Cricket Academy Of Madhubani

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एलेन डोनाल्ड ने एक बार कहा था कि सचिन तेंदुलकर मुझे उस सेना के कर्नल की याद दिलाते हैं जिसके सीने पर कई मेडल दिखाई देते ...
07/08/2024

एलेन डोनाल्ड ने एक बार कहा था कि सचिन तेंदुलकर मुझे उस सेना के कर्नल की याद दिलाते हैं जिसके सीने पर कई मेडल दिखाई देते हैं। उसी तरह जैसे सचिन ने दुनिया के सारे गेंदबाजों के खिलाफ विजय पाई है।

जब आप सचिन तेंदुलकर के 30 के दशक के मध्य से उनके करियर के दूसरे शिखर को देखते हैं, तो डोनाल्ड की बात बिल्कुल सच लगती है।

टेस्ट बल्लेबाज के रूप में सचिन तेंदुलकर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1996 से 2002 तक रहा, जब उन्होंने 114 पारियों में 60.26 की औसत से 23 शतक और 22 अर्द्धशतक के साथ 6328 रन बनाए।

लेकिन वह उन बहुत कम क्रिकेटरों में से एक हैं जिनके करियर का दूसरा शिखर 30 के दशक के मध्य में प्रभावशाली रहा।

अक्टूबर 2003 से जनवरी 2007 तक उनका फॉर्म ख़राब हो गया और वे थोड़े असंगत हो गये। टेनिस एल्बो ने उन्हें काफी परेशान किया. उन्होंने उस समय सीमा में 48 टेस्ट पारियों में 4 शतक और 8 अर्द्धशतक के साथ 44.21 की औसत से 1857 रन बनाए।

सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट पर राज करना शुरू किया और उनका दूसरा शिखर शुरू हुआ। मई 2007 से जनवरी 2011 तक 73 पारियों में उन्होंने 63.87 की औसत से 16 शतक और 16 अर्द्धशतक के साथ 4024 रन बनाए। विदेशी टेस्ट में उन्होंने 42 पारियों में 64.70 की औसत से 10 शतक और 8 अर्द्धशतक के साथ 2394 रन बनाए।

विजयी अभियान में, उन्होंने 31 पारियों में 78.04 की औसत से 8 शतक और 9 अर्द्धशतक के साथ 1951 रन बनाए।

हॉकी: भारत ने ग्रेट ब्रिटेन को शूटआउट में 4-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है. भारतीय टीम की जीत के हीरो पीआर श्रीज...
04/08/2024

हॉकी: भारत ने ग्रेट ब्रिटेन को शूटआउट में 4-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है. भारतीय टीम की जीत के हीरो पीआर श्रीजेश रहे, जिन्होंने शूटआउट में दो बेहतरीन बचाव किए.

Weldone Team Bharat

जवागल श्रीनाथ भारत के क्रिकेट इतिहास में अमिट नाम है. कभी इंजीनियरिंग करने के बाद अमेरिका में नौकरी करने के सपने देखने व...
03/08/2024

जवागल श्रीनाथ भारत के क्रिकेट इतिहास में अमिट नाम है. कभी इंजीनियरिंग करने के बाद अमेरिका में नौकरी करने के सपने देखने वाले इस जेंटलमैंन खिलाड़ी ने नहीं सोचा था कि वो क्रिकेट में आएगा और इतना नाम कमाएगा. श्रीनाथ की अपनी काबिलियत ही है कि 2002 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्हें तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने 2003 का विश्व कप खेलने के लिए बुलाया. श्रीनाथ ने गांगुली की बात मानी और भारतीय टीम में शामिल हुए. श्रीनाथ ने अपने इस अंतिम विश्व कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा 16 विकेट झटके
सन 1990 में भारतीय टीम इंलैंड के दौरे की तैयारी कर रही थी. इसी दौरान जवागल श्रीनाथ को नेट्स में बॉलिंग करने के लिए भेजा गया. पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज सुब्रतो बनर्जी ने इस घटना को याद करते हुए बताया, "दिलीप वेंगसरकर बैटिंग कर रहे थे. बिशन सिंह बेदी ने श्रीनाथ को बॉल फेंकने के लिए कहा. मैंने भारत में पहली बार इतनी तेज गेंद फेंकते हुए किसी को देखा. श्रीनाथ ने बाउंसर बॉल फेंकी और वो वेंगसरकर के बल्ले पर लगी और उनका बैट हाथ से छूट गया. इस बॉल का सामना करते हुए दिलीप वेंगसरकर चौंक गए थे, क्योंकि वो अभी नेट प्रैक्टिस पर पहुंचे ही थे कि उन्हें इस तरह की खरतनाक बॉल का सामना करना पड़ा सुब्रतो बनर्जी के मुताबिक, दिलीप वेंगसरकर इस के लिए ठीक से तैयार नहीं थे. इस पर वेंगसरकर ने श्रीनाथ से आग्रह करते हुए कहा, 'भाई बाउंसर मत डाल, बाउंसर के अलावा कुछ भी चलेगा.' श्रीनाथ ने इसके बाद सीधी यॉर्कर डाली, बॉल उनके पैर की उंगली पर गिरी और उनको चोट लग गई । श्रीनाथ असल मायने में भारतीय टीम के पहले स्पीड स्टार थे , श्रीनाथ ने 1997 में जिम्बाब्वे के खिलाफ बोलिंग करते हुए 157 की।स्पीड से बॉल फेकी जो किसी भी भारतीय द्वारा फेकी गई। सबसे तेज बॉल का रिकॉर्ड है।
1999 में श्रीनाथ ने सबको हैरान कर दिया. "वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में श्रीनाथ स्पीड के मामले में केवल पाकिस्तान के शोएब अख्तर से पीछे और साउथ अफ्रिका के एलन डोनाल्ड और ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा से आगे थे." इस वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए जवागल श्रीनाथ ने भारत की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट झटके.
उन्होने भारत के लिये 67 टेस्ट मैचों मे 236 तथा 229 वनडे मैचों में 315 विकेट्स लिये |
वर्तमान में श्रीनाथ मैच रेफरी के रूप में क्रिकेट से जुड़े है |

