Crossfit Gym

Crossfit Gym Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Crossfit Gym, Sports, Sonipat.

गोंद के लड्डू हम सब का देसी whey प्रोटीन है । क्यूंकि मैं कभी जब भी माँ से प्रोटीन लाने के पैसे मांगता था वो अक्सर कहती ...
29/10/2020

गोंद के लड्डू हम सब का देसी whey प्रोटीन है । क्यूंकि मैं कभी जब भी माँ से प्रोटीन लाने के पैसे मांगता था वो अक्सर कहती क्या करेगा प्रोटीन फ्रोटिन का ..तेरा लिए पांच किलो देसी घी के लड्डू बना दूंगी ।
सर्दियों में अक्सर सभी घरों में बनते हैं । गोंद को भून कर पीसते हैं फिर भुने हुए आटे में खांड (शक़्कर) के साथ मिलाकर उसमें देसी घी ,तिल, dryfruits ,नारियल गोला डाल कर एकदम बढ़िया से गोल गोल लड्डू तैयार होते हैं । अक्सर जच्चा -बच्चा के लिए ,गर्भवती महिलाओं के लिए तैयार किये जाते रहे हैं । लेकिन धीरे धीरे ये चीजें पीछे छूट रही हैं ।
गोंद एक तरह का चिपकने वाले तरल पदार्थ होता हैं जिसे अक्सर बबूल कीकर पेड़ों की परिवार से निकल जाता हैं । उसे सूखा कर क्रिस्टल बनाये जाते हैं । बजार में आपको इसी रूप में ये मिलते हैं ।
आयुर्वेदा और traditionally भी हम सब के घरों में इसकी importance को बहुत पहले जाना जा चुका हैं और इसी लिए ये हम सब की दादी नानी का फेवरेट ताकत booster रहता हैं ।गोंद की तासीर गर्म होने की वजह से इस सर्दियों में अक्सर खाया जाता हैं ।

अब ये बताओ कौन कौन दोस्त बना कर भेजने वाला हैं मेरे लिए ? 😁😁

पोस्ट अच्छा लगा तो मेरा नाम का भी एक खा लेना 🧡

शरीर में किसी भी तरह बदलाव के लिए धैर्य रखें । किसी भी तरह का shortcut (कोई भी गोलियाँ या  कोई सप्लीमेंट ) आपके काम का न...
20/10/2020

शरीर में किसी भी तरह बदलाव के लिए धैर्य रखें । किसी भी तरह का shortcut (कोई भी गोलियाँ या कोई सप्लीमेंट ) आपके काम का नहीं है उल्टा आपके शरीर को नुकसान जरूर पहुंचा सकता है।अपने goals को एक महीना - तीन महीने - छः महिने या एक साल में बाँटें ।
आपके पहले महीने का goal सिर्फ और सिर्फ आपके exercise करने का रूटीन बनाना होना चाहिए ।
तीन महीने का - Exercise करने की सही तकनीक सीखने पर
छः महीने - आपको कुछ फर्क दिखना महसूस होगा । मैं वजन घटने या बढ़ने की बात नहीं कर रहा है । आपकी शरीर की ताकत बढ़ेगी ,हड्डियां ,जॉइंट्स मजबूत हो चुके होंगे । आपको भी अपने शरीर में आये बदलाव महसूस होना शुरू हो जायेंगे ।
सालभर में आपको वो बदलाव महसूस होंगे जिन्हे सोच कर आपने Exercise करना शुरू किया था ।

ध्यान रखियेगा
-अच्छी आदतें - अच्छे results समय लेते है
- सही तकनीक होगी तो किसी भी तरह की injuries होने के chances कम होंगे
- खुद को impress करने के लिए workout करें दूसरों को नहीं
- रूटीन /consistency रहेगी तो results भी आएंगे और ज़िंदगीभर टिकेंगे भी
- ध्यान रखियेगा ,"दिनचर्या " ठीक करनी है ,आदतें ठीक करनी है ,वो हो गई तो फिर कोई जादुई गोलियों की तलाश नहीं रहेगी ।

पोस्ट अच्छा लगे तो कमेंट में नीचे "No shortcuts " लिखना न भूलियेगा।
अपने यार दोस्तों के लिए share या टैग करना न भूलें।

