में अंधेरे में पीछे की इमारत जो की पास में ही थी वाहा से ऊपर चड़ गया. मुझको कुछ दिखाई नही दे रहा था पर धीमी धीमी आवाज़ सुनाई दे रही थी.

मम्मी: कोई ऊपर आ गया तो.भूपी: आंटी कोई नहीं आएगा सब समारोह में मस्त है और ऊपर का मकान तो अभी पूरा नहीं बना है. कोई यहाँ क्या करने आएगा रात के 10 बजे है.
मम्मी: फिर भी कोई आ गया तो क्या कहोगे.
भूपी: बोल देंगे ऊपर की छत देखने आए थे क्योंकि अचानक लाइट बंद हो गयी थी. मम्मी: चलो फिर थोडा जल्दी जल्दी कर लो अपना काम.
भूपी: आंटी वो तो करूँगा ही जैसे ही तुम पार्टी में आई थी. यह ड्रेस देख कर मेरा तो वैसे ही लंड खड़ा हो गया था और पजामा इतना टाइट पहने हुई थी की अंदर की पैनटी की शेप नज़र आ रही थी.
मम्मी: बहुत गहरी नज़र से देखते हो.
भूपी: क्या करे आंटी लंड थमता ही नहीं है.
मम्मी: यह होल इसको थामने के लिए ही तो है. फिर अंदर से छप छप की आवाज़ आनी शुरु हो गयी. ऐसा लग रहा था जैसे स्मूच कर रहे हो.
मम्मी: आआहहह्ह्ह
भूपी: हााआ उफफफफ्फ़ अचानक लाइट आ गयी और रोड़ लाइट की थोड़ी सी लाइट अंदर जा रही थी. पर सब कुछ साफ नज़र आ रहा था. मम्मी का कुर्ता पूरा ऊपर था और उनके दोनो बूब्स बाहर लटक रहे थे. एक बूब्स भूपी चूस रहा था. वो स्मूच की आवाज़ नहीं बूब्स चूसने की आवाज़ थी मम्मी का साइड पोज़ मुझको साफ नज़र आ रहा था. एक बूब्स मूह में और दूसरा चूस रहा था और मम्मी मस्त हो रही थी.
मम्मी: बहुत बड़े कर दिए तुमने चूस चूस कर यह तो कुछ टाइम बाद कुर्ता फाड़ देंगे. भूपी: फटने दो ना थोड़ा बड़ा बनवा दूँगा पर बूब्स मोटे मोटे ही चूसने का मज़ा आता है. भूपी ने अच्छी तरह मम्मी के दबा कर बूब्स चूसे और मम्मी मज़ा ले रही थी.
मम्मी: भूपी अपनी छेद करने की मशीन तो बाहर निकालो.
भूपी: रानी ले चूस अब इसको.
मम्मी: आह कितनी सक्त है तुम्हारी छेद करने की मशीन.
भूपी: ऐसे ही थोड़ी बड़ी बड़ी तुम जैसी मोटी चूत में होल करती है.
मम्मी: भूपी बड़ा सक्त है. लो अब मेरी चूत चाटो.
भूपी: आंटी तुम्हारा तो पजामा बहुत टाइट है.
मम्मी: कोई बात नहीं जितनी टांगे चौड़ी करो ऊतना खुल जाता है. फिर मम्मी ने एका एक पजामा नीचे किया और भूपी चाटने लगा.
भूपी: उफ़फ्फ़ उफफफफ्फ़ आंटी क्या मस्त ख़ान है हीरे की.
मम्मी: जाओ फिर अंदर जाकर हीरा निकाल लो जल्दी करो. फिर मम्मी दीवार के साथ लग के घोड़ी बन गयी और दोनो टांगे खोल के बोली. डालो अब अपना साँप इस चूत में. एका एका भूपी ने अपना लंड मम्मी की चूत में सरका दिया.
मम्मी: यूउपप्प्प आ आ अहहा. नीचे से तुछ उप की आवाज़ आ रही थी.
मम्मी: ह्म ह्म तेज़ करो ना ऊऊहह ऑ भूपी नीचे से मम्मी की ठुकाई कर रहा था और दूसरे हाथ से उसने क़िसी को फोन लगाया.

भूपी: क्या कर रहा है जल्दी ऊपर आजा पर लंड खड़ा करके आना और फिर उसने फोन स्पीकर को चालू कर के मम्मी को दिया मम्मी के मुहं से आवाज़ें निकाल रही थी. ऊऊहह ऑश ज़ोर से चोदो और जोर से तेज़ तेज़ चोदो करीब 2 मिनट बाद फिर भूपी ने कहा खड़ा हो गया है तो आजा यार.
और फिर करीब 1 मिनट बाद दीपू ऊपर आया. दीपू ने आते ही अपना लंड बाहर निकाला और मम्मी के मुंह में डाल कर आगे पीछे करने लगा. पीछे से भूपी मम्मी की चुदाई कर रहा था. दीपू जल्दी में था उसने मम्मी के मूह से लंड बाहर निकाल और फिर 1 मिनट मम्मी के बूब्स चूस कर बोला.
दीपू: भूपी चल अब मुझको करने दे में सिर्फ 5 मिनट के लिए बाथरूम का बहाना करके आया हूँ. फिर भूपी ने अपना लंड बाहर निकाला और दीपू को बोला तू शान्ति से काम कर ले. दीपू पीछे आया और मम्मी की चूत में अपना लंड डाल दिया और बोला आंटी आपका तो बुलंद दरवाज़ा तो भूपी ने पहले ही खोल दिया है.
मम्मी: तुम्हे इंतज़ार ना करना पड़े इस लिया खुलवा लिया था.
मम्मी: दीपू बड़ा पक्का निशानेबाज है सीधा निशाने पर वार किया.
दीपू: आंटी 7 साल हो गये चोदते हुए अब भी निशाना पक्का नही होगा तो कब होगा और तुम्हारे जंगल में तो ख़ास कर मैने बहुत शिकार किया हुआ है. इस लिए चप्पे चप्पे का पता है.

दीपू: आंटी तुम दीवार से हाथ हटा दो और जमीन पर रख दो ताकि तुम्हारी चूत ऊपर आ जाएगी. वरना इस पोज़ में तो मेरी सारी पेंट गीली हो जाएगी. एक तो मेरा भी वीर्य मेरे ऊपर गिरेगा और दूसरी तुम्हारी चूत तो ऐसे गीली हो गई है जैसे नदी में बाढ़ आ गई हो.
मम्मी: बाढ़ तो आ गई है. मेरी चूत को तो तुम्हारे दोनो के अलावा कोई चोदता ही नही.
दीपू: चलो आंटी जल्दी करो टेड़ी हो जाओ.
फिर मम्मी ने अपने दोनो हाथ जमीन पर रख दिये ओर दीपू ने मम्मी की चूत में अपना लंड डाल दिया और धक्के मारने लगा. भूपी मम्मी की गांड की साइड पर अपना लंड तेज़ कर रहा था.
दीपू: आंटी होने वाला है और तुम्हारा?
मम्मी: तुम अपना काम कर लो अभी मुझे दूसरे को भी निपटना है. भूपी की हालत इतनी खराब है की अगर उसका लंड ठंडा नहीं किया तो वो पार्टी में सब के सामने चोदेगा.
भूपी: आंटी ठीक बोल रही है. तू अपना माल निकाल और चला जा नहीं तो अगर कोई तुमको ढूँढने ऊपर आ गया तो फिर ग़लत हो जाएगा.
दीपू: क्या आंटी अंदर ही वीर्य डाल दूँ.
मम्मी: जोश में होश मत खोना बाहर निकाल कर जमीन पर ही गिरा देना अपना वीर्य.
दीपू: नहीं आंटी जमीन पर नहीं गिराऊंगा आपकी चूत पर ही डालूँगा. मम्मी: नहीं नहीं कुर्ता गंदा हो जाएगा.
दीपू: चलो गांड पर डालने दो.
मम्मी: ठीक है डाल लो गांड तो क़िसी को भी दिखाई नहीं देगी. फिर एकाएक दीपू तेज़ हो गया और उसने अपना लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाला और सारा वीर्य मम्मी की गांड पर डाल दिया.
भूपी: तुम चले जाओ अब में 10 मिनट में आता हूँ. दीपू चला गया और फिर भूपी जोश में आया.
मम्मी: दीपू को तो अच्छा जन्म का उपहार मिल गया.

