25/10/2025
ऋतु जायसवाल जैसे लोगों के लिए कोई पार्टी बनी नहीं है। इन्हें अपनी पार्टी खुद बनानी चाहिए। ऐसे समय में जब वैश्य समाज की सबसे बड़ी नेता आदरणीय रमा देवी जी को साइड लगाया जा चुका है ऋतु जायसवाल की भूमिका कहीं ज्यादा बढ़ गयी है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी, बेतिया, बगहा, बाल्मीकिनगर आदि वैश्य बहुल क्षेत्र है। यहां मुजफ्फरपुर, कुढ़नी, पारू, बेलसंड, सीतामढ़ी, रीगा, शिवहर, चिरैया, ढाका, मोतिहारी, चनपटिया, नौतन, परिहार, सुगौली, नरकटिया, रक्सौल आदि विधानसभा क्षेत्रों से दोनों गठबंधनों ने वैश्य उम्मीदवार दिए हैं। यह आबादी के अनुपात में बहुत कम है।
यदि ऋतु जायसवाल एक राजनीतिक दल का गठन कर इस क्षेत्र में काम करें तो वे सफल हो सकती हैं। यह बृजबिहारी प्रसाद जी की कर्मभूमि भी है। मुजफ्फरपुर के वर्तमान विधायक विजेंद्र चौधरी जी ने बहुत पहले राजनीतिक दल का गठन किया भी था।
ऋतु जायसवाल को व्हिसिल (सीटी) चुनाव चिन्ह के रूप में मिला है। वे व्हिसिल ब्लोवर हैं भी।