03/07/2019
आज के Rajasthan Patrika में प्रकाशित लेख — विकास पथ पर ग्रामोत्थान विद्यापीठ,संगरिया.....
9 अगस्त 1917 को ही शिक्षा से शून्य इस क्षेत्र में चौ.बहादुर सिंह भोभिया द्वारा जाट एंग्लो मिडिल स्कूल की स्थापना की गई थी, जो बाद में ग्रामोत्थान विद्यापीठ के रूप में अजर-अमर शिक्षास्तंभ बना।
श्री बहादुर सिंह भोभिया ने इस स्कूल को दिन रात के अनवरत परिश्रम द्वारा सात वर्ष तक चलाया। 1924 में उनके निधन के बाद भी स्कूल चलता रहा। बाद में कठिनाइयां आने लगी तो सन् 1932 में स्वामी केशवानंद जी ने संचालन भार संभाला। चालीस वर्ष की अपनी तपस्या के द्वारा स्वामी केशवानंद जी ने मिडिल स्कूल को कृषि, कला, विज्ञान महाविद्यालय, उच्च माध्यमिक विद्यालय (छात्र), बालिका उ.मा.विद्यालय, शिक्षक प्रशिक्षण विद्यालय, शिक्षा महाविद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, संग्रहालय, औषधालय आदि के समूह ‘ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया’ के रूप में विकसित किया और संस्था को अजर-अमर रहने का वरदान भी दिया।
सन् 1996 में चौ. अभय सिंह चौटाला और उनकी टीम ने संस्था के संचालन का भार संभाला। पहले ही वर्ष में ग्रामोत्थान विद्यापीठ में तीन नये महत्वपूर्ण विभाग स्थापित किये गये- 1. कृषि विज्ञान केन्द्र , 2. गृह विज्ञान महाविद्यालय एवं 3. स्वामी केशवानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल। इसके अलावा प्रत्येक विभाग में कई नये विषय, संकाय एवं उपविभाग भी प्रारंभ हुए।
शताब्दी वर्ष में कई नई प्रवृत्तियां प्रारंभ की गई, उनमें प्रमुख है शिक्षा महाविद्यालय के अंतर्गत स्वामी केशवानंद कैरियर काउंसलिंग सेंटर और एसकेएम पब्लिक स्कूल में स्पोट्रस एकेडमी की स्थापना। संस्था में रोगी वाहन (एम्बूलेंस) की सुविधा शुरू की गई। कृषि विज्ञान केन्द्र में पशु रोग जांच प्रयोगशाला, अलंकृत मछली प्रदर्शन इकाई, अजोला उत्पादन इकाई, बटन मशरूम ईकाई, वर्मी कम्पोस्ट आदि योजनाएं प्रारंभ की गई। केन्द्रीय कार्यालय में शताब्दी पार्क, गृहविज्ञान महिला महाविद्यालय में नया पार्क आदि स्थापित किये।
इसके अलावा बालिका विद्यालय के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय का पुनर्प्रारंभ, संस्था के अन्य विभागों में नये और आधुनिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गये। इस वर्ष गृहविज्ञान महाविद्यालय का परिणाम श्रेष्ठ रहा।गृहविज्ञान महिला महाविद्यालय में एमएससी गृहविज्ञान की छात्रा ममता विश्नोई ने विश्वविद्यालय में टॉपर बनकर स्वर्ण पदक में अपनी जगह बनाई है। वर्तमान सत्र में महाविद्यालय की 396 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की। इस वर्ष महाविद्यालय की 35 पूर्व छात्रा खिलाड़ियों की नियुक्ति राजस्थान सरकार में शारीरिक शिक्षिका (पीटीआई) के रूप में हुई है। ये सभी खिलाड़ी छात्रायें राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर खो-खो, कबड्डी, बॉलीवाल तथा एथलेटिक्स में कीर्तिमान बनाकर अपनी श्रेष्ठता स्थापित कर चुकी हैं। महाविद्यालय की टीम खो खो में इस वर्ष पुनः पूर्व की भांति विश्वविद्यालय टीम की विजेता रही है। पांच खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है।
स्वामी केशवानंद महाविद्यालय, ग्रा.वि.संगरिया निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। महाविद्यालय में कृषि संकाय के प्रथम वर्ष में साठ सीटें थी जो कि सत्र 2015-16 से बढकर 120 हो चुकी हैं। महाविद्यालय कृषि संकाय के तृतीय वर्ष के छात्र रोबिन सिंह ने प्रथम वर्ष में विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान व द्वितीय वर्ष में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। सत्र 2018-19 में महाविद्यालय की खो खो व बॉलीवाल टीम अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में विजेता रही है तथा बैडमिंटन की टीम उपविजेता रही है।
