महेंद्र बिडियासर सिलनवाद

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महेंद्र बिडियासर सिलनवाद Official Mahendra bidiyasar

17/07/2022

राजस्थान का बढ़ा मान पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल श्री जगदीप धनकड़ जी को एनडीए की ओर से उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर माननीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा जी का हार्दिक आभार।

श्री जगदीप धनकड़ जी राजस्थान के झुंझुनूं जिले के किसान पृष्ठभूमि से आते है। अतः उनको देश के दूसरे सर्वोच्च पद के लिए उम्मीदवार बनाकर माननीय प्रधानमंत्री जी ने पूरे राजस्थान वासियों सहित किसान बिरादरी का भी मान बढ़ाया है। इसके लिए मैं माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi जी का पुनः आभार व्यक्त करता हूं।

Jagdeep Dhankhar
Narendra Modi
J.P.Nadda
Amit Shah
Bharatiya Janata Party (BJP)Rajsthan

दिल्ली : कृषि कानूनों पर चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नरेंद्र सिंह तोमर ने विज्ञान भवन में लंच ब्रेक के दौ...
30/12/2020

दिल्ली : कृषि कानूनों पर चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नरेंद्र सिंह तोमर ने विज्ञान भवन में लंच ब्रेक के दौरान किसान नेताओं के साथ भोजन किया।

यही है मोदी सरकार सब का साथ सब का विश्वास😍💯

ताजमहल से 100 गुणा अच्छा बनाऊंगा राममंदिर💪💯बनाने वालो के हाथ नही कटेंगे,बल्कि उनके हाथ मे इनाम होगा।:- योगी जी😍जय योगीजी...
30/12/2020

ताजमहल से 100 गुणा अच्छा बनाऊंगा राममंदिर💪💯

बनाने वालो के हाथ नही कटेंगे,बल्कि उनके हाथ मे इनाम होगा।:- योगी जी😍
जय योगीजी💯

01/09/2020

यह है शेर 🦁
इस कहते हैं आवाज उठाना
एक बार पुरा जरूर सुने
मैं सैल्यूट करता हूँ बलजीत जी यादव को

🙏🚩Jai Shree ram🚩🙏
05/08/2020

🙏🚩Jai Shree ram🚩🙏

 #ये_वो_हथियार_हैं_जो_पिछले_सालों_में_मोदी #सरकार_ने_खरीदे_हैं_या_जिनके_सौदे_किए_हैं -● 36 :- राफेल मल्टीरोल फाइटर : 59,...
28/07/2020

#ये_वो_हथियार_हैं_जो_पिछले_सालों_में_मोदी
#सरकार_ने_खरीदे_हैं_या_जिनके_सौदे_किए_हैं -
● 36 :- राफेल मल्टीरोल फाइटर : 59,000 करोड़
● 7 :- प्रोजेक्ट-17A क्लास युद्ध-पोत : 50,000 करोड़
● 5 :- एयर डिफेंस SAM S-400 : 39,000 करोड़
● 22 :- अपाचे AH-64 और 15 शिनूक : 3 अरब डॉलर
● पुर्जे और गोला बारूद : 3 अरब डॉलर
● 6 :- अरिहंत क्लास सबमरीन : 23,652 करोड़
● 1 :- अकुला II क्लास न्यूक्लियर अटैक पनडुब्बी : 3.3 अरब डॉलर
● बराक-8 MRSAM एयर डिफेंस : 2 अरब डॉलर
● 73 :- ALH ध्रुव : 14,151 करोड़
● 464 :- मेन बैटल टैंक T-90 MS : 13,448 करोड़
● LRSAM बराक-8 : 1.41 अरब डॉलर
● 2 :- 'आकाश - NG' SAM रेजिमेंट : 9,100 करोड़
● 2 :- मल्टी यूटिलिटी वेसल 'HSL' : 9,000 करोड़
● 4 :- P-8i 'Poseidon' : 1 अरब डॉलर
● 'NASAMS' SAM : 1 अरब डॉलर
● 2 :- प्रोजेक्ट '11356 युद्धपोत' : 950 मिलियन डॉलर
● 6 :- 'अपाचे AH-64' : 930 मिलियन डॉलर
● 113 :- AL-31FP इंजन, सुखोई के लिए : 7,739 करोड़
● 145 :- हॉवित्जर 'M777' : 5,000 करोड़
● 66 :- ग्रीन पाइन रडार : 4,577 करोड़
● 100 :- K-9 'वज्र' हॉवित्जर : 4,366 करोड़
● 1 :- ब्रम्होस डिवीजन : 4,300 करोड़
● 'स्काई कैप्चर' वायु रक्षा प्रणाली : 550 मिलियन डॉलर
● 164 :- ‘Litening-4’ टारगेटिंग पॉड्स**
● 250 :- 'स्पाइस-2000' सटीक स्टैंड-ऑफ बम**
● Python 5, I-Derby ER air to air missiles**
(** वाली तीनों डील कुल मिलाकर 3500 करोड़ की है)

