27/07/2026
"घर की ज़िम्मेदारियाँ हों या बिज़नेस का काम,
नौकरी की भागदौड़ हो या सुबह-शाम।
जुनून हो दिल में तो रास्ते निकल ही आते हैं,
हौसले वाले ही दुनिया में इतिहास बनाते हैं!"
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काम, परिवार और बिज़नेस के साथ इतिहास रचने वाले अरुण पाठशाला ग्रुप के जांबाज एथलीटों को सलाम!💪🏻💪🏻
आज अरुण पाठशाला ग्रुप का हर एक सदस्य गर्व महसूस कर रहा है!
एक आम इंसान के लिए दिनभर की थकान के बाद आराम करना आसान होता है, लेकिन हमारे इन 5 योद्धाओं ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो समय की कमी कभी रुकावट नहीं बनती। बिज़नेस, जॉब, और घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों को संभालते हुए इन्होंने HYROX जैसे कठिन इवेंट में अपनी सफलता का परचम लहराया है!
🔥 अजीत और शेखर (Ajeet & Sekhar) — (Doubles | टाइम: 01:44:55):
अपनी-अपनी जॉब की थकान और 8-9 घंटे की शिफ्ट के बाद भी दोनों का यह तालमेल काबिले-तारीफ है। 01:44:55 का जबरदस्त फिनिश टाइम हासिल करके अजीत और शेखर की इस जोड़ी ने दिखाया कि जब दो साथी व्यस्त जीवनशैली के बावजूद एक ही लक्ष्य के लिए खुद को झोंक देते हैं, तो परिणाम ऐतिहासिक होता है!
🔥 अरुण और मनिका (Arun & Manika) — (Mix Doubles | टाइम: 01:58:57):
अरुण और मनिका की जोड़ी तो हर किसी के लिए मिसाल है! अरुण जी ने जहाँ एक कोच और बिज़नेस ओनर के रूप में अपनी भूमिका निभाई और मनिका जी भी वेलनेस सेंटर (Wellness Center) चलाते हैं और दूसरों को सेहतमंद रहने की राह दिखाते हैं—उन्होंने आज खुद भी यह साबित करके दिखाया! मनिका जी, एक गृहिणी (Home Maker) होने के साथ-साथ बिज़नेस और अपनी फिटनेस को जिस तरह संभालती हैं, वह हर महिला के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। 01:58:57 का फिनिश टाइम आपकी कड़ी मेहनत और अनुशासन का प्रतीक है!
🔥 मनोज शुक्ला (Manoj Shukla) — (Solo | टाइम: 01:59:47):
नौकरी के साथ-साथ अकेले इतने कठिन HYROX सोलो रेस की तैयारी करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। बिना किसी पार्टनर के सपोर्ट के, हर स्टेशन और हर किलोमीटर पर खुद के दर्द से लड़ते हुए मनोज ने 01:59:47 में फिनिश लाइन पार की। अपने आराम को छोड़कर सीधा प्रो रेस में उतरना और जीत हासिल करना मनोज के अटूट जुनून को दिखाता है।
यह सफलता सिर्फ 1 या 2 घंटे के इवेंट की नहीं है, बल्कि महीनों के उस कड़े अनुशासन की है जो इन्होंने अपनी व्यस्त ज़िंदगी के बीच बनाए रखा:
नौकरी, घर और वेलनेस सेंटर के काम के बीच ट्रेनिंग का समय निकालना
दिनभर की थकान के बावजूद सुबह-शाम पसीना बहाना
खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाए रखना
इन्होंने यह साबित कर दिखाया कि "बहाने बनाने वाले सिर्फ वजह तलाशते हैं, और करने वाले इतिहास रच देते हैं!"
कहते हैं कि एक बेहतरीन कोच वही होता है जो सिर्फ शब्द न बोले, बल्कि खुद मैदान में उतरकर लीड करे! हमारे कोच अरुण जी ने आज यही साबित कर दिखाया है। 🙏🏻
अरुण पाठशाला ग्रुप की ओर से ढेर सारी बधाई!
@Ajeet Jio Runnerअजीत भाई, @Sekhar Chaurasiya Alwaysशेखर जी, @Coach Arun Mishraअरुण जी, @Manika Runnerमनिका जी और @Manoj Shukla Patshalaमनोज भाई —आप सभी अरुण पाठशाला परिवार की असली शान हैं। आपने न केवल खुद का नाम रोशन किया है, बल्कि हम सभी को यह सिखाया है कि जिम्मेदारियाँ कितनी भी हों, अगर दिल में जुनून हो तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।
आप सभी को इस शानदार सफलता पर बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ! ऐसे ही आगे बढ़ते रहिए! 🏆🎉🎉
@all