ग्रामोत्थान विद्यापीठ शिक्षा महाविद्यालय ने 1995 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार से सीटीई का दर्जा प्राप्त करने के पश्चात सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान व शिक्षा के क्षेत्र में अनेकानेक व्यावहारिक व तकनीकी प्रयोगों में उल्लेखनीय कार्य किया है। शिक्षा विभाग से सम्बद्ध डी.ईएल.ई.डी. (पूर्व में बी.एस.टी.सी.) पाठ्यक्रम में 100 सीटों के साथ प्राथमिक शिक्षक भी तैयार हो रहे हैं।
स्वामी केशवानंद मेमोरियल पब्लिक स्कूल संगरिया इस क्षेत्र का प्रमुख अंग्रेजी माध्यम विद्यालय है। पब्लिक स्कूल एवं स्पोर्टस एकेडमी में प्रशिक्षित बच्चे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर खेलकर इस क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। पब्लिक स्कूल ,बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देता 2018-19 में कक्षा 12 कक्षा 12 में 5 छात्र-छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक तथा 25 छात्र-छात्राओं ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये तथा कक्षा 10 में 13 छात्र छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक व 41 छात्र छात्राओं ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये
ग्रामोत्थान विद्यापीठ उ0मा0विद्यालय में वॉलीबाल को विशेष खेल के रूप में खेला जाता है और लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। गत वर्ष 7 खिलाडियों का व इस वर्ष 4 खिलाडियों का राज्य स्तर पर चयन हुआ हैं।विद्यालय के परीक्षा परिणाम भी शानदार है गत वर्षो में सभी संकाय विशेष कर विज्ञान ,कला व वाणिज्य वर्ग के परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहे है। ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिये कृषि विज्ञान विषय मंे परम्परागत व आधुनिक उपकरणों से परिपूर्ण प्रयोगशाला में अध्ययन की व्यवस्था मात्र एक इसी विद्यालय के पास है। इस के अलावा हनुमानगढ जिले मे एकमात्र एन.सी.सी. जूनियर डिवीजन की गतिविधि हमारे विद्यालय मे प्रभावी रूप से पिछले कई वर्षो से चलाई जा रही है। जिसका फायदा विद्यार्थियों को भविष्य मंे मिल रहा है इसके साथ-साथ विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा व देश भक्ति की प्रेरणा दी जाती है।
ग्रामोत्थान विद्यापीठ बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के सत्र 2018-19 विद्यालय कक्षा आठवीं में 10 छात्राओं ने प्रथम ग्रेड के साथ कक्षा का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा । कक्षा 10 में 23 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। विद्यालय में कक्षा 12 के कला व विज्ञान वर्ग का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा।
कृषि विज्ञान केन्द्र से प्रशिक्षित श्री सुखपाल सिंह (इन्द्रगढ़) को कृषि विभाग की आत्मा योजनार्गत मछली पालन में उत्कृष्ट कार्य करने पर वर्ष 2018.-19 में जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया इसमें श्री सुखपाल सिंह को नकद राशि रूपये 25000/- तथा प्रशस्ति पत्र से नवाजा गया है। इसके साथ- साथ मशरूम उत्पादन में उत्कृष्ट कार्य करने पर श्रीमती गायत्री राठौड़ को वर्ष 2018 में राष्ट्रीय स्तर पर मशरूम अनुसंधान निदेशालय सोलन द्वारा सम्मानित किया गया है।
संस्थापकों और स्वामी केशवानंद जी के आशीर्वाद से संस्था सदियों तक जन जन की सेवा करती रहे- यही कामना है।
- सुखराज सिंह सलवारा, सचिव
ग्रामोत्थान विद्यापीठ, संगरिया