● 150 :- 'ATAGS 155mm हॉवित्जर : 3,364 करोड़
● 13 :- नेवल गन 127mm Mk45 : 470 मिलियन डॉलर
● 2 :- 'पिनाका MBRL' रेजिमेंट : 3,000 करोड़
● 1 :- C-17 'ग्लोबमास्टर' : 366 मिलियन डॉलर
● 10 :- IAI 'Eitan' सशस्त्र ड्रोन : 366 मिलियन डॉलर
● 4 :- 'GSRE क्लास' सर्वेक्षण पोत : 2,500 करोड़
● 28 :- 'डोर्नियर Do 228' : 2,428 करोड़
● 2 :- DSRV सपोर्ट वेसल : 2,050 करोड़
● 2 :- सबमरीन रेस्क्यू 'DSRV' : 1,900 करोड़
● 72,400 :- सिग सायर कॉम्बैट राइफल्स : 1,798 करोड़
● 1 :- महासागर निगरानी जहाज (P-11184) : 1,500 करोड़
● 7 :- L&T क्लास अपतटीय गश्ती पोत : 1,432 करोड़
● 114 :- धनुष हॉवित्जर : 1,300 करोड़
● NBC वाहन : 1,265 करोड़
● 240 :- KAB-1500 बम : 1254 करोड़
● 5000 :- मिलन 2T ATGM : 1,200 करोड़
● इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल ICV's : 1,125 करोड़
● 'उच्च क्षमता रेडियो रिले' (HCRR) : 1,092 करोड़
● 5,917 :- बैरेट्टा स्कार्पियो स्नाइपर राइफल 8.36mm : 982 करोड़
● 1,500 :- M95 MS बैरेट .50 BMG एंटी मटेरियल राइफल
● उन्नत टारपीडो डेको सिस्टम (ATDS) : 850 करोड़
● 1.86 लाख :- बुलेट प्रूफ जैकेट : 693 करोड़
● नेवल MRSAM : 93 मिलियन डॉलर
● 1 :- सर्वे ट्रेनिंग वेसल (STV) : 626 करोड़
● 22 :- 'हार्पून' मिसाइल : 81 मिलियन डॉलर
● 13 :- NAMICA 'ATGM' : 524 करोड़
● 1 :- DRDO प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पोत : 365 करोड़
● 300 :- M-46 Towed 'सारंग' (45 Cal) अपग्रेड : 200 करोड़
● 1.58 लाख :- बुलेट प्रूफ हेलमेट : 180 करोड़

📌 डीएसी ने 2014 के बाद 4.28 लाख करोड़ से अधिक रक्षा सौदों को मंजूरी दी है.

● 6 :- 'SSN क्लास' परमाणु पनडुब्बी : 60,000 करोड़
● 83 :- LCA 'तेजस' : 49,797 करोड़
● 6 :- प्रोजेक्ट 75-I क्लास सबमरीन : 40,000 करोड़
● 938 :- एयर डिफेंस गन : 5 अरब डॉलर
● 4 :- लैंडिंग हेलीकाप्टर डॉक : 25,000 करोड़
● 111 :- नेवल यूटिलिटी हेलीकाप्टर : 21,738 करोड़
● 200 :- कामोव 'Ka 226-T' : 20,000 करोड़
● 104 :- K-30 Bhio वायु रक्षा प्रणाली : 2.66 अरब डॉलर
● 814 :- सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रक माउंटेड हॉवित्जर : 2.5 अरब डॉलर
● 6 :- 'पिनाका MBRL' रेजिमेंट : 14,633 करोड़
● 22 :- 'प्रिडिएटर - B' ड्रोन : 2 अरब डॉलर
● 24 :- मल्टीरोल नेवल एएसडब्ल्यू हेलीकाप्टर : 1.8 अरब डॉलर
● 16 :- ASW Shallow Water Crafts : 12,000 करोड़
● 244 :- एयर डिफेंस गन : 1.5 अरब डॉलर
● 1,276 :- VSHORADS एयर डिफेंस : 1.5 अरब डॉलर
● 3 :- 'S-5 क्लास' SSBN परमाणु पनडुब्बी : 10,000 करोड़
● 118 :- अर्जुन मार्क-II MBT : 6,600 करोड़
● 2 :- AWACS 'EL/W-2090' : 800 मिलियन डॉलर
● 3.5 लाख :- कार्बाइन : 4,607 करोड़
● 41,000 :- लाइट मशीनगन 'LMG' : 3,000 करोड़
● युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस : 3,000 करोड़
● 15 :- हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर (LCH) : 2,911 करोड़
● 3 :- ABG-क्लास कैडेट प्रशिक्षण शिप : 2,700 करोड़
● 1000 :- इंजन, T-72 MBT के लिए : 2,300 करोड़
● 150 :- बख्तरबंद लड़ाकू वाहन : 2,200 करोड़
● 100 :- टारपीडो : 2000 करोड़
● 93,895 :- CQB कार्बाइन : 553.33 मिलियन डॉलर

