25/03/2021
जिम्नास्टिक एक खेल है जिसके लिए संतुलन, शक्ति, लचीलापन, चपलता, समन्वय और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है। जिम्नास्टिक में शामिल गति से बांहों, पैरों, कंधों, पीठ, चेस्ट और पेट की मासपेशियों का विकास होता है चौकसी, सूक्ष्मता, साहसी, आत्मविश्वास और आत्म अनुशासन जैसी मानसिक विशेषताओं का जिम्नास्टिक के माध्यम से विकास किया जा सकता है। जिम्नास्टिक प्राचीन यूनानियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अभ्यासों से विकसित हुआ है जिनमें आरोहण और अवरोहण के कौशल शामिल हैं।
उपस्करों से संबन्धित नियम जिम्नास्टो के प्रकट होने और प्रशिक्षक के व्यवहार पर आधारित होते है रूटीन के दौरान जिम्नास्ट को छूने अथवा सलाह देने से अंक काट दिए जाएंगे । रूटीन के आरंभ हिने से पूर्व जिम्नास्ट पहचान के लिए जज का इंतज़ार करेगा दोनों बांहे उठाकर जज को सेल्यूट करेगा । प्रदर्शन के अंत में जिम्नास्ट फिर से जज को सेल्यूट करेगा ताकि यह पता चल जाए की प्रदर्शन पूरा हो चुका हो और उसके बाद मूल्यांकन किया जाता है ।