29/10/2025
सियासी ताकत क्या होती है इसकी एक मिसाल देखिए...
बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के पास 16 सांसद हैँ लोकसभा में और अगली विधानसभा चुनाव में भी 50-55 विधायक जीत कर आ ही जायेंगे..
और नीतीश कुमार खुले हुए भाजपा के साथी और हुकूमत में साझीदार हैं..... मतलब एजेंट.
लेकिन इन सब के बावज़ूद कांग्रेस समेत दूसरी सेकुलर पार्टियों के नेता दुआ मांगते रहते हैं कि इनका ह्रदय परिवर्तन हो जाए और ये भाजपा से नाता तोड़ कर उनकी तरफ आ जाएं और भले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ही रहें...
तो ये है सियासी ताकत....
लेकिन मजलिस और ओवैसी को भाजपा का एजेंट साबित करने की हर झूठी कोशिश करते रहे हैं यही सारे नेता...
कारण क्या है?
कारण है ओवैसी के पास नीतीश कुमार के जितनी सियासी ताकत नहीं है,,, पिछले इलेक्शन में जो सियासी ताकत हासिल हुयी उसको भी खत्म करने की कोशिश की गई..
अब अगर बिहार के इस इलेक्शन में मजलिस 10-12 सीट जीत कर ले आयी तो वो नेता जो ओवैसी साहब को भाजपा का एजेंट या B टीम कहते आये हैं वो अख्तर उल ईमान साहब के तलवे चाटने के लिए भी राजी हो जाएंगे अगर बिहार के नतीजे हिसाब से आ गए...
और ये जो डरपोक जुम्मन समाज है ये तो अल्लाह से दुआएं मांगना शुरू कर देगा कि मजलिस लालू के लौंडे को समर्थन दे दे..
आपकी सियासी ताकत आपके लिए हर हाल में फायदेमंद ही है,,, चाहे आप जुम्मन हो या MIMमन