19/05/2026
🪔🌿 || सर्वे भवन्तु सुखिनः || 🌿🪔
☀️ भीषण ग्रीष्म ऋतु का प्रकोप निरंतर बढ़ता जा रहा है।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जहाँ मनुष्य लू, डिहाइड्रेशन, टायफाइड एवं अनेक बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं, वहीं हमारे आसपास के असंख्य मूक जीव — छोटी चींटियाँ, नन्हे पक्षी, गौमाता एवं अन्य पशु-पक्षी — जल और अन्न के अभाव में तड़प रहे हैं। 🕊️🐜🐄
कई स्थानों पर यह मासूम प्राणी केवल एक बूंद पानी के अभाव में अपने प्राण त्यागने को विवश हैं। 💧
🌸 ऐसे समय में “जीव सेवा” ही सबसे बड़ा पुण्य और सच्ची ईश्वर भक्ति है। 🌸
🙏 हम सभी आदरणीय अभिभावकों, वरिष्ठजनों एवं समाज के सजग नागरिकों से करबद्ध प्रार्थना करते हैं कि अपने घर के बच्चों को दया, सेवा और संवेदनशीलता के संस्कार दें।
✨ बच्चों को प्रेरित करें कि वे —
🪷 पक्षियों हेतु छत या आंगन में पानी रखें
🪷 गौवंश एवं अन्य पशुओं हेतु जल पात्र रखें
🪷 बचा हुआ भोजन व्यर्थ न फेंककर जरूरतमंद जीवों को अर्पित करें
🪷 पेड़-पौधों एवं प्रकृति की रक्षा का संकल्प लें
🌼 यह छोटे-छोटे सेवा कार्य बच्चों के भीतर
मानवता • करुणा • जिम्मेदारी • आध्यात्मिक चेतना
का दिव्य प्रकाश जागृत करेंगे। 🌞
📖 “नर सेवा ही नारायण सेवा है, और जीवों में ही शिव का वास है।” 📖
आइए, इस तपती गर्मी में हम सभी मिलकर
💧 “एक पात्र जल – एक जीवन रक्षा” 💧
का संकल्प लें और सनातन संस्कृति के सेवा भाव को जन-जन तक पहुँचाएँ। 🙏
🌺 करुणा ही धर्म है • सेवा ही साधना है • मानवता ही सबसे बड़ा संस्कार है 🌺