26/08/2026
छोटे से गाँव से दिल्ली क्रिकेट तक — प्रणीत तिवारी की कहानी मेहनत, संघर्ष और विश्वास की कहानी है। 🏏❤️
सुल्तानपुर के एक छोटे से गाँव से दिल्ली आए प्रणीत ने करीब 5 साल पहले द्रोणाचार्य क्रिकेट अकैडमी में कदम रखा। कोच सचिन सर के मार्गदर्शन में लगातार मेहनत की और दो बार DDCA लीग के बेस्ट बॉलर बने।
पहले अंडर-19 ट्रायल में चयन नहीं हुआ, लेकिन प्रणीत ने हार नहीं मानी। अगले साल वापसी की और दिल्ली U-19 टीम में जगह बनाई।
मुश्किल समय में द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता श्री गुरचरण सिंह जी ने उसके लिए खड़े होकर उसका साथ दिया। DDCA में अधिकारियों और अध्यक्ष श्री रोहन जेटली के सहयोग से प्रणीत को अपना अवसर मिला।
और उसने उस अवसर को यादगार बना दिया।
2025–26 में सिर्फ 5 U-19 मैचों में 23 विकेट। 🔥
फिर आया DPL Season 3। शुरुआत में मौके का इंतजार करना पड़ा। सचिन सर की एक बात हमेशा साथ रही—
“जिस दिन तुम्हें मौका मिलेगा, तुम कर दिखाओगे… क्योंकि तुम कर सकते हो।”
मौका मिला… और प्रणीत ने साबित कर दिया।
यह कहानी सिर्फ विकेटों की नहीं, बल्कि उस विश्वास की है जो एक खिलाड़ी को हार मानने से रोकता है।
प्रणीत की अगली पारी अभी शुरू हुई है। 🏏🔥
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