18/12/2025
सेवा में,
माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी
प्रधानमंत्री, भारत सरकार
साउथ ब्लॉक, रायसीना हिल
नई दिल्ली – 110011
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
नमस्ते।
मैं, पियूष राणा, यह विनम्र निवेदन प्रस्तुत कर रहा हूँ ताकि भारत में उन विभिन्न श्रेणियों के क्रिकेट, क्रिकेट आयोजनों तथा क्रिकेट खिलाड़ियों की कानूनी स्थिति, मान्यता एवं संवैधानिक अधिकारों के संबंध में स्पष्टता प्राप्त की जा सके, जो वर्तमान में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
यह उल्लेखनीय है कि BCCI को राष्ट्रीय खेल विकास संहिता / राष्ट्रीय खेल विधेयक के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF) के रूप में मान्यता प्राप्त है।
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1. राष्ट्रीय खेल विधेयक / खेल संहिता का दायरा
क्या BCCI को दी गई मान्यता केवल BCCI, उसकी संबद्ध इकाइयों एवं पंजीकृत खिलाड़ियों तक ही सीमित है, अथवा क्या इसका अधिकार क्षेत्र उन करोड़ों खिलाड़ियों पर भी लागू होता है जो BCCI से संबद्ध नहीं हैं?
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2. गैर-BCCI क्रिकेट खिलाड़ियों की स्थिति
भारत में करोड़ों खिलाड़ी स्कूलों, कॉलेजों, गाँवों, क्लबों, क्रिकेट अकादमियों एवं अनौपचारिक टीमों के माध्यम से क्रिकेट खेलते हैं, जिन्हें न तो BCCI का पंजीकरण प्राप्त है और न ही कोई समर्थन।
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3. वैकल्पिक / गैर-मानक क्रिकेट प्रारूप
टेनिस बॉल क्रिकेट, इनडोर क्रिकेट, T10, बीच क्रिकेट, सिक्स-ए-साइड, डबल विकेट, टेप बॉल, कॉर्पोरेट क्रिकेट, संस्थागत क्रिकेट एवं दिव्यांग क्रिकेट जैसे प्रारूपों में लाखों युवा भाग लेते हैं, किंतु ये सभी प्रारूप वर्तमान में किसी भी आधिकारिक मान्यता से वंचित हैं।
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4. BCCI संविधान – अनुच्छेद 30 एवं 31
BCCI संविधान के ये अनुच्छेद किसी भी टूर्नामेंट के आयोजन अथवा उसमें भाग लेने से पूर्व अनुमति को अनिवार्य करते हैं तथा गैर-अनुमोदित टूर्नामेंटों में भाग लेने पर प्रतिबंध, निलंबन एवं वित्तीय सहायता रोकने जैसे दंड का प्रावधान करते हैं।
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5. संवैधानिक प्रश्न
क्या इस प्रकार के प्रतिबंध भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 19 (व्यवसाय एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) तथा 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के अंतर्गत उन नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते, जो BCCI से किसी भी रूप में संबद्ध नहीं हैं?
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प्रार्थना
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया यह स्पष्ट करने की कृपा करें कि:
• गैर-BCCI खिलाड़ियों एवं क्रिकेट प्रारूपों की कानूनी स्थिति एवं अधिकार क्या हैं, तथा
• क्या भारत सरकार द्वारा समावेशी एवं व्यापक खेल ढाँचा विकसित करने हेतु कोई नीति अथवा प्रस्ताव विचाराधीन है।
आपकी कृपा हेतु मैं सदैव आभारी रहूँगा।
जय हिंद।
भवदीय,
पियूष राणा
FSG, ITCF इंडिया
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