16/08/2016
"मेरी *बहन* ने मेरे लिए *रक्षाबंधन* पर बहुत ही अच्छा मैसेज लिखा है... मैं इस मैसेज को पढ़कर *अपनों* को शेयर करने से नहीं रोक पाया... अगर आपको मैसेज अच्छा लगे... तो जरूर शेयर करें...
*🙏मेरी बहन को मेरा प्रणाम🙏*
इस राखी पर भैया मुझे बस यही *तोहफा* देना... तुम रखोगे ख्याल *माँ-बाप* बस यही एक वचन देना तुम...
बेटी हूं मैं शायद ससुराल से रोज़ न आ पाऊंगी... जब भी पीहर आऊंगी इक मेहमान बनकर आऊंगी... पर वादा है ससुराल में संस्कारों से पीहर की शोभा बढाऊंगी... तुम तो बेटे हो इस बात को न भुला देना तुम... रखोगे ख्याल *माँ-बाप* का बस यही वचन देना तुम...
मुझे नहीं चाहिये सोना-चांदी न चाहिये हीरे-मोती... मैं इन सब चीजों से कहां सुःख पाऊंगी... देखूंगी जब माँ-बाप को पीहर में खुश तो ससुराल में चैन से मैं भी जी पाऊंगी... अनमोल हैं ये रिश्ते इन्हें यूं ही न गंवा देना तुम... रखोगे ख्याल *माँ-बाप* का बस यही वचन देना तुम...
वो कभी तुम पर या भाभी पर गुस्सा हो जायेंगे... कभी चिड़चिड़ाहट में कुछ कह भी जायेंगे... न गुस्सा करना न पलट के कुछ कहना तुम... उम्र का तकाजा है यह भाभी को भी समझा देना तुम... इस राखी पर भैया मुझे बस यही तोहफा देना तुम... रखोगे ख्याल *माँ-बाप* का बस यही वचन देना तुम...
ना चाहत है सितारों की...
ना चाहत है नजारों की...
अपने *माँ-बाप* जैसे रिश्ते मिल जाये...
तो क्या जरूरत है हजारों की...
इस रक्षाबंधन पर आप भी *शपथ* ले... अपनें माँ-बाप और अपनी बहनों जैसा प्यार, आदर सम्मान... दूसरों के *माँ-बाप* और *बहनों* को भी दे...
*अपनी सोच बदलने की कोशिश कीजिए... दुनिया अपने आप बदल जायेगी☆☆☆☆☆