भूपी: हाँ आंटी इस से बड़िया गिफ्ट उसको कहाँ मिलेगा.
मम्मी: में घोड़ी बने हुए थक गयी हूँ.
भूपी: आंटी कोई और तरीका भी तो नहीं है. यहाँ पर लेटने का भी कोई इंतज़ाम नहीं है.
मम्मी: ऐसा करते हैं तुम पेंट उतारो और इस कुर्सी के ऊपर बैठ जाओ और में ऊपर से झटका मारती हूँ.
भूपी: ठीक है मेरी रांड फिर भूपी पेंट खोल कर कुर्सी पर बैठ गया और मम्मी उसके ऊपर बैठ कर ऊपर नीचे करने लगी और मम्मी की गांड ऊपर नीचे हिलने लगी. भूपी आंटी जल्दी करो होने वाला है.
मम्मी: थोडा टाइम लगेगा मुझको.
भूपी: नहीं मेरा होने वाला है निकल जाएगा. मम्मी ने लंड बाहर निकाला और बोली चलो 2 मिनट ऊँगली करो फिर बताती हूँ.
भूपी: कितनी डालूं?
मम्मी: तीन डाल दो.
भूपी ने तीन ऊंगली डाली और मम्मी को ऊँगली करने लगा 2 मिनट बाद मम्मी बोली निकालो ऊँगली और लंड मेरी चूत के अंदर डालो. मम्मी फिर घोड़ी बन गयी और भूपी ने मम्मी की चूत में लंड डाल दिया.
मम्मी: तेज़ करो फिर मम्मी ने अपनी गांड उसके साथ दबा कर रुक गयी.
मम्मी: भूपी मेरे नीचे हाथ लगा कर देखो कितना रस निकाला है.
भूपी: वॉवववव आंटी यह तो पूरा एक पेग जितना है.
भूपी: लो अब मेरा वीर्य भी निकालो. मम्मी भूपी की मूठ मारने लगी और फिर.
भूपी: रूको तुम्हारी जांगो पर डालना है और फिर उसने अपना सारा वीर्य मम्मी की जांगो पर डाल दिया.
मम्मी: भूपी तुमने तो मज़ा दे दिया.
भूपी: आंटी तुमने भी
और फिर सब नीचे चले गये. दोस्तों आज भी मेरे ये दोनों दोस्त मिलकर मेरी माँ चोदते है. और वो भी बड़े मजे से चुद्वाती

07/05/2021

बहन की मदद से उसकी सहेली की गांड मारी

मैंने पड़ोस की एक जवान लड़की की गांड मारी. वो मेरी बहन की सहेली थी. मेरी बहन ने ही उसकी गांड मारने में मेरी मदद की थी. कैसे हुआ ये सब?

दोस्तो, मेरा नाम रोहित कुमार है. मैं यूपी के लख़नऊ के नजदीक के एक गांव का रहने वाला हूँ.
ये सेक्स कहानी उस वक़्त की है, जब मैं 21 साल का था. उस समय तक मेरे लंड का साइज़ 2.5 मोटा और 6 इंच लंबा हो गया था.

मुझे सेक्स से बहुत प्यार है और सेक्स करना बहुत पसंद है. मेरे दिमाग़ में हमेशा ही सेक्स का कीड़ा कुलबुलाता रहता था.
मैं बस चाहता था कि कैसे भी किसी लड़की की गांड मारने को मिल जाए.

यही सोच सोच कर मैं बाथरूम में जाकर अपनी बहन रिया की पैंटी उठा कर लंड पर लपेट लेता था और मुठ मारकर उसकी पैंटी पर ही अपना वीर्य झाड़ देता था.

मेरी बहन रिया मुझसे 2 साल छोटी है. मैं सेक्स का इस कदर दीवाना था कि मुझे बस गांड मारने की चुल्ल होती थी.
मैं कभी कभी बहन के बाजू में सोते समय उसी की गांड पर लंड लगा दिया करता था.

मेरी बहन भी जवान थी, उसे भी मेरे कड़क लंड का अहसास हो जाता था. वो मेरे सेक्स के कीड़े को समझती थी.

जब घर पर कोई नहीं होता था तो मैं अपनी बहन को किसी ना किसी बहाने से लंड दिखा दिया करता था.
वो भी नज़रें छिपा कर मेरा खड़ा लंड देख लेती थी.

जब मैं उसके सामने मुठ मारने लगता था तो ऐसे दिखावा करता था जैसे मैंने उसे देखा ही नहीं है.
वो भी छुप छुप कर मेरे हाथ लंड पर चलता देख लेती थी.

हमारे पड़ोस में एक लड़की थी. उसका नाम सरीना था. सरीना की उम्र करीब 20 साल की थी. वो सेक्स में बड़ा इंटरेस्ट रखती थी.
उसकी चुचियां एकदम मस्त उठी हुई थीं और काफी बड़ी थीं. उसकी चूचियों को देख कर लगता था कि ये या तो किसी से अपनी चूचियां मिंजवाती है या खुद ही मसलती है.

एक दिन घर कोई नहीं था तो मैंने टॉयलेट के बहाने से अपनी बहन रिया को लंड दिखा दिया.
फिर बाथरूम में जाकर खुला दरवाजा कर के मुठ मारने लगा.

रिया गेट के पास से छुप कर मेरा लंड देखने लगी. मैं समझ गया था कि रिया मेरा लंड देख रही है.
तो मैं आंख बंद करके मुठ मारता हुआ ‘आह सरीना डार्लिंग आह … आह सरीना तेरी मस्त गांड मारने को मिल जाए … आह मेरी सरीना रानी ..’ की आवाज़ कर रहा था.

ये सब करता हुआ जैसे ही मेरे लंड से वीर्य निकला तो मैं एकदम से पलट गया.
मैने जानबूझ कर ऐसा किया था. इससे हुआ ये कि गेट के पीछे से मुँह निकाल कर देख रही रिया के मुँह में वीर्य की पिचकारी जा घुसी.

वो ‘हिस् … छीई … थू थू ..’ करके हट गई.

मैंने उसको देखा और बिना शर्माए लंड हिलाता हुआ बोला- क्या हुआ?
वो मेरे लंड को देखते हुए बोली- भाई तूने तो मेरे मुँह पर ही अपना वो झाड़ दिया.

मैंने लंड अन्दर करते हुए कहा- तू इधर क्या कर रही थी?
वो चुप हो गई.

तो मैंने कहा- चल मुँह धो ले.
मैंने उसका चेहरा धुलवा दिया.

फिर हम दोनों रूम में आ गए और टीवी देखने लगे.

मैंने हंसते हुए पूछा- कैसा लगा मेरा गाढ़ा वीर्य!
वो शर्मा गई और बोली- कुछ नहीं भाई … तुम चुप रहो.

मैंने कहा- बता न!
वो बोली- पहले तू ये बता कि अपना वो हिलाते समय ‘सरीना सरीना ..’ क्यों कर रहा था!

मैंने कहा- यार, सरीना की गांड बड़ी मस्त है … मैं उसके नाम की मुठ मार रहा था
रिया बोली- तुझे सरीना की गांड इतनी पसंद है?
मैंने कहा- हां यार.

ऐसे ही बात करते करते मेरा लंड खड़ा हो गया.
तो मैंने लंड फिर से बाहर निकाला और उससे कहा- देख सरीना की गांड की बातों से कितना टाइट खड़ा हो गया.

वो लंड देख कर शर्माने लगी.
मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया और उससे मुठ मरवाने लगा.

एक दो पल बाद मैंने उसका हाथ छोड़ दिया मगर वो अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाती रही.
उसे मेरा लौड़ा पकड़ना बड़ा अच्छा लग रहा था.

मैंने उससे कहा- यार, तू मुझे सरीना की गांड दिला दे ना एक बार.
वो लंड सहलाते हुए बोली- मैं उसकी गांड तुझे कैसे दिलाऊं भाई?

मैंने कहा- कर ना यार कोई जुगाड़.
वो बोली- कैसे करूं … तू तरीका बता?

