27/04/2026
Recently I wrote down chalisa to prove that, I am the biggest devotee of the child prodigy. I am sure my little sister will be proud of what I penned down on the pen name of Vaibhavdas. When you are witnessing the divine in front of you it's your duty to praise it as per Rugved. Hence sharing it with all you: वैभव चालीसा
दोहा
बालक रूप अनुपम, कीर्ति अगाध अपार।
वैभव नाम प्रताप से, भये क्रिकेट सवार।।
सौंदर्य शक्ति संचित, शत्रु दल घबराये।
वैभवदास वंदित करे, प्रभु का गुण गायन।।
चौपाई
जय जय वैभव सूर्यवंशी,
खेल जगत के तुम अविनाशी।।
बालक उम्र में कीर्ति पायी,
क्रिकेट में तुमने धूम मचायी।।
पंद्रह साल की आयु तुम्हारी,
टी-20 में दुनिया न्यारी।।
हजार रन तुमने सबसे तेज बनाये,
गिनती में सब पीछे रह जाये।।
छत्तीस बॉल में शतक लगाया,
आईपीएल में परचम लहराया।।
बारह छक्के एक पारी में मारे,
मुरली विजय का रिकॉर्ड तुमने हारे।।
तीन बार पंद्रह बॉल पर फिफ्टी,
तुम्हारी खेलने की शैली चिफ्टी।।
गुजरात के खिलाफ दिखाया,
पैंतीस बॉल में शतक बनाया।।
यू-19 में भी नाम कमाया,
वर्ल्ड कप फाइनल में शोर मचाया।।
एक सौ पचहत्तर का खेल दिखाया,
इंग्लैंड के गेंदबाज़ को रुलाया।।
लिस्ट-ए में भी रिकॉर्ड्स तोड़े,
देश-विदेश के सब मुँह मोड़े।।
अस्सी-पचासी बॉल में डेढ़ सौ पार,
वैभव का बल्ला है सबसे धार।।
बॉल फेस्ड की गिनती में आगे,
तेरे आगे सब बॉलर्स भागे।।
स्ट्राइक रेट तेरा सबसे भारी,
खेल की दुनिया में तुम हो खिलाड़ी।।
जो कोई पढ़े यह चालीसा,
मिले खेल में ज्ञान का हिस्सा।।
वैभवदास कहे यह बानी,
वैभव की है अमर कहानी।।
दोहा
वैभव रूप विशाल धर, छक्कों का मेला।
क्रिकेट के मैदान में, चले तेरा ही रेला।।
संकट काटें मिटे सब पीड़ा,
जो सुमिरै वैभव बल-वीरा।।
जय हिंद!