11/08/2026
साभार- शौर्य
महीने का राशन घर लाते समय कभी ठहरकर देखिए—आप अपने घर में भोजन ला रहे हैं या धीरे-धीरे बीमारी का जोखिम?
2 लीटर रिफाइंड ऑयल
2 लीटर सरसों का तेल
4 किलो चीनी
8 किलो चावल
10 किलो गेहूँ का आटा
और इसके साथ—मायोनीज़, टोमैटो सॉस, बिस्किट, नमकीन, पैकेज्ड स्नैक्स, मीठे पेय और ऐसे तमाम अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ…
अब ज़रा अपने पूरे महीने के राशन को Nutrition के नजरिए से देखिए।
समस्या चावल, गेहूँ या सरसों के तेल के अस्तित्व में नहीं है। समस्या तब शुरू होती है जब हमारी पूरी डाइट में कैलोरी अधिक, फाइबर कम, अतिरिक्त चीनी अधिक, नमक अधिक और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की मात्रा लगातार बढ़ती जाती है।
हमारी पाचन-व्यवस्था हर निवाले को संसाधित करती है—आंतें पोषक तत्वों को अवशोषित करती हैं, अग्न्याशय पाचन एंजाइम और इंसुलिन जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाता है तथा यकृत पोषक तत्वों के चयापचय और भंडारण में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि सामान्य भोजन खाने से ये अंग “ओवरवर्क” होकर खराब हो जाते हैं। असल खतरा लंबे समय तक असंतुलित आहार और अतिरिक्त ऊर्जा के सेवन से पैदा होने वाले मेटाबॉलिक बदलावों का है।
लगातार अधिक कैलोरी, अतिरिक्त चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा का सेवन वजन बढ़ने, मोटापे, इंसुलिन रेजिस्टेंस, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय-रक्तवाहिका रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है। उच्च रक्तचाप और डायबिटीज लंबे समय में किडनी को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं।
WHO के अनुसार स्वस्थ आहार का आधार विविधता, संतुलन, संयम और पर्याप्त पोषण है। 10 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रतिदिन कम-से-कम लगभग 400 ग्राम फल और सब्जियाँ तथा पर्याप्त dietary fibre लेने की सलाह दी जाती है। Free sugars को कुल ऊर्जा के 10% से कम रखना चाहिए; अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए इसे 5% से कम रखना बेहतर हो सकता है। (World Health Organization)
और एक महत्वपूर्ण बात—हर तेल खराब नहीं है, लेकिन तेल की मात्रा मायने रखती है। Saturated fat को सीमित करना और industrial trans-fat से बचना महत्वपूर्ण है। WHO के अनुसार trans-fat हृदयाघात और हृदय-रोग से मृत्यु के जोखिम को बढ़ाता है। (World Health Organization)
इसलिए सवाल यह नहीं है कि—
“आज क्या खाया?”
सवाल यह है—
“पिछले 10 साल से मेरा शरीर रोज़ क्या खा रहा है?”
क्या आपकी थाली में—
🥗 पर्याप्त सब्जियाँ हैं?
🍎 फल हैं?
🌾 साबुत अनाज और पर्याप्त फाइबर है?
🥜 दालें, फलियाँ और मेवे हैं?
🥚 पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन है?
या फिर—
🍪 बिस्किट
🍟 नमकीन
🥫 सॉस
🍰 मीठे खाद्य पदार्थ
🥤 शुगर-युक्त पेय
🍚 जरूरत से ज्यादा refined carbohydrates
🛢️ और आवश्यकता से अधिक तेल
ही आपकी डाइट का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं?
याद रखिए—शरीर कोई कूड़ेदान नहीं है।
आप जितनी ऊर्जा भोजन से लेते हैं, उसके अनुरूप आपकी शारीरिक गतिविधि और ऊर्जा-व्यय भी होना चाहिए। लगातार ऊर्जा-अधिकता और कम शारीरिक गतिविधि वर्षों में metabolic disease का आधार बन सकती है।
आज थोड़ा संयम कठिन लग सकता है।
लेकिन कल—
अस्पताल का बिस्तर, दवाइयाँ, इंसुलिन, BP की गोलियाँ, फैटी लिवर, किडनी की समस्या या हृदय-रोग—इनकी कीमत कहीं अधिक हो सकती है।
मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हाई BP और cardiovascular disease जैसी स्थितियाँ अचानक नहीं बनतीं। अक्सर इनके पीछे वर्षों की जीवनशैली और खान-पान की आदतें होती हैं। स्वस्थ आहार इन गैर-संचारी रोगों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। (World Health Organization)
इसलिए अगली बार महीने का राशन खरीदते समय सिर्फ कीमत मत देखिए।
लेबल पढ़िए।
चीनी देखिए।
सोडियम देखिए।
वसा की गुणवत्ता देखिए।
फाइबर देखिए।
और सबसे महत्वपूर्ण—देखिए कि आपके घर के राशन में असली भोजन कितना है और पैकेट में बंद भोजन कितना।
क्योंकि—
स्वास्थ्य की EMI रोज़ भरनी पड़ती है।
और इसकी किश्तें भोजन, व्यायाम, नींद और अनुशासन से चुकती हैं।
बीमारी आने के बाद जीवनशैली बदलने से बेहतर है—बीमारी आने से पहले जीवनशैली बदल देना।