मैं उसे प्लान बताने लगा.
मैंने उसे बेड से नीचे बिठाया और वो मेरे लंड की मुठ मारते हुए मेरी बात सुनने लगी.

मैं उसे प्लान बताने लगा- जब घर पर कोई ना हो, तो तू उसे घर बुला लेना. तुम उसे मेरे बारे में ये भी बता देना कि मैंने रोहित का लंड देखा है, बहुत मस्त है. वो मुठ मार रहा था. तब देखा था. तू भी चाहे तो किसी दिन चुपके से तुझे भी अपने भाई का लंड दिखा सकती हूँ. उससे बोलना कि अगर उसका लंड मिल जाए चुदाई के लिए, तो मजा आ जाएगा.

ये सुनकर मेरी बहन ने कहा- ठीक है.

अब तक मेरा लंड झड़ने वाला हो गया था तो मैंने उससे कहा- रिया, मेरा वीर्य झड़ने वाला है.

उसने मेरी बात सुनकर भी कुछ नहीं कहा, बस मुठ मारती रही.
मैं समझ गया कि ये मेरे रस को निकलता देखना चाहती है.

मैंने अपना सारा वीर्य उसके चेहरे पर ही झाड़ दिया.
वो इस बार बड़े मजे से अपना फेशियल करवा रही थी.

मैंने लंड से ही उसके गाल पर लगे पूरे वीर्य को मल दिया, तो वो मजे से आंख बंद करके मेरे लंड से अपने गाल पर मेरे लंड का वीर्य मलवाने लगी थी.

फिर ऐसे ही कुछ दिन बीत गए.

अब मेरी बहन जब तब मेरे लंड की मुठ मारकर अपने चेहरे का फेशियल करवा लेती थी.

एक दिन मुझे रिया के रूम में सोना पड़ा क्योंकि उस दिन घर में अतिथि आए हुए थे.
उस रात को मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया. इससे मेरा लंड रिया के सामने खुला हुआ था.

मैंने रिया के हाथ में लंड दे दिया.
रिया मेरे पेट पर सर रख कर लेट गई ओर लंड को देखते हुए मुठ मारने लगी.

मैंने रिया के मुँह में उंगली घुसा कर उसका मुँह खोला और लंड मुँह के पास ले आया.

वो समझ गई कि मैं मुँह में लंड लेने की कह रहा हूँ. उसने मेरा लंड चूसने से मना कर दिया.

मैंने कहा- एक बार डाल कर तो देख.
मगर उसने मना कर दिया.
मेरे बार बार कहने पर भी नहीं मानी.

जब रात को जब हम दोनों सो गए तो 2 बजे के करीब मेरी आंख खुली.
रिया उस समय गहरी नींद में थी. मैं नंगा ही था और रिया की गांड मेरी तरफ थी. उसकी टी-शर्ट पेट तक उठी थी.

यह सीन देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. मैं उसके मुँह के पास को आ गया. मेरा मन रिया के कोमल होंठों में अपना लंड देने का था.

मैंने रिया के होंठों के बीच उंगली घुसाई, तो उसने नींद में ही मेरी उंगली मुँह में डाल कर चूसनी शुरू कर दी.

मैं समझ गया कि रिया को अभी भी बचपन की आदत है. जब हम छोटे थे तो मॉम हमें सोते हुए में ऐसे ही उठा कर गिलास या बॉटल मुँह से लगा दिया करती थीं. हम दूध पी लेते थे.

मैंने उसकी इस आदत का फायद उठाया और तुरन्त अपना लंड निकाल कर रिया के होंठों पर लगा दिया.
उसने मेरे लंड को तुरन्त अपने मुँह में ले लिया और निप्पल की तरह चूसने लगी.

मैंने मोबाइल में उसका ये वीडियो बनाना शुरू कर दिया.

रिया मेरा लंड बहुत ज़ोर से चूस रही थी शायद वो नींद में ये सोच रही होगी कि अब इसमें से दूध निकलेगा.

मुझे लंड चुसवाने में बहुत मजा आ रहा था.

कुछ देर बाद मेरा लंड झड़ने को आया और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.
वो मेरे लंड का सारा वीर्य पी गई.

मैंने वीडियो सेव की … और सो गया.

अगले दिन रात को मैंने रिया से बोला- कल तो तुम लंड मुँह में लेने को मना कर रही थीं, फिर लंड कैसे चूस कर रस खा लिया?
वो हैरानी से मेरी तरफ देखने लगी और बोली- भाई, ये सब क्या कह रहे हो?

मैंने उसे रात की पूरी बात बताई कि कैसे मजे में उसने मेरा पूरा लंड चूसा और वीर्य पी गई.
उसे मैंने वीडियो भी दिखाई.
वो हंस दी.

उसके बाद रिया अक्सर मेरा लंड चूसने लगी और मेरे लंड के वीर्य पी जाती थी.

एक दिन रिया की सरीना से वो बात हुई जो मैंने उसे बोलने को बोला था.
उसने भी सेक्स में इंटरेस्ट दिखाया और वो दोनों मेरे लंड को लेकर खुल्लम खुल्ला बात करने लगीं.

अब मुझे सरीना की गांड मारने का मौक़ा चाहिए था.

चार दिन बाद ही वो मौका हाथ आ गया. उस दिन मम्मी पापा को मौसी के यहां जाना पड़ गया. घर पर हम दोनों ही अकेले थे.

मैंने मम्मी पापा के जाते ही अपने कपड़े उतार दिए. मैं केवल अंडरवियर बनियान में आ गया.

रिया मुझे देख रही थी. वो मेरे करीब आ गई और मैंने लंड रिया के हाथ में दे दिया.

उसने लंड हिलाना शुरू कर दिया.

मैंने उससे कहा- अब सरीना को बुला ले.
वो बोली- हां बुला कर लाती हूँ, जरा सब्र तो करो. तुम्हारा लंड भी तुम्हारी तरह बेसब्र हो रहा है.

मैं- वो आ जाए तो उसे कम्बल में साथ में लिटाना है.
रिया- मतलब एसी फुल पर करना होगा.

मैं- समझदार है मेरी बहना.
रिया ने आह भरते हुए कहा- अब भाई के लिए छेद का इंतजाम करना है तो समझदारी दिखानी ही पड़ेगी.
मैंने हंस कर दिखा दिया.

कुछ देर मेरा लंड चूसने के बाद वो उसे बुलाने चली गई.

मैं प्लान बनाने लगा.

सरीना 10 मिनट बाद आई और हम सब टीवी देखने लगे.

मैंने रिया को आंख मारी और उससे एसी तेज करने का इशारा किया.
उसने एसी तेज कर दिया.

कमरे में ठंडक हो गई तो हम सब कम्बल में लेट गए और टीवी देखने लगे.

मैं उन दोनों के बीच में था. सरीना मेरे लौड़े के आगे थी और रिया पीछे थी. इस समय सरीना की गांड मेरी तरफ थी.

रिया ने मेरा अंडरवियर नीचे करके लंड पकड़ लिया और थूक लगा कर मुठ मारने लगी.

इधर मैंने सरीना की गांड पर हाथ रख दिया. उसने कुछ नहीं कहा तो मैं उसकी गांड सहलाने लगा.

कुछ देर बाद मैंने सरीना की लैगी के अन्दर हाथ डालकर उसकी गांड पर हाथ रख दिया.

वो अपनी गांड को मेरे लिए खोल कर लेट गई.
मैंने अपनी उंगली में थूक लगा कर उसकी गांड में घुसा दी.
वो उछल कर आगे को खिसक गई … पर लेटी रही.

मैं उसकी चुत और गांड को मसलने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने रिया का हाथ अपने लंड से हटाया और सरीना का हाथ लंड पर रखवा दिया.

लंड को पकड़ते ही सरीना की आंख खुली रह गईं.
मेरा मजबूत और सख़्त गर्म लंड सरीना के हाथ में था.
वो लंड सहलाने लगी.

थोड़ी देर बाद मैंने लंड का टोपा सरीना की गांड पर लगा दिया और मुठ मारकर उसकी गांड पर ही लंड झाड़ दिया.

अब मैं सरीना के चुचे दबाने लगा और लंड रिया के हवाले कर दिया.
रिया मेरा लंड सहलाने लगी.

