14/03/2026
आज (13.03.2026) महामहिम राज्यपाल (झारखण्ड) श्री संतोष कुमार गंगवार महोदय से पिछले मीटिंग (23.12.2025) के फॉलोआप के क्रम में विश्वविद्यालयों में 'भारतीय ज्ञान परंपरा' (IKS) के आधार पर समाजविज्ञान के पाठ्यक्रमों में नया संयोजन तथा उच्च शोध प्रक्रिया पर लिखित प्रस्ताव पेश करने के सम्बंध में मिलने का मौका मिला एवं भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के आधार पर रचित मेरी पुस्तक "आर्यकृष्टि: वैश्विक चेतना की एक ऐतिहासिक खोज" का पहला प्रति और इस विषय से सम्बंधित श्रीश्रीअनुकुलचंद्र के समाजवैज्ञानिक शोधकार्य पर कुछ पुस्तक महामहिम राज्यपाल के कर कमलो में प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
"आर्यकृष्टि: वैश्विक चेतना की एक ऐतिहासिक खोज" पुस्तक का ऑनलाइन लिंक: https://amzn.in/d/0h6Er3cx
पुस्तक में चर्चा का विषय हैं:
1 विश्व परिचय
2 सृष्टि का कारण
3 नैसर्गिक विविधता में समानता,
4 क्रमिक विकास के सूत्र
5 मनुष्य का उद्भव
6 आर्य संस्कृति की उत्पत्ति
7 आर्यकृष्टि का विकास
8 क्या आर्य लोग भारतीय हैं?
9 आर्यावर्त – एक विश्वशिक्षा केंद्र
10 विदेशी विद्वानों की नजर में प्राचीन भारत
11 ईशा मसीह के साथ भारत का ‘गोपनीय’ संयोग
12 आर्यकृष्टि की सफलता का कारण
13 आर्य पथ
14 आर्यवाद की उत्पत्ति के नैसर्गिक सूत्र
15 आर्यवाद सभी धर्ममतों का उद्गमस्थल
16 आर्यवाद में अमृतत्व का मार्ग
17 आर्यकृष्टि की जीवनीशक्ति
18 आर्यवाद की ‘उत्कृष्टता’ पर कुछ प्रश्न
19 भारत की अवनति का कारण
20 आर्यकृष्टि का भूमंडलीकरण
21 आर्यायण का कार्यक्रम (IM3)
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