12/05/2026
अच्छा लगता है जब आप अपने गांव, अपने इलाके और अपने बच्चों के सपनों के लिए कुछ करते हैं।
नौकरी छोड़ना आसान नहीं था, “इंजीनियर” का टैग छोड़ना भी आसान नहीं था… लेकिन 24 जनवरी 2021 को जब मैं और अर्जुन चाचा ने मिलकर Cricket Academy of Ghatsila की शुरुआत की, तब सिर्फ एक सपना था — हमारे यहां की प्रतिभाओं को रुकने नहीं देना।
शुरुआत में बहुत सवाल उठे…
“कैसे चलेगा?”
“कितने दिन चलेगा?”
“यहां से क्या होगा?”
लेकिन हम रुके नहीं। संघर्ष था, संसाधनों की कमी थी, मैदान की परेशानी थी, फिर भी हौसला था। क्योंकि हम जानते थे कि हमारे इलाके में प्रतिभा की कमी नहीं है, कमी है सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर की।
आज वही सपना धीरे-धीरे सच होता दिख रहा है।
प्रियंका जैसे कई बच्चे, जो शायद सुविधाओं के अभाव में खेल छोड़ देते, आज मैदान में अपना नाम बना रहे हैं।
आज हमारी अकादमी के बच्चे सिर्फ झारखंड ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
रिषभ सिन्हा, अनुभव चौधरी, हिमेश महतो, आराध्या सिंह, तुषार बेलदार जैसे होनहार खिलाड़ी हमारे घातशिला का नाम रोशन कर रहे हैं।
ये सिर्फ क्रिकेट नहीं…
ये उन सपनों की कहानी है जिन्हें कभी छोटा समझा गया था।
और आज वही सपने उड़ान भर रहे हैं। ❤️🏏