मैंने रिया का सर कम्बल में घुसेड़ा और अपना लंड उसके मुँह में लगा दिया.
मेरी बहन मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैंने अपनी एक उंगली रिया की चुत में डाल दी. इससे वो उछल गई क्योंकि मेरी बहन रिया की गांड और चुत दोनों अभी तक सीलपैक थीं.

रिया लंड चूसती रही और मैं उसकी चुत में उंगली चलाता रहा.

दस मिनट बाद मेरा लंड खड़ा हो गया. उधर सरीना की चुत पानी छोड़ चुकी थी.

मैंने रिया को आंख मारी और उससे इशारा किया कि फ्रेश होने के बहाने चली जा और गेट के बाहर छुप कर खड़ी हो जा.

वो फ्रेश होने का बोल कर चली गई.

मैंने कंबल हटाया और अपना खड़ा लंड सरीना के हाथ में दे दिया.

सरीना बोली- क्या कर रहे हो. रिया आ जाएगी.
मैंने कहा- वो अभी नहीं आएगी, फ्रेश होकर बीस मिनट बाद आएगी. तू जल्दी से गांड मरवा ले.

सरीना बोली- नहीं मैं नहीं दूंगी.
मैंने कहा- जल्दी दे यार … नाटक मत कर.

वो बोली- नहीं यार, तेरा बहुत मोटा है. अन्दर जाएगा ही नहीं. तेरी उंगली तो पूरी घुसी नहीं. लंड कैसे जाएगा?
मैंने कहा- मैं आराम से डालूंगा. सब चला जाएगा.

वो बोली- तुम कम्बल ढक लो, नहीं तो रिया आ जाएगी.
मैंने कहा- मैं नहीं ढक रहा, जब तक तू नहीं देगी … तब तक मैं कुछ नहीं मानूँगा.
वो बोली- चलो ठीक है.

उसे बेड पर ही मैंने कुतिया बनाया. बाहर की तरफ उसकी गांड करके खुद नीचे खड़ा हो गया.
मैंने उससे कहा- तू कम्बल में घुस जा … ताकि वो आई तो उसे लगेगा मैं मुठ मार रहा हूँ और तू सो रही है.
सरीना बोली- ठीक है.

उसने अपने पैर मोड़ कर गांड बाहर कर दी और खुद कम्बल में घुस गई.

रिया बाहर से देख रही थी.
मैंने उसे इशारे से करीब बुलाया और नीचे बैठा कर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया.
उसने लंड को अपने थूक से गीला कर दिया.

अब तक मैंने सरीना की गांड में उंगली से बहुत सारा थूक लगा दिया था. मेरी बहन ने मेरा लंड पकड़ कर लड़की की गांड पर सैट किया ओर मैंने लंड दबा दिया.

लंड का टोपा धीरे धीरे गांड में घुस गया. सरीना दर्द से आ आह करने लगी.
मैंने कहा- चुप रह साली … वर्ना रिया आ जाएगी.

वो चुपचाप कम्बल में पड़ी गांड में लंड झेलती रही.

मैंने दो मिनट ऐसे ही गांड में लंड चलाया और तभी रिया ने मेरे लंड पर थूक लगा दिया. लंड चिकना हुआ तो मैंने एक ज़ोर का झटका दे मारा.

मेरा दो इंच लंड सरीना की गांड में घुस गया. उसकी आवाज़ अटक गई और वो एकदम निढाल होकर पड़ गई.
उसकी आवाज़ बंद हो गई थी.

मैंने लंड निकाला और रिया के मुँह में दे दिया.
रिया ने पूरा लंड थूक से भिगो दिया.

मैंने झट से लंड सरीना की गांड पर रख कर फिर से एक ज़ोर का झटका दे मारा. इस बार मेरा पूरा लंड सरीना की गांड में जड़ तक घुसता चला गया.
सरीना की चीख निकल गई और इसी के साथ वो कम्बल से उठ गई.
रिया तुरन्त बेड के नीचे खिसक गई.

मैं सरीना की गांड मारने लगा.
उसे दर्द होने लगा और वो रोने लगी उसने मुझसे छूटने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसे टाइटली पकड़ लिया और उसकी गांड मारने लगा.

कुछ मिनट बाद सरीना जैसे पहले कम्बल में घुसी गांड मरवा रही थी. वो फिर से वैसी ही हो गई.
मैंने कम्बल ढक दिया और गांड दबादब पेलने लगा.

अब तक रिया पलंग के नीचे से निकल कर गांड मारने की विधि ध्यान से देखने लगी.
मैंने उसको दूसरी तरफ झुकाया और उसकी गांड में भी एक उंगली पेल दी.

सरीना की गांड में लंड चल रहा था. उसकी गांड फट गई थी तो थोड़ा खून लग गया था.
उसकी गांड का छेद एकदम लाल हो चुका था.

मुझे लड़की की कुंवारी गांड मारने में बहुत मज़ा आ रहा था. सरीना के मुँह से आवाज़ भी नहीं निकल रही थी. वो एक तरह से पत्थर की शिला सी पड़ी थी. उसकी बस आंखें खुली थीं और हल्की हल्की कराहने की आवाज आ रही थी.

दस मिनट तक उसकी गांड मारने के बाद जैसे लंड झड़ने को आया. मैंने रिया को घुमाया ओर लंड उसके हाथ में दे दिया.
रिया ने हाथ से हिला कर लंड का वीर्य सरीना की गांड के ऊपर झाड़ दिया.

कुछ देर बाद सरीना को मैंने गोद में उठा कर उसे बाथरूम ले गया और लड़की की गांड की सिकाई कर दी.

अब वो मेरे साथ जब तब गांड मराने लगी थी. अभी उसकी चुत की सील तोड़ना बाकी है, अगली बार उसकी चुत चुदाई की कहानी लिखूँगा.

दोस्तो ये थी जवान लड़की की गांड मारने की सच्ची कहानी. आपको कैसी लगी

05/05/2021

मॉम की चुत चुदायी करके दिल खुश हो गया

मैं मादरचोद बन गया. एक दिन मैं मूतने के लिए बाथरूम में जल्दी से घुस गया. मूतने के बाद देखा कि मेरी मॉम वहां नंगी नहा रही थी. इसके बाद क्या हुआ?

सभी लंड वालों और चूत वालियों को नमस्ते. मैंने अपनी मॉम को उन्हीं के बिस्तर में कैसे चोदा, इस सेक्स कहानी में आपको पढ़ने मिलेगा. मैंने मादरचोद बन कर अपनी मॉम की चुदाई की.
जो पाठक मां बेटे की चुदाई की कहानी से परहेज करते हैं, वो पहले ही समझ लें और इस कहानी को छोड़ कर कोई दूसरी कहानी पढ़ लें.

मैं अपनी छोटी बहन को भी चोद चुका हूँ, उसकी चुदायी की कहानी आपको बाद में बताऊंगा, लेकिन अभी तो मॉम की चुदाई की कहानी पर फोकस करते हैं.

दोस्तो, मेरा नाम यश कुमार है, मेरी उम्र 20 साल से कुछ माह ज्यादा है. मैं मध्यप्रदेश के रीवा जिले से हूँ. मेरे घर में पांच लोग हैं. पापा मॉम भाई बहन और मैं.
मेरे पापा C.A. हैं और मेरा भाई का साड़ियों का व्यापार है. मैं भी अपने भाई के साथ व्यापार में व्यस्त रहता हूं.

अब मैं अपनी मॉम के बारे में बताता हूं.
मेरी मॉम का नाम सरिता (बदला हुआ नाम) है.
उनकी उम्र 43 साल है, लेकिन दिखने में वो 30-32 से ज्यादा की नहीं लगती हैं.
मेरी मॉम का साइज 34-28-38 का है.

मॉम का ये फिगर कामुक साइज किसी का भी लंड खड़ा करने के लिए बहुत है.
जब वो बाहर निकलती हैं, तो मोहल्ले के सभी लंड उनकी मादक जवानी को सलामी देते हैं.

ये बात 2 महीने पहले उस समय की है, जब लॉकडॉउन खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी.

मेरे पापा काम के सिलसिले में अक्सर बाहर ही रहते हैं और भाई सुबह 9 बजे ही दुकान चला जाता है. मैं 11 बजे तक जाता हूं.
हम दोनों भाइयों की रोज की यही दिनचर्या थी. पापा सुबह 9.30 बजे ऑफिस चले जाते थे.