📌 डीएसी ने 2014 के बाद 4.18 लाख करोड़ से अधिक रक्षा सौदों को प्राथमिक मंजूरी दी है.

● 110 :- मल्टीरोल फाइटर : 1,25,000 करोड़
● 57 :- नेवल फाइटर : 95,000 करोड़
● 2610 :- भविष्य की इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (FICV) : 7.5 अरब डॉलर
● 1770 :- फ्यूचर रेडी कॉम्बैट व्हीकल (FRCV) : 5.5 अरब डॉलर
● 12 :- फ्यूचर इंडियन माइनहंटर क्लास : 32,000 करोड़
● 5 :- रेथियॉन ISTAR 'सेंटिनल' : 3 अरब डॉलर
● 4 :- मल्टी-रोल सपोर्ट वेसल : 16,000 करोड़
● 56 :- एयरबस C295 परिवहन जहाज : 1.87 अरब डॉलर
● 5 :- फ्लीट सपोर्टिंग शिप : 9,500 करोड़
● 21 :- मिग - 29KUB : 6,000 करोड़
● 18 :- सुखोई - 30MKI : 5,850 करोड़
● 50 :- IAI 'Heron' : 500 मिलियन डॉलर
● 54 :- 'हारोप' ड्रोन
और इस तरह मोदी सरकार ने पिछले 30 सालों का हथियारों का सूखा खत्म किया ।

नोट :- यह कोई खूफिया जानकारी नहीं है

14/07/2020

Good work
रायमलवाड़ा (ओसियाँ)

07/07/2020

*मृत्‍यु-भोज निषेध कानून*

*मृत्‍यु-भोज जिसमें*, *गंगा-प्रसादी इत्‍यादि शामिल है अब ''राजस्‍थान मृत्‍यु-भोज निषेध अधिनियम 1960'' के तहत दण्‍डनीय अपराध हो गया है* ।
*मृत्‍यु-भोज की कानून में परिभाषा*

राजस्‍थान मृत्‍यु-भोज निषेध अधिनियम की धारा 2 में लिखा है कि किसी परिजन की मृत्‍यु होने पर, किसी भी समय आयोजित किये जाने वाला भोज, नुक्‍ता, मौसर, चहलल्‍म एवं गंगा-प्रसादी मृत्‍युभोज कहलाता है कोई भी व्‍यक्ति अपने परिजनों या समाज या पण्‍डों, पुजारियों के लिए धार्मिक संस्‍कार या परम्‍परा के नाम पर मृत्‍यु-भोज नही करेगा ।
मृत्‍यु-भोज करने व उसमें शामिल होना अपराध है :-

धारा 3 में लिखा है कि कोई भी व्‍यक्ति मृत्‍यु-भोज न तो आयोजित करेगा न जीमण करेगा न जीमण में शामिल होगा न भाग लेगा ।
मृत्‍यु-भोज करने व कराने वाले की सजा व दण्‍ड :-

धारा 4 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति धारा 3 में लिखित मृत्‍यु-भोज का अपराध करेगा या मृत्‍यु-भोज करेन के लिए उकसायेगा, सहायता करेगा, प्रेरित करेगा उसको एक वर्ष की जेल की सजा या एक हजार रूपये का जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।
मृत्‍यु-भोज पर कोर्ट से स्‍टे लिया जा सकता है :-

