01/06/2026
⚽ हरियाणा फुटबॉल का एक साल बर्बाद किसके कारण? ⚽
पिछले लगभग एक वर्ष से हरियाणा फुटबॉल विवादों, कोर्ट केसों और प्रशासनिक अस्थिरता का शिकार बना हुआ है। कुछ लोगों द्वारा शुरू किए गए कानूनी विवादों ने हरियाणा फुटबॉल को ऐसी स्थिति में पहुँचा दिया है जहाँ खिलाड़ियों का भविष्य दांव पर लग गया है।
फरीदाबाद, झज्जर और रोहतक से जुड़े कुछ व्यक्तियों द्वारा उठाए गए कदमों के कारण आज हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन प्रशासक के अधीन है। इसका परिणाम यह हुआ कि फुटबॉल गतिविधियाँ प्रभावित हुईं, विकास कार्य रुके और सबसे बड़ी शर्म की बात यह रही कि हरियाणा की टीम राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप में भी भाग नहीं ले सकी।
क्या किसी ने उन खिलाड़ियों के बारे में सोचा जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की?
क्या किसी ने उन कोचों और रेफरियों के बारे में सोचा जो फुटबॉल के विकास के लिए काम कर रहे थे?
क्या किसी ने हरियाणा की उस प्रतिष्ठा के बारे में सोचा जो वर्षों की मेहनत से बनाई गई थी?
सूरजपाल अमू जी और अनेक समर्पित खेल प्रेमियों ने हरियाणा फुटबॉल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। हरियाणा ने अनेक राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतीं, खिलाड़ियों ने पुरस्कार और छात्रवृत्तियाँ हासिल कीं, तथा राज्य का नाम पूरे देश में रोशन किया।
लेकिन पिछले एक वर्ष में व्यक्तिगत हितों और विवादों ने हरियाणा फुटबॉल को पीछे धकेल दिया है। इसका नुकसान किसी पदाधिकारी का नहीं, बल्कि हजारों खिलाड़ियों और उनके सपनों का हुआ है।
हरियाणा फुटबॉल परिवार जवाब चाहता है—
खिलाड़ियों का खोया हुआ एक साल कौन लौटाएगा?
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छूटा हुआ अवसर कौन वापस लाएगा?
हरियाणा फुटबॉल की छवि को हुए नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
अब समय है कि व्यक्तिगत विवादों से ऊपर उठकर खिलाड़ियों और फुटबॉल के हित में समाधान निकाला जाए।
⚽ खिलाड़ी किसी भी विवाद से बड़े हैं।
⚽ हरियाणा फुटबॉल किसी भी व्यक्ति से बड़ा है।