एक दिन की बात है, मुझे बुखार हो गया था. उस दिन मैं दुकान नहीं गया था.
मॉम ने मुझे दवा खिलाई और अपने काम में लग गईं.

मेरी मॉम सुबह ही नहा लेती हैं लेकिन उस दिन किसी काम की वजह से उनको नहाने में दोपहर हो गई थी.
मेरी बहन खाना बना रही थी. मैं दवा लेकर आराम करने लगा था.

मॉम ने सोचा कि मैं सो गया हूं, तो वो नहाने चली गईं. बाथरूम का दरवाजा उन्होंने लॉक नहीं किया था.

मुझे बहुत जोर की पेशाब लगी … तो मैं पेशाब करने बाथरूम में जाने लगा.
मैं जल्दी से अन्दर घुस गया और अपना लौड़ा निकाल कर मूतने लगा.

जब मुझे सुकून मिला, तब मेरी नजर मेरी मॉम पर पड़ी जो बिल्कुल नंगी मेरे सामने खड़ी थीं.
उनको नंगी देख कर मेरा लौड़ा खड़ा हो गया … जिसे मॉम ने नोटिस कर लिया था.

मॉम को नंगी देख कर मेरा मन कर रहा था कि मम्मी को वहीं पटक कर चोद दूं … लेकिन मेरी उन के साथ कुछ भी की हिम्मत नहीं हो रही थी.
और मॉम मेरे खड़े लौड़े को बार बार खा जाने वाली नजर से देखे जा रही थीं.

मैंने एक पल मॉम की आंखों को ताड़ा और अपने रूम में आकर आराम करने लगा.

मेरी आंखों के सामने मेरी मॉम की नंगी जवानी ही घूम रही थी. मम्मी की तनी हुई चूचियां और उठी हुई गांड मुझे बार बार गर्म कर रही थी.

और मेरा लंड बैठने का नाम नहीं ले रहा था. मैं बिस्तर में पड़े पड़े ही अपना लंड हिलाना शुरू कर दिया और मुठ मार के ठंडा पड़ गया.

मैंने ठान लिया था कि मैं मॉम की चुदायी करके ही रहूंगा.

अब मैं मौका तलाशने लगा कि कब मेरी मॉम की चुत चोदने के लिए हासिल हो जाए.

वो कहते हैं ना कि भगवान के घर देर है … अंधेर नहीं.

आखिरकार वो दिन आ ही गया. पापा को अपने ऑफिस के काम से भोपाल जाना था.
मॉम ने ये बात मुझे बताई, तो मैं सोच में पड़ गया कि मॉम ये मुझे क्यों बता रही हैं. आजतक इससे पहले मॉम ने मुझे पापा के बाहर जाने को लेकर कभी नहीं कहा था.
क्या मॉम मुझे अपने साथ चुदाई करने के लिए आए इस मौके के बारे में रास्ता दिखा रही हैं कि लंड घुसेड़ने का मौका है.

उस दिन मैं मॉम की इस बात को कई बार सोचा और अंदाजा लगा लिया कि कुछ न कुछ तो मॉम के दिमाग में भी चल रहा है या उनकी चुत में कीड़ा काट रहा है.
ये विचार मन में आते ही मुझे बेचैनी होने लगी.

जैसे तैसे मैंने समय काटना शुरू कर दिया.

मैं नहा धोकर नाश्ता करने गया तो मैंने मॉम से जानबूझ पूछा- पापा भोपाल से कब तक वापस आएंगे?

उन्होंने बड़े उत्साह से मुझे बताया कि वो 2-3 दिन से पहले नहीं आने वाले हैं.
ये बताते समय मॉम मेरी तरफ ही देख रही थीं कि मेरा क्या रुझान है.

मुझे भी ये जानते हुए बड़ी खुशी होने लगी थी कि इस बार शायद मॉम की चुत चुदाई का मौक़ा मिल गया है.
बस इसी विषय को सोचते हुए मेरी आंखें वासना से भर गईं, जिसे मेरी मॉम ने भी नोटिस कर लिया था.

मैंने सोच लिया कि इस 3 दिन के अन्दर मॉम को चोदकर रहूंगा.

उसी दिन रात को मॉम ने मेरे कंधे पर हाथ रख कर मुझे सहलाते हुए मुझसे कहा- मुझे अकेले डर लगता है, तू मेरे साथ सो जाएगा क्या?
मैंने उनकी आंखों में झांकते हुए हां कर दिया.

जब सोने का समय हुआ तो मैं मॉम के कमरे में चला गया.

मेरी बहन मुझसे सवा एक साल छोटी है. वो भी आज मॉम के साथ ही उनके कमरे में सोने आई थी.
हालांकि मैं अपनी बहन को चोद चुका हूं इसलिए ये देख कर मुझे थोड़ी सी निराशा हुई मगर सोचा कि देखता हूँ, हो सकता है आज मुझे मॉम और बहन दोनों की एक साथ चुदाई का अवसर मिल जाए.

बिस्तर में पहले मॉम फिर मैं और लास्ट में मेरी बहन लेट गई थी.

भाई और मेरा अलग रूम है, तो भाई अपने रूम में सो रहा था.

मैंने रात को अपनी बहन की पैंटी के अन्दर हाथ डाल दिया और उसकी चूत को सहलाने लगा जिससे उसको भी मज़ा आने लगा और वो मादक सिसकारियां निकालने लगीं.

कुछ देर बाद मैंने हिम्मत करके अपना हाथ मॉम के दूध के ऊपर रख दिया.

तभी मॉम ने मेरा हाथ पकड़ लिया और वो मेरे हाथ को अपने दूध के ऊपर दबाने लगीं.
मैंने समझ लिया कि इनकी चुत में आग लगी है और आज मॉम पक्के में मेरे लंड को अपनी चुत में लेकर ही मानेंगी.

मैंने देर ना करते हुए अपना दूसरा हाथ उनकी चूत पर रख दिया और चुत को सहला दिया.
इससे उनकी आह निकल गई.

तभी मैंने अपनी मॉम की तरफ़ देखा, तो मैं हैरान हो गया. मेरी मॉम ने पैंटी नहीं पहनी थी.

मैंने सोचा कि ये अच्छा मौका है इनका कांड करने का!

अब मैंने अपने होंठ मॉम के होंठों पर रख कर उन्हें किस करने लगा. जिसमें वो भी मेरा पूरा साथ देने लगीं.

करीब 5 मिनट तक हम दोनों ने किस क़िया, फिर मैं नीचे उनके मम्मों पर आ गया.
कसम से मॉम के चूचे किसी खरबूजे से कम नहीं थे. अपने दोनों हाथों से मैं मॉम के मम्मों को दबाने और चूसने लगा.

तभी उन्होंने बोला- जल्दी क्या है … आराम से कर बेटा. मैं भागी थोड़े ना जा रही हूँ.

मॉम के बूब्स चूसने के बाद मैंने उनकी नाभि पर किस किया, जिससे वो सिहर गईं.

फिर मैंने मॉम की चूत पर मुँह रख दिया. मॉम की चुत भट्ठी की तरह गर्म थी.
मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया … जिससे वो ‘आह आह ..’ की आवाज निकालने लगीं.

दस मिनट तक मॉम की चुत चाटने के बाद उनकी चूत का रस निकलने लगा जिसे मैं किसी कुत्ते की तरह चाटते हुए पूरा पी गया.
उनकी चूत का रस बहन के रस से भी ज्यादा स्वादिष्ट था.

मैंने उनसे अपना लौड़ा चूसने को बोला तो वो झट से नीचे आ गईं और हाथ में लंड लेते ही सकपका गईं.

मैंने पूछा- क्या हुआ मॉम?
तो वो बोलीं- तेरा लंड तो तेरे बाप से भी बड़ा है.

ये कह कर मॉम ने फिर झट से मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और किसी मस्त रांड की तरह लंड चूसने लगीं.
क्या मस्त तरीके से चूस रही थीं मॉम … एकदम बाजारू रंडी की तरह लंड गपागप चूस रही थीं.

कुछ मिनट बाद जब मेरा काम तमाम होने को आया, तो मैंने उन्हें बिना बताए ही अपना वीर्य उनके मुँह में निकाल दिया, जिसे वो पूरा पी गईं.

