16/06/2026
पखाला भात Pokhal Bhat उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड का एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन है。यह पके हुए चावलों को पानी या दही में भिगोकर और किण्वित (ferment) करके बनाया जाता है。गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडक देने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए इसे बहुत चाव से खाया जाता है。पखाला भात के मुख्य लाभ और विशेषताएँपाचन शक्ति रात भर पानी या दही में भीगे रहने के कारण चावलों में गुड बैक्टीरिया (Good bacteria) पनप जाते हैं, जो पाचन में सुधार करते हैं और पेट को स्वस्थ रखते हैं。हाइड्रेशन (Hydration): इसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है, जो चिलचिलाती धूप और गर्मियों में शरीर के तापमान को नियंत्रित और हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है。इलेक्ट्रोलाइट्स: यह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बनाए रखने में सहायक है。पखाला भात बनाने की विधिपारंपरिक रूप से पखाला दो तरह से बनाया जाता है: सादा पखाला (पानी और चावल) और दही पखाला दही, पानी और चावल。सामग्री:पके हुए या बचे हुए चावलठंडा पानी चावल डूबने से थोड़ा ज्यादा दही आवश्यकतानुसार, यदि दही पखाला बना रहे हों स्वादानुसार नमकतड़के के लिए: 1 छोटा चम्मच सरसों का तेल, राई, कढ़ी पत्ता, सूखी लाल मिर्च, और बारीक कटा प्याज व हरी मिर्चबनाने का तरीका:एक बर्तन में पके हुए चावल लें और उसमें पर्याप्त मात्रा में ठंडा पानी (और दही) मिलाएं स्वाद के लिए इसमें नमक, थोड़ा बारीक कटा प्याज और हरी मिर्च डालें。स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए, एक छोटे पैन में सरसों का तेल गरम करें। इसमें राई, कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालकर चटकाएं और इसे चावल के मिश्रण के ऊपर डालें तड़का लगाएं इसे कुछ घंटों या रात भर के लिए ऐसे ही छोड़ दें ताकि यह हल्का खट्टा और किण्वित ferment हो