27/08/2025
निर्माण लागत: ठेकेदार का कहना है कि कुल बजट ₹4,95,000 था, जिसमें से ₹85,000 जीएसटी गया।
कमिशन: 30% कमीशन कटने की बात कही गई।
भवन निर्माण: शेष राशि से भवन तैयार हुआ।
व्यक्तिगत दावा: ठेकेदार का कहना है कि लगभग ₹3 लाख उन्होंने अपनी जेब से खर्च किया (लेकिन इसकी पुष्टि हम लोग नहीं करते है)।
वर्तमान स्थिति: भवन तो बनकर तैयार है, लेकिन उसमें पढ़ने के लिए आवश्यक सामग्री (कुर्सी, बेंच, टेबल आदि) उपलब्ध नहीं है।
ठेकेदार का कहना: बाकी व्यवस्था स्थानीय स्तर पर करनी होगी।
👉 इसका मतलब है कि अभी भवन "पुस्तकालय" की तरह कार्य करने के लिए अधूरा है।
अगर इसे सही मायनों में उपयोग करना है तो:
1. स्थानीय निकाय/पंचायत/शिक्षा विभाग से फर्नीचर व सामग्री हेतु अलग बजट की मांग करनी होगी।
2. सामुदायिक सहयोग (गाँव/क्षेत्र के लोग मिलकर) से प्रारंभिक स्तर पर टेबल-कुर्सी व किताबें जुटाई जा सकती हैं।
3. एक समिति बनाई जा सकती है जो पुस्तकालय के संचालन, रख-रखाव और पारदर्शिता पर नज़र रखे।
#पंचमहला
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