फिर मॉम लंड की गोटियां चाटते हुए बोलीं- तेरा वीर्य बड़ा स्वादिष्ट है.

मैं आज बहुत खुश था.

मेरी बहन कनखियों से मुझे अपने लंड को चटवाते हुए देख रही थी.

अब हम दोनों से रहा नहीं जा रहा था, तो उन्होंने बोला- अब जल्दी से अन्दर डाल से मेरे राजा … फाड़ दे मेरी चूत को … आह अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है.

मैंने अपने लौड़े को पकड़ा और मॉम की चूत की फांकों में रगड़ने लगा.
मॉम किसी रंडी की तरह गांड उठाते हुए बोलीं- अब डाल भी दे ना मादरचोद … रगड़ क्या रहा है.

मैंने अपना लौड़ा मॉम की चूत की फांकों में फंसाया और एक झटका दे मारा.
इस झटके से आधा लौड़ा चुत के अन्दर चला गया.

एकदम से आधा लंड चुत में घुसा तो मॉम की आह निकल गई.
वो दर्द से कराहते हुए बोलीं- आराम से डाल ना भोसड़ी के … मार डालेगा क्या!

मैंने एक ओर झटका मारा, तो पूरा का पूरा लौड़ा चुत के अन्दर घुस गया और मैं जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगा.

मेरी मॉम मेरा लंड लेकर मादक सिसकारियां लेने लगीं- आह … सिस्स … मादरचोद फॅक मी … ओर जोर से चोद माँ के लौड़े … आह और जोर से चोद दे.

मॉम की चुत चुदते देख कर मेरी बहन अपनी चुत में उंगली करते हुए मेरी तरफ देखने लगी थी.
मैंने उसे आंख मारते हुए कुछ न बोलने का इशारा कर दिया.

करीब 20 मिनट तक मॉम की चुत में लंड के शॉट मारते हुए मैंने कहा- मेरा होने वाला है … कहां निकालूं!
वो बोलीं- मादरचोद, अन्दर ही डाल दे.

मैंने 6-7 धक्के बाद लंड का माल चुत के अन्दर ही डाल दिया.

चुदाई के बाद हम दोनों बहुत थक गए थे. इसलिए मैं मॉम के ऊपर ही लेट गया और अपनी बहन की चूचियां मसलने लगा.
वो भी मस्त हो रही थी.

कुछ देर बाद मैंने मॉम के बाजू में लेटते हुए उनकी गांड देखी, तो वो बड़ी टाइट लग रही थी.

मैंने गांड मारने का प्लान भी बना लिया.

मैं उठा और वैसलीन की डिब्बी ले आया. थोड़ी सी वैसलीन मैंने अपने लंड पर लगाई और ज्यादा सी वैसलीन उनकी गांड के छेद में उंगली डालकर लगा दी.

मॉम हंस दीं और बोलीं- तेरा मन नहीं भरा क्या?
मैंने कहा- मॉम, इतनी लवली चुत मारने के बाद कौन ऐसी रसमलाई सी गांड को छोड़ेगा.

मॉम ने कुछ नहीं कहा.
मैंने उन्हें पोजीशन में लिया और अपना लंड गांड पर सैट कर दिया.
पहले झटके में लंड फिसल गया.

फिर मॉम ने लौड़े को पकड़कर अपनी गांड में सैट किया और कहा- अब पेलो.
मैंने जोर का झटका मारा तो मेरा लौड़ा मॉम की गांड को चीरते हुए अन्दर घुस गया.

मॉम ने कराहते हुए कहा- आह फाड़ दिया रे … मादरचोद ने गांड फाड़ दी.

मैं रुक रुक कर मॉम की गांड मारने लगा और धक्के लगाने लगा.
जिससे कुछ ही देर बाद उनको भी मज़ा आने लगा.

अब मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी. बीस मिनट तक मॉम की गांड मारने के बाद मैं उनकी गांड में ही झड़ गया.

उस रात मैंने मॉम को 5 बार चोदा.

जब मॉम थक कर सो गईं तब बहन ने मेरे लंड को पकड़ लिया और बोली- भैन के लंड … मादरचोद … अब मेरी आग भी बुझा दे.

मैंने अपनी बहन को अपने लौड़े पर बिठा कर बहन की चुत चोद दी.

इसके बाद जब भी मुझे अपनी मॉम को चोदने का मौका मिलता, तो हम मॉम बेटे चुदायी कर लिया करते.

अगली सेक्स कहानी में मैं आपको अपनी बहन और मॉम की एक साथ हुई चुदाई की कहानी लिखूंगा

20/04/2021

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20/04/2021

सर्दी में मामी की चूत चोदकर प्रेगनेन्ट किया

इन्सेस्ट चुदाई स्टोरी मेरी मामी की प्यासी चूत चुदाई की है. सर्दी में मामी मेरे रूम में कुछ समय रही. रात में ठंड में सोते हुए हमारे जिस्म कैसे मिल गए?

नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम अमन है और आज मैं पहली बार अपनी मामी की चुदाई के बारे में आप को अन्तर्वासना की सहायता से बताने जा रहा हूं.
कुछ गलती हो तो माफ़ करना क्योंकि ये मेरी पहली रियल इन्सेस्ट चुदाई स्टोरी है।

गोपनीयता के कारण मैंने सभी नाम बदल दिये हैं. बाकी की कहानी वैसी ही है जैसी कि घटित हुई थी. अब आप कहानी का आनंद लें.

मेरी मामी का नाम कुसुम (बदला हुआ नाम) है. उनकी उम्र 26 साल और मेरी 21 साल है.

मुझे साइज का तो उतना पता नहीं था इसलिए मैं बता नहीं पाऊंगा कि उस समय उनका साइज कितना था लेकिन उनके चूचे पूरे हाथ में भर जाते थे।

बात तब की है जब मैं 12वीं के एग्जाम देने वाला था. उसमें कुछ ही दिन बचे थे।

उस वक्त मैं शहर में कमरा लेकर पढ़ रहा था.

मेरे एग्जाम होने में मुश्किल से दो महीने का वक्त ही बचा हुआ था और कमरे पर रहते हुए मेरा समय खाना बनाने और दूसरे कामों में बहुत ज्यादा व्यर्थ हो जा रहा था.

इस वजह से मेरे घरवालों ने कुछ दिन मेरी मामी को मेरे यहां भेजने का फैसला किया.

मेरी मां ने मामा से बात कर ली और वो मामी को कुछ दिन के लिए मेरे यहां पर भेजने को राजी हो गये.

जहाँ मैं रहता था वहां मैंने एक रूम लिया हुआ था जिसमें मैंने एक बेड एक टेबल और एक कुर्सी डाल रखी थी.
रूम बड़ा होने की वजह से काफी जगह और भी बची थी.

मामी के आने के बाद हम लोगों को सोने की दिक्कत तो होनी ही थी तो उसके पहले ही मैंने एक रजाई और गद्दा उनके लिए लिया था.
क्योंकि एग्जाम मार्च में होने थे और मामी को जनवरी में आना था तो ठंड बहुत थी उस समय।

जब वो अपने घर से चलीं तो मम्मी ने बोला था कि उनको जाकर बस स्टेशन से रिसीव कर लेना.
मैं उनके आने से आधा घंटा पहले ही बस स्टेशन पर पहुंच गया.

जब मामी बस से उतर रही थीं मैं उनको देखता ही रह गया.

पहले मामी पतली थी और अब मामी का बदन भर गया था. उनका फिगर कुछ ज्यादा ही उभर आया था. वो एकदम से टॉप क्लास सेक्सी औरत बन गई थी.
मेरा तो मन किया कि वहीं जोर से पकड़ कर भींच लूं लेकिन ऐसा हो नहीं सकता था।

फिर हम लोग सीधे अपने रूम पर आये और थोड़ा आराम किया.
फिर मामी ने पूछा कि अमन घर में बनाने के लिए क्या है और क्या खाना पसंद करोगे?

मैं बोला- जो रखा हुआ है वही बना दीजिए. अब कल सब सामान ले कर आऊंगा।

मामी ने खाना बनाया. हम लोगों ने साथ में खाया.
फिर हम लोग आपस में बातें करने लगे.

