01/09/2025
गुनाह एक, किसी को सजा तो कोई आजाद। बड़े खिलाड़ियों को लेकर एक पुराना विवाद दोबारा सिर उठा रहा है। केएल राहुल, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा जैसे टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी दलीप ट्रॉफी नहीं खेल रहे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब स्टार खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट खेलने से कतरा रहे हैं। इससे पहले विराट कोहली, एमएस धोनी और सचिन तेंदुलकर जैसे स्टार प्लेयर्स भी घरेलू टूर्नामेंट स्किप कर चुके हैं। केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, सूर्यकुमार यादव, रवींद्र जडेजा, करुण नायर, साई सुदर्शन और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे टीम इंडिया के प्लेयर्स घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेल रहे हैं। सभी फिट हैं। अक्षर, सूर्या और हार्दिक को छोड़कर बाकी सभी प्लेयर्स इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान टीम का हिस्सा भी थे। इसके बावजूद इन्हें दलीप ट्रॉफी के स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया। जबकि टीम के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को नॉर्थ जोन की भी कमान सौंप दी गई। हालांकि, बीमारी के कारण वे मुकाबला नहीं खेल सके।
ईशान किशन, आकाशदीप, ध्रुव जुरेल, अभिमन्यु ईश्वरन, नीतीश रेड्डी और ऋषभ पंत इंजरी या बीमारी के कारण शामिल नहीं हो सके। हालांकि, बाकी प्लेयर्स को क्यों बाहर किया गया या वे क्यों टूर्नामेंट नहीं खेल सके, इसकी कोई खास वजह BCCI या स्टेट बोर्ड की ओर से नहीं बताई गईं। 2023-24 के घरेलू सीजन में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने रेस्ट करने का फैसला किया था। श्रेयस अनफिट थे, वहीं ईशान ने रेस्ट मांगा था। घरेलू सीजन स्किप करने के बाद दोनों ही प्लेयर्स को BCCI ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया था। दोनों ने फिर घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। श्रेयस ने टीम में वापसी कर ली और चैंपियंस ट्रॉफी विनिंग टीम का हिस्सा भी बन गए, लेकिन ईशान अब तक टीम इंडिया में वापसी करने में कामयाब नहीं हो सके। अब इंजरी के कारण वे इस बार की दलीप ट्रॉफी का हिस्सा भी नहीं बन सके। श्रेयस जरूर वेस्ट जोन से सेमीफाइनल खेलते नजर आएंगे।
ऐसा पहली बार नहीं है, जब टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंट स्किप कर रहे हैं। इसी साल मई में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले रोहित शर्मा ने 9 साल, वहीं विराट कोहली ने 15 साल पहले आखिरी दलीप ट्रॉफी मैच खेला था। विराट ने 2010 में आखिरी बार नॉर्थ जोन की कप्तानी की थी, वहीं 2016 में रोहित इंडिया ब्लू की ओर से गौतम गंभीर की कप्तानी में खेले थे। पूर्व कप्तान एमएस धोनी भी टीम इंडिया के कप्तान बनने के बाद बहुत कम घरेलू मैच खेलते थे। सचिन तेंदुलकर के नाम भी महज 8 ही दलीप ट्रॉफी मैच खेलने का रिकॉर्ड है। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास 2013 में लिया, लेकिन आखिरी दलीप ट्रॉफी मैच 2005 में खेला था। हालांकि, सचिन ने अपने संन्यास के पहले मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी मैच जरूर खेला था। विराट और रोहित ने भी टेस्ट संन्यास से पहले इसी साल अपनी-अपनी घरेलू टीम से रणजी मैच खेला था। जिस घरेलू क्रिकेट को ना खेलने की वजह से श्रेयस एवं ईशान को सेंट्रल कॉन्टैक्ट से बाहर कर दिया गया, क्या उससे बाकी खिलाड़ियों को छूट देना जायज है?