28/05/2026
“Bakrid हमें त्याग, सब्र, करुणा और इंसानियत का संदेश देती है।
दुआ है कि यह पाक त्योहार आपके दिल में मोहब्बत और जिंदगी में खुशियों की रौशनी भर दे।
Bakrid Mubarak!”पर्व त्योहार चाहे कोई भी हो उसके असल संदेश और रास्ते से भटके हुए हैं लोग। “कुर्बानी किसी बेजुबान कमजोर जानवर का खून बहाने का नाम नहीं…
असल कुर्बानी तो अपने अंदर की नफरत, अहंकार, क्रोध, लालच और हैवानियत को खत्म करने का नाम है।
जिस ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु या भगवान ने हर जीव को बनाया,
वह कभी किसी मासूम की चीखों में खुशी कैसे ढूंढ सकता है?
जानवर का मांस और खून कभी ऊपर वाले तक नहीं पहुंचता,
लेकिन इंसान का दया, प्रेम, करुणा और इंसानियत जरूर पहुंचती है।
अगर कुर्बानी देनी ही है,
तो अपने अंदर बैठे घमंड की दो…
अपनी नफरत की दो…
अपने क्रूर विचारों की दो…
क्योंकि असली धर्म किसी की जान लेना नहीं,
बल्कि किसी की जान, दर्द और भावनाओं को समझना सिखाता है।
जिस दिन इंसान हर बेजुबान जीव में भी उसी रूह को देखने लगेगा,
उस दिन धरती पर धर्म नहीं… इंसानियत जीतेगी।“न आस्तिक बनो, न नास्तिक बनो — वास्तविक बनो।“Don’t be a theist or an atheist — be realistic.”