WISHING YOU VERY HAPPY BIRTHDAY हनुमान जी 🙂 चलिए उनके जन्मदिन पर कुछ special लिखने का मन था ,आशा करता हूँ आपको पसंद आएगा...
08/04/2020

WISHING YOU VERY HAPPY BIRTHDAY हनुमान जी 🙂 चलिए उनके जन्मदिन पर कुछ special लिखने का मन था ,आशा करता हूँ आपको पसंद आएगा 🙂

-हर अखाड़े या GYM में क्यों पाए जाते है हनुमान जी ?
-“ताक़त या शक्ति की बात” की जहाँ होती हो और बजरंग बली का नाम न आये ऐसा कैसे हो सकता है ?
- क्या "हनुमान" सिर्फ "पहलवान" के ही होते है या फिर ये यूँ कहूँ की पहलवान "हनुमान" के ही होते है ?
-खुराक -खुबात (मेहनत) के अलावा भी बजरंग बली भी जरूरी होते है Body बनाने के लिए ?

इन् सभी बातों के जवाब देने थोड़ा मुश्किल है लेकिन फिर भी कोशिश करते है |

मैं आशा करता हूँ की आप सभी को रामायण का मूलभूत ज्ञान तो आवश्यक होगा , इसीलिए सीधा मुद्दे की बात पर आते है |देखिये भगवान हनुमान प्रमुख तौर पर दो चीजों के प्रतीक रहे है और ये दोनों ही चीजें आपस में कुछ इस तरह जुडी है की एक के बिना दूसरी अधूरी है या फिर यूँ कहूँ की एक दूसरे की पूरक है |

ये दो चीजें है :-शक्ती और भक्ति

-शक्ति (STRONG/SUPER POWERFUL) और
-भक्ति /लगन (DEDICATION/COMMITMENT)

भगवान हनुमान के चरित्र के ये दोनों विश्ष्ट गुण आपस में कुछ इस तरह जुडे थे की उनका सबसे अधीक “शक्तिशाली” होना उनके भगवान राम के प्रति स्वार्थहीन (SELF-LESS) भक्तिभाव से ही था | महान शक्ति उनकी भक्ति का ही एक सीधा प्रतिबिंब (reflection) था ।

जितनी ज़्यादा उनकी भक्ति - उतनी ज़्यादा उनकी ताकत ;
और
शानदार उनकी ताकत - उतनी ही उनकी भक्ति की शुद्धता (Purity) ।

चलिए पहले “शक्ति “ शब्द का मतलब समझते है ।
शक्ति का मतलब आपके के शरीर में कितनी जान है इस से नही है “कितनी जान” हो सकती है उस से है ..(आसान शब्दों में कहूँ तो Potential Energy/Capabilities ) |

बल (Power) शक्ति का एक बहुत छोटा हिस्सा भर है ,एक रिक्शा-चालक रिक्शा खिंच रहा है वो शारीरिक बल तो है लेकिन शक्ति नही |
उसका उल्टा कम बलशाली व्यक्ति भी शक्तिशाली हो सकती है | शक्ति का असल संचार (flow ) ऐसे मौको पर होता है जब सभी शारीरिक क्षमताओ (Physical capacity) से ऊपर उठकर कुछ करते है, आप खुद की क्षमताओं से परे कुछ कर पाते है |

शक्ति =

शारीरिक शक्ति (Physical capabilities) + भक्ति (dedication) + आत्म बोध (self awareness) + आत्म-नियंत्रण (Self-control)
के एक संगम से उत्पन्न होती है। एक व्यक्ति जब तक शक्तिशाली नही माना जा सकता है जब तक की वो एक अच्छा और नैतिक जीवन व्यतीत नहीं करता ।

भगवान हनुमान को उसी शक्ति की मिसाल के रूप में देखा जाता है । हनुमान “शक्ति और पौरूष “ का सार है जो स्पष्ट रूप से एक रचनात्मक जीवन में शक्ति के प्रतीक हैं ।

किसी भी खिलाडी /पहलवान के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। भगवान हनुमान के रूप में अपनी शक्ति के दिव्य रूप (IDEAL IMAGE ) को देख सके ।

अब बात करते है दूसरे पहलू की यानी -"भक्ति की "

शक्ति की तरह, भक्ति (लगन) एक सामान्य अर्थ है जो अपने रोजमर्रा के जीवन में खिलाडियों / पहलवानों के लिए विशेष महत्व प्राप्त है।

