31/12/2025
भारत की सुरक्षा और हक की बात: अब और नहीं! 🇮🇳
आज समय आ गया है कि हम अपनी भावनाओं और देशहित के बीच एक स्पष्ट लकीर खींचें। भारत की मिट्टी, यहां के संसाधन और यहां की नौकरियां सबसे पहले भारतीयों के लिए हैं। पिछले कुछ समय से जिस तरह से बांग्लादेशी घुसपैठियों की तादाद बढ़ी है, वह न केवल हमारे देश की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि हमारे गरीब और मध्यम वर्ग के भाइयों की 'रोजी-रोटी' पर भी डाका है। 🚫
सच्चाई को पहचानना होगा: जब एक अवैध घुसपैठिया देश में आता है, तो वह किसी न किसी भारतीय का हक मारता है। सरकारी सुविधाओं से लेकर मेहनत-मजदूरी के काम तक, हर जगह इन अवैध लोगों ने कब्जा जमा लिया है। इन्हें तुरंत चिन्हित कर डिपोर्ट (Deport) किया जाना हमारे राष्ट्र की प्राथमिकता होनी चाहिए। 📢
न्याय की मांग: वहीं दूसरी ओर, हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हिंदू अल्पसंख्यक अपनी आस्था के कारण प्रताड़ित किए जा रहे हैं, जिनके घर जलाए जा रहे हैं और जिनकी जान पर हर वक्त खतरा बना रहता है, भारत उनका स्वाभाविक घर है। उन्हें शरण देना हमारा नैतिक और मानवीय कर्तव्य है। सताए हुए अपनों को गले लगाना और अवैध कब्जा करने वालों को बाहर निकालना—यही न्याय है। 🙏✨
हमें एक ऐसा मजबूत तंत्र चाहिए जो यह सुनिश्चित करे कि भारत की थाली पर पहला हक भारतीयों का हो और संकट में पड़े हिंदुओं के लिए हमारे द्वार हमेशा खुले रहें। इस संदेश को इतना फैलाएं कि यह हर देशप्रेमी की आवाज बन जाए! 🚩✊