29/09/2023
बीस वर्ष की आयु में व्यक्ति का जो चेहरा रहता है,
वह प्रकृति की देन है,
तीस वर्ष की आयु का चेहरा जीवन के उतार-चढ़ाव की देन है,
लेकिन पच्चास वर्ष की आयु का चेहरा व्यक्ति की अपनी कमाई है।
– आचार्य चाणक्य