भक्ति –लगन (Dedication-Commitment-Discipline) शब्द के दो मुख्यस्वरूप है
पहला यह एक आध्यात्मिक दृष्टिकोण (Meditational prespective) है जो एक पूरे धार्मिक व्यक्तित्व को परिभाषित करने के लिए मात्र प्रार्थना और पूजा से परे चला जाता है। भक्ति जीवन का एक तरीका है। रामचरित्रमानस में, लक्ष्मण, भरत, विभीषण, और सीता सभी के लिए राम -भक्ति प्रेम तो था लेकिन हनुमान जी की भक्ति का प्रभु प्रेम "शुद्ध भक्ति" का एक practical उदहारण है । हनुमान जी द्वारा अपनी छाती चीर "माता सीता और प्रभु राम" की तस्वीर दिखना केवल उनके निश्छल स्वार्थ-हीन (self-less) प्रेम भाव को दर्शन मात्र था जिसमें प्रभु भक्ति को किसी मतलब -स्वरूप या परिणाम की इच्छा रखने हेतु नही किया करते थे ।

खिलाडी या पहलवान के लिए, तथापि, हनुमान जी की “भक्ति और प्रार्थना” खुद पर ध्यान केंद्रित (FOCUS ) का primary Medium है। भक्ति रोजमर्रा की जिंदगी में आत्मचेतना (self consciousness) को जीवत रखने का एक पहलु है ।
काम-व्यायाम, आराम ,खाना खाते समय या किसी भी तरह का दैनिक दिनचर्या के साथ साथ खिलाडी अपने मन की आंखों में सांकेतिक रूप में हनुमान की तय छवि को रखता है । हनुमान की सोच "मन को शांति" देता है, इस जीवन में ऐसा कुछ भी नही है जो एक आदमी नहीं कर सकता है। वह अपने दिल में ,व्यायाम मेंऔर प्रशिक्षण में हनुमान की छवि को संजोता है । यही सिद्धांत जीवन के अन्य पहलुओं के लिए भी सच है। खिलाडी के लिए हर विचार हनुमान है और हर सांस एक “भक्ति प्रार्थना” अपने जीवन जीने के लिए लेना चाहता है।

अभी भक्ति के दूसरे पहलु पर भी बात करते है ।

यह अपने गुरु से अपने रिश्ते के लिए एक मॉडल उपलब्ध कराता है।“ गुरु-चेला” संबंध अखाड़ो में सर्वोपरि हुआ रहे है । एक पहलवान अपने गुरु की सेवा करने के लिए खुद को आत्मसमर्पित करता है। हनुमान जी कई ऐसे काम जो भगवान राम के लिए उन्होंने किये उनके “भक्ति-सेवा” के उदाहरण स्पष्ट करते है । गुरु नैतिक जीवन जीने की राह दिखता है।

खिलाडी या पहलवान छोड़िये एक आम आदमी भी अगर बजरंग बली के इन् ये दो मुख्य गुणो को अपना ले तो वह अपना जीवन सफल बना सकता है 🙂

बस अब जय बजरंग बलि बोलकर post शेयर जरूर कीजिएगा 🙌🙌

नरायण मूर्ति से पूछा गया की कोई ऐसी ख़्वाहिश जो रह गई है ज़िन्दगी में ?तो उनका जवाब पता है क्या था ,काश मैं अपनी सेहत पर...
07/03/2020

नरायण मूर्ति से पूछा गया की कोई ऐसी ख़्वाहिश जो रह गई है ज़िन्दगी में ?
तो उनका जवाब पता है क्या था ,काश मैं अपनी सेहत पर थोड़ा ज़्यादा ध्यान दे पाता ।
ऑफ़िस ,business ,Targets ,Presentation ,party ,Meetings सब चलते रहते है ..
फिर traffic फिर परिवार .. आपकी सेहत इन सबके बीच पीछे छूटने लगती है
आप “जो” है वो पीछे छूटने लगते हैं ।
अपका best version पता है कब होगा ?
जब आप सेहतमंद रहेंगे । बस यही बात याद दिलानी थी आपको 🙏🏻

और trainer भाई मन ही मन बस ये सोच रहा होता है कि “या खुदा एक खून माफ़ कर दे बस ...भाई पहले Gym तो आ हफ़्ता भर 🙊
04/03/2020

और trainer भाई मन ही मन बस ये सोच रहा होता है कि “या खुदा एक खून माफ़ कर दे बस ...

