04/06/2024
# # सुकून की बात मत # # #कर ऐ ग़ालिब,
# # बचपन वाला इतवार, # #अब नहीं आता
# #जीवन की भागदौड़ में, # #क्यों वक़्त के साथ रंगत खो जाती है
# #हंसती - खेलती ज़िन्दगी भी, # # #आम हो जाती है
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# #जयश्रीराम
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# #वीर_महाराणा_प्रताप