24/10/2026
💐 सौ बात की एक बात—सांच को आंच नहीं! 💐
ईमानदारी का फल ऐसा मिलेगा, कभी सोचा नहीं था!
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने वाले पूर्व SSP संजीव गांधी को इतनी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा, यह कभी सोचा नहीं था।
दाग हमेशा सफेद चादर पर ही लगाए जाते हैं, क्योंकि सफेद चादर की पहचान ही उसकी सफेदी होती है।
जिस अधिकारी ने नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके नशे के कारोबारियों को चुनौती दी, आज उसी अधिकारी की छवि और प्रतिष्ठा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आखिर ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है, यह सोचने का विषय है।
मेरा मानना है कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ आरोप हों, तो उनका फैसला तथ्यों, निष्पक्ष जांच और कानून के आधार पर होना चाहिए। लेकिन किसी की वर्षों की मेहनत और सार्वजनिक छवि पर पड़ने वाले प्रभाव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मुझे विश्वास है कि पूर्व SSP संजीव गांधी अपनी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और न्याय के लिए संघर्ष करेंगे।
जिस दिन वह कानूनी लड़ाई जीतकर आएंगे, उस दिन न्याय की जीत होगी। लेकिन उनकी छवि को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई शायद कभी पूरी तरह नहीं हो पाएगी।
हिमाचल प्रदेश की जनता सब देख रही है। वक्त गुजर जाता है, पद बदल जाते हैं, लेकिन लोगों के काम और उनके साथ हुए व्यवहार की यादें लंबे समय तक बनी रहती हैं।
✊ नशे के खिलाफ लड़ाई कमजोर नहीं होनी चाहिए। ईमानदार कार्यशैली का सम्मान होना चाहिए और न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास कायम रहना चाहिए।
सांच को आंच नहीं—सच्चाई सामने आएगी और न्याय की जीत होगी!
🙏 जय हिंद! जय हिमाचल!
#नशामुक्तहिमाचल #न्यायकीजीत #ईमानदारी