कुछ देर बात करने के बाद वो कहने लगी- अमन मैं बहुत थक गयी हूं, बस का सफर काफी थकान भरा था इसलिए मैं अब थोड़ी देर आराम करना चाहती हूं.

मैंने कहा- ठीक है, आप सो जाइये, कहां सोना है आपको? बेड पर या नीचे वाले गद्दे पर?
मामी बोली- मैं नीचे वाले गद्दे पर सो जाऊंगी, तुम बेड पर सो जाना.
मैंने कहा- ठीक है।

हम लोग सोने के लिए अपना अपना बिस्तर सही करने लगे और अपने अपने बिस्तर में घुस गए.
रात को मैंने देखा कि मामी को फर्श पर ठंड लग रही थी; उनका पूरा बदन सिकुड़ा हुआ था.

मैंने मामी से कहा कि आप ऊपर सो जाओ तो उसने मना कर दिया.
मुझे ये अच्छा नहीं लग रहा था कि मैं ऊपर बेड पर सो रहा हूं और मामी नीचे गद्दे पर सो रही थी.
मैंने उनको फिर से बोला लेकिन उन्होंने फिर भी मना कर दिया.

किसी तरह से फिर मैंने उनको रिक्वेस्ट की और मनाया तो वो मान गयी और ऊपर सोने के लिए तैयार हो गयीं.
मैं नीचे जाकर फर्श पर बिछे गद्दे पर सो गया.

मगर फर्श बहुत ठंडा था और गद्दा भी नीचे से ठंडा पड़ा हुआ था.
मेरी तो ठंड में गांड फटने लगी. मैंने सोचा कि पता नहीं मामी ने इतनी देर इतनी ठंड को कैसे सहन कर लिया.

फिर मैं भी पैर सिकोड़ कर सो गया.
अगली सुबह मैंने मामी से पूछा कि आप इतनी ठंड में कैसे सोती रही?
तो वो बोली- अगर तुम बेड पर लेटने के लिए न पूछते तो नहीं सो पाती.

अगले दिन हमारा वक्त ऐसे ही गुजर गया. दिन में मैंने पढ़ाई की और मामी के साथ फिर शाम को मार्केट से सामान लेने चला गया.

रात को फिर से सोने की बारी आई तो मामी कहने लगी कि अगर तुझे ठंड लगती है तो मैं ही नीचे सो जाऊंगी. तुम ऊपर बेड पर सो जाना.

मैंने सोचा कि मैं मामी को नीचे नहीं सुला सकता. मगर खुद नीचे सोने में मेरी भी गांड फट रही थी.
फिर हम दोनों ने सोचा कि उसी बेड पर सो जायेंगे.

हमने अलग अलग कोने में सोने का फैसला किया.

मगर बेड सिंगल था तो उस पर ज्यादा जगह नहीं थी. फिर हम दोनों एक दूसरे की तरफ गांड करके सोने लगे.

रात को जब बगल से हवा लगने लगी तो मामी पीछे आ गई.
मुझे भी हवा लग रही थी तो मैं भी पीछे आ गया. हम दोनों की गान्ड टच होने लगी एक दूसरे से।

मामी ने अपना मुंह मेरी साइड कर दिया. मैं तब भी वैसे ही सोया था लेकिन रात को कब मैं घूम गया पता ही नहीं चला.

एक दूसरे की सांसें हमारे एक दूसरे के चेहरे पर पड़ रही थीं.

मैंने रात को नींद में ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन जब हम सुबह उठे तो बिल्कुल पास पास में ही थे।
तब मामी तुरंत उठ कर चली गई.

उसके बाद हम दोनों एक ही बेड पर सोने लगे.

फिर एक दिन ऐसा हुआ कि बात हमारी सोच से बहुत आगे तक चली गयी. हमने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा होगा।

एक रोज दोपहर में जब हम सो रहे थे तो मेरा हाथ पर मामी का सिर के आ गया.
मुझे जब पता चला तो मेरा हाथ उनके सिर के नीचे दबा हुआ था और मैंने मामी को उठाना ठीक नहीं समझा.

मैंने पाया कि मामी की गांड मेरे लंड के बहुत करीब आ गयी थी. उनकी गान्ड मेरे लंड को छूने लगी थी.
मुझे पता नहीं क्या हुआ कि मेरा लंड खड़ा होने लगा; मन में चुदाई के ख्याल आने लगे.

फिर मैंने थोड़ा सा और अपनी गांड को आगे की ओर धकेला और अपना आधा तनाव में आ चुका लंड मामी की गांड से थोड़ा और ज्यादा सटा दिया.
मैंने थोड़ा सा आगे आकर थोड़ा और लंड को चुभाया. मैं भी गांड पर लंड से दबाव लगा.

मुझे महसूस हुआ कि मामी की गांड भी पीछे की ओर ही जोर लगा रही थी.
शायद मामी जाग रही थी.
मगर मैं अभी पूरे भरोसे के साथ नहीं कह सकता था.

फिर मैंने लंड का दबाव बढ़ाना रोका और देखने लगा कि क्या मामी भी मेरे लंड पर अपनी गांड को सटाने की कोशिश कर रही है?

मैंने पाया कि मामी की गांड मेरे लंड की ओर सटती चली आ रही थी.
अब मेरी हिम्मत बढ़ी और मैंने मामी की गांड की दरार के ठीक बीच में लंड का टोपे वाला नुकीला भाग लगाया और आगे हाथ ले जाकर उनकी चूची पकड़ ली.

मामी की चूत हाथ में आते ही मैं उसको जोर जोर से दबाने लगा और उनकी गांड पर लंड के धक्के देने लगा जैसे कि मैं उनको चोदने की कोशिश कर रहा हूं.

वो एकदम से हड़बड़ा कर उठी और मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.
मामी बोली- ये क्या कर रहा है अमन तू … ये क्या हरकत है? मुझे नहीं पता था कि तू इतना बिगड़ चुका है. मैं आज ही तेरी मां से इसकी शिकायत करूंगी.

मैं तो घबरा गया.
मैंने सोचा था कि मामी चुदना चाह रही है और मैं भी मौके का फायदा उठा लूं लेकिन यहां तो सारी बात ही उल्टी पड़ गयी थी.
अब तो मेरी ही गांड की पिटाई होने वाली थी.

होश संभालकर मैंने बात को संभालने की कोशिश की और बोला- सॉरी मामी, मैं तो नींद में था. पता नहीं कैसा सपना देख रहा था कि हाथ आगे चला गया. मुझे माफ कर दो मामी. मेरी कोई गलती नहीं है, मैंने ऐसा कुछ भी जानबूझकर नहीं किया है.

फिर बहुत रिक्वेस्ट करने के बाद वो मानीं और मैंने उनको मेरे मामा की कसम दे दी कि वो इस बारे में किसी को नहीं कहेंगी।
उस दिन पर कुछ नहीं हुआ.

फिर रात को सोते समय फिर से वही होने लगा. मैं जब सोया हुआ था तो मामी की गांड मेरे लंड से सट गयी. मैं अबकी बार संभला और सीधा होकर लेट गया ताकि लंड गांड पर न जा लगे.

दस मिनट के बाद अचानक मेरी नींद फिर से टूटी. मैंने पाया कि मामी का हाथ मेरे लोअर पर ठीक मेरे झांटों के पास रखा हुआ था. ये अहसास पाकर मेरे लंड में तनाव आने लगा.

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मामी के हाथ को हटाऊं या लंड को खड़ा होता रहने दूं. मैं डर भी रहा था और मजा भी लेना चाहता था. मैंने उनके हाथ को हटाया नहीं.

मेरा लंड पूरा तन गया और झटके देने लगा. मामी का हाथ वहीं रखा हुआ था.

फिर मैंने धीरे से उनके हाथ को अपने हाथ से थोड़ा सा नीचे की ओर सरका दिया.
अब मामी का हाथ मेरे उठे हुए तंबू पर टिक गया.

मेरे लंड में झटके लगने लगे और मन करने लगा कि बस अब मामी मेरे लंड को पकड़ कर इसकी मुठ मार दें.

फिर वो हुआ जिसका मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था. मामी के हाथ की पकड़ मेरे लंड पर कस गयी. उसने मेरे लंड को लोअर के ऊपर से ही हाथ में भर लिया और फिर पास आते हुए मेरे कंधे पर सिर रखकर मेरे कान में धीरे से सुबह के लिए सॉरी कह दिया.