ओलंपिक गेम में भारत की ऐतिहासिक जीत ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से हॉकी में हराया
02/08/2024

ओलंपिक गेम में भारत की ऐतिहासिक जीत ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से हॉकी में हराया

भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व क्रिकेटर हैं , जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में भी काम किया है। वह...
01/08/2024

भारतीय राजनीतिज्ञ और पूर्व क्रिकेटर हैं , जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में भी काम किया है। वह दाएं हाथ के मध्य क्रम के बल्लेबाज और कभी-कभार मध्यम तेज गेंदबाज थे। उन्होंने भारत के लिए 99 टेस्ट मैच और 334 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले । एक कप्तान के रूप में, उन्होंने टीम को 1990-91 और 1995 के एशिया कप में जीत दिलाई और 1996 के क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुँचाया । उन्होंने 1990 के दशक के दौरान तीन क्रिकेट विश्व कप में भारत की कप्तानी की , जो किसी भी भारतीय कप्तान द्वारा सबसे अधिक है। वह 1985 की विश्व क्रिकेट चैंपियनशिप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे ।

01/08/2024

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31/07/2024

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सचिन के सेल्फिश पारी के सीरीज मे आज हम बात करेंगे सचिन के उस पारी की जिसको काफी अन्डररेटेड आँका जाता है। सचिन ने ये इनिं...
24/07/2024

सचिन के सेल्फिश पारी के सीरीज मे आज हम बात करेंगे सचिन के उस पारी की जिसको काफी अन्डररेटेड आँका जाता है। सचिन ने ये इनिंग खेली थी उस शक्तिशाली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिसके सामने किसी भी देश का कोई बल्लेबाज हो उसके हाँथ पाँव फूलने लगते थे। ऑस्ट्रेलियाई लगातार बल्लेबाजों पर दबाव बना कर रखते थे चाहे तेज गेंदबाजी हो चाहे तीखे बाउन्सर हो या स्लेजिंग के बहाने गालियां देना हो हर तरीके से बल्लेबाजों पर दबाव बना कर रखते थे।

उस ऑस्ट्रेलियाई टीम को सचिन हमेशा दबाव मे रखते थे और आज उन्होंने शतक जड़ कर फिर उसे साबित कर दिया। उन्होंने इस मैच मे 110 रन बनाए जबकि आप स्कोरबोर्ड देखेंगे तो जो दूसरा हाईएस्ट स्कोर है वो है 43 रन का है जो कांबली ने बनाया है। शेन वॉर्न, ग्लेन मैकग्राथ और मैकडरमॉट जैसे गेंदबाजों के ऊपर हावी होकर शतक बनाना अपने आप मे खास था।

सचिन ने वन मैन आर्मी के तरह इस मुकाबले मे लड़ाई किया और सेल्फिश 110 रन की पारी खेली जबकि उसी मैदान पर उसी गेंदबाजों के आगे कोई सो कॉल्ड सेल्फलेस बल्लेबाज 50 भी नहीं कर पाया। और लोग बोलते थे कि सचिन जब शतक करते थे तो भारत हार जाता था। सचिन के सेल्फिश पारी से ही भारत की लाज बची थी। सचिन ने ये पारी महज 21 साल के उम्र मे खेली थी
सचिन_जैसा_कोई_नहीं

Straight DriveThe straight drive is Sachin's signature shot. He plays it with impeccable timing, keeping his head still ...
23/07/2024

Straight Drive
The straight drive is Sachin's signature shot. He plays it with impeccable timing, keeping his head still and following through with the bat towards the bowler. This shot demonstrates his perfect balance and technique.

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