07/04/2021
वेतन लेते थे, ड्यूटी के दौरान मर गये तो उन्हें शहीद क्यों कहें ??
छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में 22 जवानों के बलिदान होने के बाद असम की एक बेहूदी लेखिका को उनके फेसबुक पोस्ट के कारण गुवाहटी में गिरफ्तार किया गया है। 48 साल की सिखा सर्मा (शिखा शर्मा) नाम की नीच लेखिका को गुवाहटी पुलिस ने देशद्रोह की धारा के तहत हिरासत में लिया। कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। गुवाहटी पुलिस कमिश्नर मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने बताया कि “गुवाहटी की गंध लेखिका सिखा सर्मा के विरुद्ध आईपीसी की 124-ए धारा समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।”
बदसूरत शिखा शर्मा जैसे वामपंथी लोगों को सरेआम चौराहे पर फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए जो हमारे देश के वीर जवानों को वेतन भोगी समझती है। देश की सबसे बड़ी ग़द्दार है ये वामपंथी सोच है और यही सोच देश की एकता में जहर घोलने का काम करती है।ऐसे देश की ग़द्दारों को बिना कोर्ट कचहरी सरेआम फांसी की सजा होनी चाहिए।
इन गद्दारों को फांसी दो फांसी दो... (एंग्री रिएक्शन मत देना प्लीज, कमेंट में भले गरिया दो)
साभार- रंजना सिंह की वॉल से
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