18/12/2023
#मुम्बई से 50 km दूर, .
SHOCKED?
भिवंडी के पास एक गांव है। नाम #पदघा। यहां 90% मुस्लिम आबादी है। एक दिन इन्होंने गांव का नाम बदल कर अल शाम अर्थात ग्रेटर सीरिया। खुद को आज़ाद घोषित कर शरिया लागू कर दिया।
पिछले हफ्ते NIA और 400 पुलिस कर्मियों ने गांव पर धावा बोला और घर घर की तलाशी ली। तलाशी में मुंबई के खास खास जगहों के नक्शे, जाकिर नाइक के वीडियो, बंदूकें, तलवारें, 68 लाख कैश, 38 मोबाइल, 51 हमास के झंडे, 3 हार्ड डिस्क जिसमे मुंबई के यहूदी कम्युनिटी सेंटर, चाबड़ हाउस समेत 400 से ज्यादा जगहों पर ड्रोन से एरियल ब्लास्ट करने की योजना थी।
दिल्ली से पकड़े गए 3 आतंकी युनुस, शाहनवाज और इमरान जिसपर 5 लाख का इनाम घोषित था, से पूछताछ में पुणे में काम करने वाले आईटी इंजीनियर जुल्फीकार का पता चला। जुल्फिकार इनका सरगना और फाइनेंसर निकला। पुणे से ही लड़को की भर्ती और ट्रेनिंग के लिए भेजने वाला डा अदनान को हिरासत में लिया गया। अदनान से पूछताछ में इनके आतंकी साकिब नचान को धर दबोचा। जिसने पदघा को अल शाम बनाया था।
आईईडी एक्सपर्ट साकिब नाचन को 1991 में उम्र कैद की सजा मिली थी। मेहरबान एससी ने उसकी सजा घटा कर 10 साल कर दी और वह 2001 में छूट गया।
क्या वह सुधर गया? नहीं।
मुंबई ब्लास्ट में उसे 10 साल की सजा मिली थी और 2017 में जेल से छूट गया।
क्या वह सुधर गया? नहीं।
वह हर पल भारत के खिलाफ साजिश रचता रहा है।
ONCE A TERRORIST, ALWAYS A TERRORIST.
हमारी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं, ये पकड़े भी जा रहे हैं। सबूत जुटाने में एजेंसियों को नाको चने चबाने पड़ते हैं लेकिन अदालतें छोटी सी बात पर भी संदेह का लाभ देकर आतंकियों को आसानी से छोड़ देते हैं। या सुधरने के नाम पर सजा माफ कर देते हैं।
कई बार वोट के लिए इन्हे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल हो जाता है।