26/08/2016
बहुजन मीडिया & एंटरटेनमेंट
# डा. मगन ससाने ( रा. अ. इम्पा) #
क्या यह post कुछ गलत है:
*कौन है कृष्ण : की राधा* ???
पुराणों के अनुसार गोपियों के साथ कृष्ण का यौन सम्बन्ध बताया है। इन गोपियों में विवाहित और कुवांरी दोनों प्रकार औरतें थी वे अपने पतियों, पिताओ और भाइयो के कहनेपर भी नहीं रूकती थी:
‘ ता: वार्यमाणा: पतिभि:
पितृभिभ्रातृभि स्तथा,
कृष्ण
गोपांगना रात्रौं रमयंती रतिप्रिया :’
-*विष्णुपुराण, 5, 13/59*.
अर्थात वे रतिप्रिय गोपियाँ अपने पतियों, पिताओं और भाइयो के रोकने पर भी रात में कृष्ण के साथ प्रणय-लीलाएं करती थी.
कृष्ण और गोपियों के बीच अनुचित सम्बन्ध था। यह कथा भागवतपुराण में स्पष्ट रूप से मौजूद है।,
ईश्वर अथवा उस के अवतार माने जाने वाले कृष्ण का जन सामान्य के समक्ष अपने ही गाँव की बहु-बेटियों के साथ सम्बन्ध रखना क्या आदर्श पुरुष, रोमियो, प्रेमी कहलाता था ?
कृष्ण ने गोपियों के साथ साथ ठंडी बालू वाले नदी पुलिया पर प्रवेश कर के मिलन किया.
वह स्थान कुमुद की चंचल और सुगन्धित वायु आनंददायक बन रहा था।. बाहे फैलाना, आलिंगन करना, गोपियों के हाथ दबाना, बाल (चोटी) खींचना, जंघाओं पर हाथ फेरना, स्तनों को चुमना, गोपियों के नर्म अंगो नाखुनो से नोचना, तिर्छी निगाह से देखना, अश्लील हंसीमजाक करना आदि क्रियाओं से गोपियों में कामवासना बढ़ाते हुए, कृष्ण ने भोग किया।. -*श्रीमदभागवत महापुराण* 10/29/45
कृष्ण ने रात रात भर जाग कर अपने साथियों सहित अपने से अधिक उम्र वाली और माता जैसी दिखने वाली गोपियों का भोग किया।
– आनंद रामायण, राज्य सर्ग 3/47
कृष्ण के विषय में, जो कुछ विभिन्न पूराणों में लिखा है , उसे लिखते हुए भी शर्म महसूस होती हैं कि, गोपियों के साथ उसने क्या-क्या अश्लीलताएं की। इसलिए अब सिर्फ निम्नलिखित हवाले लिख रहा हूँ, जहां कृष्ण ने गोपियों के साथ यौन क्रियाएं करते बताया गया है।
– *ब्रह्मावैवर्त पुराण, कृष्णजन्म खंड 4, अध्याय
28-6/18, 74, 75, 77, 85, 86, 105, 109,110, 134, 70.*
– ब्रह्मावैवर्त पुराण, कृष्णजन्म खंड 4, 115/86-88
कृष्ण का सम्बन्ध अनेक नारियों से रहा हैं। कृष्ण की विवाहिता पत्नियों की संख्या सोलह हज़ार एक सौ आठ बताई जाती हैं. धार्मिक क्षेत्र में कृष्ण के साथ राधा का नाम ही अधिक प्रचलित हैं। कृष्ण की मूर्ति के साथ प्राय: सभी मंदिरों में राधा की मूर्ति हैं.
लेकिन ये राधा थी कौन थी ?
ब्रह्मावैवर्त पुराण में राधा को कृष्ण की मामी बताई गयी हैं. इसी पुराण में राधा की उत्पत्ति कृष्ण के बाएं अंग से बताई गयी है।
‘कृष्ण के बायें भाग से एक कन्या उत्पन्न हुई. गुडवानों ने उसका नाम राधा रखा.
– *ब्रह्मावैवर्त पुराण, 5/25-26*
‘उस राधा का विवाह रायाण नामक वैश्य के साथ कर दिया गया। कृष्ण की माता यशोदा थी और, रायाण उसका सगा भाई था.
इसी क्रम में कृष्ण के ताऊ वर्षभानू की लडकी राधा बताई गयी है।
– *ब्रह्मावैवर्त पुराण, 49/39,41,49*
पूराण के अनुसार यदि राधा को कृष्ण के अंग से उत्पन्न हुआ माने तो, राधा, कृष्ण की पुत्री होती है. यदि यशोदा के नाते विचार करें तो वह कृष्ण की मामी हुई दोनों ही दृष्टियो से राधा का कृष्ण के साथ प्रेम अनुचित था और कृष्ण ने अनेको बार राधा के साथ सम्भोग किया था।
( ब्रह्मावैवर्त पुराण, कृष्ण जन्म खंड 4, अध्याय 15
और यहाँ तक विवाह भी कर लिया था।
(*ब्रह्मावैवर्त पुराण*, कृष्णजन्म- खंड 4,115/86-88)
विद्यापति के ग्रन्थ से पहले पूराणों में श्याम का नाम नहीं है और महाभारत में राधा नहीं है। जय मूलनिवासी