24/02/2019
दिनांक 23/02/2019 को कल्पा के कुछ गोऊ प्रेमियों व गौ रक्षको द्वारा धन राशि एकत्रित कर सराहन से घास खरीदकर किन्नौर के कल्पा, रिंकांग पिओ, पवारी व आस पास के क्षेत्र जहां गौ माताओ को वृद्ध होने पर आवारा छोड़ दिया जाता है। उनके सेवा के लिए पहुंचाया गया। एक चिंतन की बात है जिस देश में गौ को पूज्य और गौरक्षा को धर्म माना जाता है।आज उसी देश में गाय की सबसे बड़ी दुर्गति है आवश्यक है कि हम गौ रक्षा पर ध्यान दे और अपनी शारीरिक मानसिक,अध्यात्मिक व धार्मिक स्थिति को परिपुष्ट बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।