भाई पहले Gym तो आ हफ़्ता भर 🙊

जोश में शुरू किया GYM अक्सर लोग जल्दी छोड़ देते है ,क्यूँ भला ?1. एकदम साधु ना बने । 9 बजे उठने वाला आदमी ,पिज़्ज़ा बर्ग...
17/02/2020

जोश में शुरू किया GYM अक्सर लोग जल्दी छोड़ देते है ,क्यूँ भला ?

1. एकदम साधु ना बने । 9 बजे उठने वाला आदमी ,पिज़्ज़ा बर्गर पर जीने वाला एकदम उबले खाने पर कैसे जी पायेगा ?

2.कम से कम तीन हफ़्ते बहुत basic training करें । वो भी maximum 20-30 minutes बस ।

3.रोज़ वज़न नापने की ज़रूरत बिलकुल नहीं है । अपने शरीर की limitations को जाने ।

4.Training partner समझदारी से चुने। या अकेले भी सफ़र की शुरूवात कर सकते है ।

5.Coach /Trainer की guidance में ही training करें ।और शुरूवाती दिनॊ में कोई जल्दी result का pressure भी ना बनाये ।

6.ऐसा Gym join करें जहाँ का माहौल postive हो motivating हो ।

7.Health अगर priority नहीं रखी तो एक दिन health ही priority रह जायेगी ।

8.मिस्टर फ़क़ीरचंद ने तीन महीने में 20 किलो वज़न घटा दिया तो आप भी घटा देंगे ऐसा बिलकुल भी ना सोचें । अपने शरीर को जाने -समझें ।

बातें अच्छी लगी आई -समझ आई हो तो कृपया अब GYM छोड़ने से पहले इन सब बातों को ज़रूर ध्यान रखियेगा ।

Please do share ,tag and spread this meassage 🙂

😂😂😂
02/02/2020

😂😂😂

मैराथन की तैयारी कर रहे दोस्तों को GYM से दूर भागने की जरुरत नहीं है | Muscles हो चाहे न हो लेकिन muscles में जान होना म...
01/02/2020

मैराथन की तैयारी कर रहे दोस्तों को GYM से दूर भागने की जरुरत नहीं है | Muscles हो चाहे न हो लेकिन muscles में जान होना मांगता boss |

जैसे की आप अपना दौड़ का Training schedule तैयार करते है ,अपने rest -recovery का करते है ,अपने Nutrition का करते है उसी हिसाब से आपको weight ट्रेनिंग भी आपके training schedule का हिस्सा होना चाहिए |

मैराथन दौड़ कोई बच्चों का खेल नहीं है -यहाँ दिल -दिमाग -शरीर सबका तालमेल होना जरुरी होता है | और इन सब को मजबूत -Training ही करती है | लम्बी रेस में अक्सर muscles घट जाते है -क्यूंकि शरीर glycogen store घटने के बाद energy, Muscles तोड़ कर ही लेता है |

इसीलिए Strong muscles आपको running में न सिर्फ Support देंगे बल्कि आप race के बाद recovery भी जल्दी से कर पाएंगे |

और वो मजबूती आएगी कहाँ से -Strength training से |

कब कब न करें ?

सही पढ़ा आपने -लम्बी रेस के अगले दिन बिलकुल भी नहीं करनी है ,recovery का time भी उतना ही important होता है जितना की training का |

हफ्ते में कोई भी दो दिन

एक दिन upper body
एक दिन lower body

अब सोचेंगे की upper body क्यों भला ?

एक strong upper बॉडी की जरुरत होती है -
हाथों की सही movement pattern के लिए -और ये सही movement pattern की कमी जब बड़ी महसूस होती है -जब शरीर fatigue(थकना ) होना शुरू करता है | और अगर upper body weak होगी तो आप जल्दी थकेंगे और फिर race पर ध्यान लगा पाना फिर मुश्किल होगा |

कौन कौन सी training करनी है ?
Majorly वो सब जिसमें compound movements होती हो -मतलब की जहाँ दो या उस से ज्यादा muscles engage होती है |

NOTE -Isolation movement वाली exercises आपको करने की जरुरत नहीं है -"Energy reserves और body" recovery करने में ज़्यादा समय लेंगी |

