14/04/2026
प्रेस विज्ञप्ति
खेल मौलिक अधिकार हो
---------------------------------
क्रीड़ा से चरित्र निर्माण और चरित्र से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आग बढ़ रही क्रीड़ा भारती
क्रीड़ा से चरित्र निर्माण और चरित्र से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही क्रीड़ा भारती
1क्रीड़ा से चरित्र निर्माण और चरित्र से राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही क्रीड़ा भारती
खेलों के माध्यम से समाज में अनुशासन, उत्तम स्वास्थ्य और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से समर्पित अग्रणी संस्था क्रीड़ा भारती द्वारा संस्था के पदाधिकारियों ने क्रीड़ा भारती के गौरवशाली इतिहास और इसके दूरदर्शी उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
क्रीडा भारती के प्रांतीय मंत्री सुमीत अध्यक्ष संजय शर्मा व उपाध्यक्ष नीता डुमरे ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में आज बताया कि क्रीड़ा भारती की स्थापना वर्ष 1992 में महाराष्ट्र के पुणे में हुई थी। तब से लेकर आज तक यह संस्था अपने मूल मंत्र क्रीड़ा से निर्माण चरित्र का, चरित्र से निर्माण राष्ट्र का, को चरितार्थ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था का मानना है कि एक स्वस्थ और अनुशासित खिलाड़ी ही एक सशक्त राष्ट्र का आधार बन सकता है।
** पत्रकारवार्ता के दौरान संस्था के लक्ष्यों को साझा करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर बल दिया गया-
खेल संस्कृति का पुनरुद्धार-समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाना और खेल संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाना।
स्वदेशी खेलों को प्रोत्साहन- दिसम्बर माह में अहमदाबाद में क्रीडा भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के सभी राज्यों से आ ये दो हजार से अधिक प्रतिनिधियो जिसमे ओलंपियन, राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडीयों, अर्जुन एवार्डी, पदम श्री, एवं खेल से जुडे विशेषज्ञ, द्वारा एक मत से खेल मौलिक अधिकार में शामिल किया जाये प्रस्ताव पारित कर सरकार को प्रतिवेदन दिया गया उक्त कार्यक्रम में केन्द्रीय खेल मंत्री श्री डा. मनसुख मांडविया जी उपस्थित थे
साथ ही कबबड्डी जैसे पारम्परिक खेल को 2036 ऑलम्पिक खेल में शामिल हो इसके लिये देश में उक्त खेल के महौल बनाने योजनाबद्ध
कार्यकम वर्षभर आयोजित हो उक्त जानकारी प्रेस वार्ता में आधुनिक खेलों के साथ-साथ भारत के पारंपरिक और ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देना ताकि हमारी विरासत सुरक्षित रहे। सर्वांगीण स्वास्थ्य और योग-देश के प्रत्येक नागरिक को स्वस्थ रखने हेतु योग का व्यापक प्रचार-प्रसार करना।
चरित्र एवं राष्ट्र निर्माण-युवाओं में खेलों के माध्यम से अनुशासन, धैर्य और अटूट राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना। प्रतिभा खोज-स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें उचित मंच प्रदान करना।
क्रीड़ा भारती का लक्ष्य केवल खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ हों और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें। खेल हमारा
मौलिक अधिकार हो के सम्बन्ध में प्रान्तध्यक्ष संजय शर्मा( राष्ट्रीय , अन्तर्राष्ट्रीय खिलाड़ी निर्णायक बॉडी बिल्डिंग), प्रांत उपाध्यक्ष नीता डूमर(अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी), प्रान्त मंत्री सुमित उपाध्यय ने जानकारी दी प्रेस वार्ता में प्रान्त के पदाधिकारी प्रांत कोषाध्यक्ष सौरभ सोनी, प्रांत सहमंत्री हर्षा साहू (अन्त राष्ट्रीय खिलाड़ी कराटे), रायपुर महानगर मंत्री वीरेन्द्र देशमुख( एन आई एस कोच बास्केटबॉल) उपस्थित थे।