मैं समझ गया कि वो दिन की बात के लिए सॉरी कह रही हैं.
मैंने उनके कंधे को सहलाना शुरू कर दिया और वो मेरे लंड को मेरी लोअर के ऊपर से ही सहलाने लगीं.

मेरे हाथ फिर उनकी चूचियों पर पहुंच गये.
अब मैं मामी की चूचियों को दबाने लगा. वो भी धीरे धीरे गर्म होने लगी.

फिर उसने मेरे लोअर के इलास्टिक के नीचे से ही मेरे अंडरवियर में हाथ डाल लिया और लंड को हाथ में पकड़ कर सहलाने लगी.
मेरा लंड एकदम गर्म रॉड की तरह तप रहा था.

फिर हम दोनों के होंठ मिल गये और हम दोनों एक दूसरे को चूमने चाटने लगे. अब हम दोनों के हाथ एक दूसरे के चेहरे पर आ गये थे. हम दोनों एक दूसरे के चेहरे को चूम रहे थे.

उसके बाद मैंने मामी के कपड़े उतारने शुरू कर दिये. उसकी साड़ी को खोला और ब्लाउज के ऊपर से उसके मम्मे दबाये.
वो भी काफी गर्म थी इसलिए जल्दी से सेक्स का मजा लेना चाहती थी.

मामी ने अपना ब्लाउज और ब्रा जल्दी से खोल दिया और चूचे आजाद कर दिये.
मैंने उनकी चूचियों को मुंह में लेकर पीना शुरू कर दिया. एक चूची को पीते हुए मैं दूसरी को हाथ से दबा रहा था.

अब मेरा हाथ नीचे उनके पेटीकोट के ऊपर से उनकी चूत का स्पर्श पाने की कोशिश में लगा हुआ था.

मैंने मामी के पेटीकोट के नाड़े को खोलने की कोशिश की तो मामी ने नाड़ा खुद ही ढीला कर दिया.

तुरंत मैंने हाथ अंदर दे दिया. मेरा हाथ सीधा उनकी चूत पर पहुंच गया जिस पर मामी ने पैंटी भी नहीं पहनी थी.
फिर मैं उनकी चूत को सहलाते हुए उनके चूचे पीने लगा.

मामी एकदम से सिसकारने लगी- आह्ह … अमन … आह्ह … स्स … आह्ह … चूस ले … पी जा … इनको।
मैं जोर जोर से मामी के बूब्स का दूध निचोड़ता रहा.

जब फिर उनसे रहा न गया तो उन्होंने मेरी टीशर्ट उतरवा दी और मुझे ऊपर से नंगा करके चूमने लगीं.
फिर उन्होंने मेरे लोअर को भी नीचे खींच दिया और मेरे अंडरवियर को भी खींचकर उतार दिया.

मेरे तने हुए लौड़े को मामी मुंह में भरकर रंडी की तरह चूसने लगी. मेरे हाथ मामी के सिर पर आ गये और मैं लंड चुसवाने का आनंद लेते हुए उनके सिर को अपने लंड पर दबाता रहा।

अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था. मैंने उनको हटाया और उनकी टांगों को चौड़ी करके उनकी चूत में मुंह लगा दिया.
मैं मामी की चूत चाटने लगा. मामी जोर जोर से आह्ह … आह्ह … आईई … स्स् … आह्ह करके सिसकारने लगी.

वो मेरे सिर को अपनी चूत में दबाने लगीं.

अब दोनों से ही नहीं रुका जा रहा था. मैंने मामी की चूत में लंड डालने का सोचा ही था कि मामी ने मेरे मुंह को अपनी चूत से हटा दिया और मुझे नीचे लिटाकर मेरे लंड पर आ बैठीं.

मामी ने मेरे लंड को हाथ में पकड़ा और अपनी चूत के द्वार पर लगा लिया. फिर उसने अपनी गांड आगे धकेलते हुए मेरे लंड को अपनी चूत में धीरे धीरे अंदर लेना शुरू कर दिया.

देखते देखते मामी ने मेरे लंड को अपनी चूत में उतरवा लिया और फिर आगे पीछे होकर मेरे लंड से खुद ही चुदने लगीं.
वो चुदते हुए मस्त मस्त आवाजें करने लगी- आह्ह .. अमन … चोदो … आह्ह … चोदो मुझे … तुम्हारे मामा में वो दम नहीं है जो मेरी प्यास को बुझा सके।

मैं भी मामी की कामुक बातों से प्रेरित होकर उनकी गांड को पकड़ कर तेजी के साथ चूत में लंड के धक्के देने लगा.
मामी की चूचियां एकदम से तनकर टाइट हो गयीं थी जो हर धक्के के साथ हवा में डोल जाती थीं.

कुछ देर चुदने के बाद वो नीचे आकर लेट गयी और मुझे ऊपर आने को कहा.
मैंने भी देर न की और उनकी टांगों को फैलाकर उनकी चूत पर लंड लगाया और ऊपर लेट गया.

मैं तेजी से मामी की चूत में लंड के धक्के लगाते हुए फिर से एक बार चोदने लगा.
मामी ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होंठों को पीने लगी.
मैं भी उनके होंठों को चूसते हुए उनकी चूत को चोदता रहा.

अब मामी की पकड़ और ज्यादा कसने लगी थी. फिर मामी ने मेरी गांड पर अपनी टांगों को लपेट लिया और मुझे कसकर भींचते हुए जोर से आह्ह … आह्ह … करते हुए झड़ गयी.

मामी की चूत से रस छूट गया और मेरा लंड पूरा उस रस में गीला हो गया.
अब जब मैं उनकी चूत में धक्के लगा रहा था तो पच पच की ध्वनि सी पैदा हो रही थी.

अब मैं भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया था और फिर मैंने जोर जोर से मामी की चूत में धक्के लगाते हुए उनकी चूत में ही अपना वीर्य छोड़ दिया.
हम दोनों हांफ रहे थे और सर्दी में भी पसीना पसीना हो गये थे।
मेरा स्पर्म उसकी चूत के अंदर ही गिर गया.

उस रात फिर ऐसे हम लोगों ने तीन बार चुदाई की और रोज ही करने लगे.
वहां पर हमें कोई रोकने वाला नहीं था.

मैं रोज ही मामी की चुदाई करने लगा और बहुत ही मजा आने लगा.
मैं तो अब मजे में था मगर धीरे धीरे चुदाई करते हुए टाइम का पता नहीं चला और मेरे एग्जाम पास आ गये.

फिर एग्जाम से कुछ दिन पहले वो अपने घर चली गई और मैं आगे की पढ़ाई के लिए तैयारी करने लगा.
एक दिन मामी का फोन आया और जो उसने बताया उसे सुनकर मैं हैरान हो गया.

मामी बोली- अमन … मेरे पेट में तुम्हारा बच्चा है। तुम पापा बनने वाले हो।
ये सुनकर मेरे हाथ पैर कांपने लगे.

मैं वहीं बैठ गया. मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है.
फिर मैंने खुद को थोड़ा संभाला और कहा- क्या ये सच है मामी?
वो बोली- हां, बिल्कुल सच है, मेरे पेट में तुम्हारा ही बच्चा है और मैं इसे जन्म दूंगी.

वो बोली- मगर अमन तुम्हें मेरी कसम है कि ये बात सिर्फ तुम्हें और मुझे पता है. ये बात तुम किसी से नहीं कहोगे.
दोस्तो, अपने बच्चे के लिए मैंने भी कसम खा ली. आज तक भी मैंने वो कसम नहीं तोड़ी है.

फिर नौ महीने के बाद मामी ने एक बेटे को जन्म दिया. मैं एक बच्चे का बाप बन गया था.
मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि मामी के पेट से मेरा बच्चा निकला है. मगर मामी बहुत खुश थी. मैं भी खुश था.

अभी तक ये राज हम दोनों के बीच में ही है. मगर मैंने आज ये बात कहानी के माध्यम से आप लोगों को बताई है. आपको ये इन्सेस्ट चुदाई स्टोरी पढ़कर कैसा लगा मुझे जरूर बताना. मैं भी जानना चाहता हूं कि आप क्या सोचते हैं इस बारे में

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