30/04/2025
14 साल की उम्र में IPL में शतक! यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। वैभव ने तो मैदान पर अपनी बल्लेबाज़ी से धमाका किया ही, लेकिन मैदान के बाहर अपने व्यवहार से उन्होंने जो छाप छोड़ी है, वो कहीं ज़्यादा गहरी है।
जब राजस्थान रॉयल्स के मालिक उनसे मिलने आए और इस उभरते हुए सितारे ने हाथ मिलाने की बजाय उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया, तो यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आजकल के दौर में जहां अक्सर खिलाड़ी हाई-फाइव या हैंडशेक तक सीमित रहते हैं, वैभव का यह कदम वाकई काबिले तारीफ है।
यह सिर्फ एक शतक लगाने वाले तूफानी बल्लेबाज़ की कहानी नहीं है, यह कहानी है एक ऐसे युवा की जिसके रगों में आज भी भारतीय संस्कार दौड़ते हैं। वैभव ने साबित कर दिया कि हुनर और विनम्रता दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। उनकी यह सादगी और बड़ों के प्रति सम्मान देखकर कहना पड़ता है कि यह बच्चा लंबी रेस का घोड़ा है। मैदान पर उनका आत्मविश्वास और मैदान के बाहर उनकी संस्कारिता - वैभव जैसा हीरा मिलना मुश्किल है। वाकई, इस उम्र में इतना टैलेंट और इतना सधा हुआ व्यवहार, यह तो कमाल है! वैभव को हमारी तरफ से ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद!
♥️♥️🌹🥳