धारा 5 के अनुसार यदि किसी व्‍यक्ति या पंच, सरपंच, पटवारी, लम्‍बरदार, ग्राम सेवक को मृत्‍यु-भोज आयोजन की सूचना एवं ज्ञान हो तो वह प्रथम श्रेणी न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट की कोर्ट में प्रार्थना-पत्र देकर स्‍टे लिया जा सकता है पुलिस को सूचना दे सकता है । पुलिस भी कोर्ट से स्‍टे ले सकती है एवं नुक्‍ते को रूकवा सकती है । सामान को जब्‍त कर सकती है ।
कोर्ट स्‍टे का पालन न करने पर सजा :-

धारा 6 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति कोर्ट से स्‍टे के बावजूद मृत्‍यु-भोज करता है तो उसको एक वर्ष जेल की सजा एवं एक हजार रूपये के जुर्माने या दोनों से दण्डित किया जायेगा ।
सूचना न देने वाले पंच-सरपंच-पटवारी को भी सजा :-

धारा 7 में लिखा है कि यदि मृत्‍यु-भोज आयोजन की सूचना कोर्ट के स्‍टे के बावजूद मृत्‍यु-भोज आयोजन होने की सूचना पंच, सरपंच, पटवारी, ग्रामसेवक कोर्ट या पुलिस को नहीं देते हैं एवं जान बूझकर ड्यूटी में लापरवाही करते हैं तो ऐसे पंच-सरपंच, पटवारी, ग्रामसेवक को तीन माह की जेल की सजा या जुर्माना या दोनो से दण्डित किया जायेगा ।
मृत्‍यु-भोज में धन या सामान देने वाला रकम वसूलने का अधिकार नहीं है :-

धारा 8 में लिखा है कि यदि कोई व्‍यक्ति बणिया, महाजन मृत्‍यु-भोज हेतु धन या सामान उधार देता है तो उधार देने वाला व्‍यक्ति, बणिया, महाजन मृत्‍यु-भोज करने वाले से अपनी रकम या सामान की कीमत वसूलने का अधिकारी नहीं होगा । वह कोर्ट में रकम वसूलने का दावा नहीं कर सकेगा । क्‍योंकि रकम उधार देने वाला या सामान देने वाला स्‍वयं धारा 4 के तहत अपराधी हो जाता है ।

अत: यदि कोई व्‍यक्ति अंधविश्‍वास में फंसकर या उकसान से मृत्‍यु-भोज कर चुका है और उसने किसी से धन या सामान उधार लिया है तो उसको वापिस चुकाने की जरूरत नहीं है । अत: सभी बुद्धिजीवियों का कृर्त्तव्‍य है कि मृत्‍यु-भोज को रूकावे न मानने पर कोर्ट से स्‍टे लेवे एवं मृत्‍यु-भोज करने व कराने वालो को दण्डित करावें ।
इस देश का जन सामान्‍य, भोले-भाले, अनपढ़, रूढ़ीवादी धर्मभीरू श्रमजीवी वर्ग के लोग स्‍वर्ग-मोक्ष के अंधविश्‍वासी कर्मकाण्‍डों में सस्‍कारों में जीवन भर फंसे रहते है । ये संस्‍कार, कर्मकाण्‍ड इनके काले-भालू रूपी कम्‍बल की भांति लिपट गये है जो छोडना चाहने पर भी नहीं छूटते है है बल्कि गरीबों-कंगाली व बर्बादी के गर्त में डूबों रहे हैं

लो पहुंच गया शेर चीन को ललकारने!नीमू की फॉरवर्ड पोस्ट है जो समुद्री तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद है, जिसे दुनिया ...
03/07/2020

लो पहुंच गया शेर चीन को ललकारने!
नीमू की फॉरवर्ड पोस्ट है जो समुद्री तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद है, जिसे दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक पोस्ट में से एक माना जाता है।
जिस देश का प्रधानमंत्री यूं खुद हौसला बढ़ाता है, भला उसे कौन मात दे सकता है🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳💪💪शेरे-ऐ-हिन्दुस्तान💪💪

भारत सरकार का ऐतिहासिक फैसला।भारत के अंदर टिक टोक, शेयरईट, हेलो सहित 59 चाइना के एप्प्स बैन।मैं इस फैसले का समर्थन करता ...
29/06/2020

भारत सरकार का ऐतिहासिक फैसला।
भारत के अंदर टिक टोक, शेयरईट, हेलो सहित 59 चाइना के एप्प्स बैन।
मैं इस फैसले का समर्थन करता हूँ।

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