Upper body के लिए
1 .PUSH UP
2.Bench Press (Incline /Flat)
3.Barbell Shoulder Press
4.Dead-lift
5.Clean & Push Press
6.Pull up /Chin up

Lower Body के लिए
1.Squats
2.Lunges
3.Leg Press

Exercise Volume बिलकुल भी जय्दा नहीं रखियेगा -
3-4 set और हर set में 6 -8 rep range Maximum

एक जरुरी जानकारी और -Core Muscles का मतलब सिर्फ abs नहीं होते है -
ABS +SIDES + Lower back + Glutes (आपकी तशरीफ़ ) + Hamstrings

Plank तो regular basis पर करते रहा करें |

एक और जरुरी बात और -training load को हर हफ्ते कम से कम 5 -10% जरूर बढ़ाते रहियेगा |

जीवन का परम आनन्द कब मिलेगा -
जब से चहरे पर आई "थकान" -finishing line पर मुस्कान में बदल जायेगी ।

Awareness शब्द इस post में सबसे ज़रूरी है ।आपको पता है कोई चीज़ है क्यूँ कर रहें है बस वही सबसे ज़रूरी है ।Awareness में...
31/01/2020

Awareness शब्द इस post में सबसे ज़रूरी है ।
आपको पता है कोई चीज़ है क्यूँ कर रहें है बस वही सबसे ज़रूरी है ।
Awareness में दिमाग़ और दिल दोनो जुड़े होते है । दोनो present होते है ।
ये awareness सब जगह ज़रूरी होती है -खाते हुए ,Exercise करते हुए ,काम करते हुए ,पढ़ते हुए ,समय ज़ाया करते हुए ,किसी से बात करते हुए ..... ।

समझिये सिर्फ़ protein और Gym सेहत नही होते । आप सजग है अपने Actions के प्रति तो आप बहुत आसानी से खुद से जुड़ सकते है । आपको पता होगा की क्या चीज़ आपके लिये बेहतर है क्या नही । ज़िन्दाबाद रहिये ।

-फूलतीं साँसे-सफ़ेद बाल-Low fertility -पीले दाँतये सब चीज़ें आपको दिखाई देने वाले Visible बदलाव हैं ।Invisible बदलाव में...
30/01/2020

-फूलतीं साँसे
-सफ़ेद बाल
-Low fertility
-पीले दाँत

ये सब चीज़ें आपको दिखाई देने वाले Visible बदलाव हैं ।

Invisible बदलाव में फेफडों का Cancer /गले का cancer प्रमुख होते है ।

Cool दिखोगे का पता नही बुज़ुर्ग दिखने लगोगे उसका पक्का है ।

🏋🏻‍♂️🏋🏻‍♂️🥇🥇
30/01/2020

🏋🏻‍♂️🏋🏻‍♂️🥇🥇

👉🏻 Single Arm Dumbbell Row 👈🏻❌❌❌ पहले ग़लत की बात करते है ।-कमर मुड़ी हुई ।-पैर की position आगे ।- हाथ का ROM (Range of ...
29/01/2020

👉🏻 Single Arm Dumbbell Row 👈🏻

❌❌❌ पहले ग़लत की बात करते है ।
-कमर मुड़ी हुई ।
-पैर की position आगे ।
- हाथ का ROM (Range of Motion) कम ,क्यूँकि पैर आगे है इसलिये ।

असर कहाँ होगा ?
बस LAT पर नही होगा । हाथ ऊपर नीचे move कर रहा होगा बस ।
फिर क्या train होगा ?
Shoulders (Trap ) -shrugs जैसा कुछ होगा , है ना ?

✅✅✅ अब सही movement की बात करते है ।
-कमर सीधी ।
-पैर पीछे ।
-ROM ज़्यादा
-हाथ नीचे से शुरू होकर शरीर से हल्का सा पीछे की तरफ़ जायेगा ।

आसान भाषा में बताऊँ तो जैसे आप LAT PULL Down वाली machine पर रखते है Movement । अभी भी नही imagine हो रहा हो तो नाव में चप्पू चलाने जैसा सोचियेगा ।

ग़लत में ग़लत क्या था ?
मुड़ी कमर - Back पर Focus नही ।

सारा खेल पैर को सही जगह रखने का है बस ।

समझ आ गया हो तो बताइयेगा ज़रूर ।

Address

Sonipat
131001

Telephone

+918950542504

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Crossfit Gym posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Crossfit Gym:

Share

Category