22/06/2018
*जो बाहर की सुनता है*
*वो बिखर जाता है*
*जो भीतर की सुनता है*
*वो सँवर जाता है*
*ज़िन्दगी तस्वीर भी है और तकदीर भी*
*फर्क रंगों का है*
*मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर*