02/06/2022
आत्मनिर्भर किसान के लिए प्राकृतिक खेती, पशुपालन, उत्पाद निर्माण आवश्यक है।
विगत वर्ष से ग्राम खिरहनी की महिला किसानों के साथ नियमित उनके ही गृह ग्राम में आजीविका, कृषि, क्षमता वर्धन आदि विभिन्न विषयों के साथ नियमित बैठक, प्रशिक्षण कार्यक्रमो का आयोजन कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के द्वारा किया जाता है। विगत दिवस समुन्नति एग्रो सॉल्यूशन एवम कृषि विज्ञान केंद्र की सहभागिता में पशु पालन, धान, प्राकृतिक खेती, दुग्ध दिवस, व्यवसायिक ऋण योजनाओं आदि की जानकारी को उपस्थित 40 किसानों के साथ बैठक आयोजित हुई।
डॉ. आर.पी.अहिरवार (मृदा वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र मण्डला)का कहना है- बीज शोधन, बीजोपचार, मृदा परीक्षण और हर पौधों में निश्चित अंतर के साथ धान रोपाई ज्यादा उत्पादन और कम खर्चीली पद्धति साबित होगी।
डॉ. प्रणय भारती (पशुपालन वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र)ने बताया- बकरी पालन एक ज्यादा लाभ का व्यवसाय साबित हो रहा है । इसमे नश्ल, खान पान, उसके आवास और बारिश के पूर्व पशुओं की सुरक्षा हेतु सावधानी जरूरी है।
गायत्री देवी (समुन्नति एग्रो सॉल्युसंस भोपाल)का कहना है -अपनी आजीविका के लिए समुन्नति एवम शासन की ढेर सारी योजनाओं का लाभ लेकर आप स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आत्मनिर्भर बनें इसी उद्देश्य से विगत 2 वर्ष से आपके साथ नियमित कार्य कर रहे हैं।
कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी सी.ई.ओ. रंजीत कछवाहा कहना है -इस खिरहनी ग्राम को प्राकृतिक खेती, आत्मनिर्भर किसान आजीविका समृद्धि और विभिन्न क्षेत्रों में यहां के ग्रामीण अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर बेहतर जीवन जी सकें । इस हेतु हमारी कंपनी की अध्यक्ष लक्ष्मी भांवरें नियमित प्रयासरत हैं उन्ही के नेतृत्व में जिले, प्रदेश एवम प्रदेश के बाहर भी बहुत सी कार्यशाला, मेला, बैठक, पुरुष्कार आदि कार्यक्रमों में सहभागिता कर अन्य सैंकड़ों किसानों के लिए प्रेरणादायी प्रयास किये जा रहे हैं।