Pratul Upadhyay

Pratul Upadhyay जय श्री परशुराम जय ब्रह्मदेव समाज

13/02/2024

इंसान का असली चरित्र तब सामने आता है.. जब वो नशे में होता है नशा चाहे शराब, सत्ता ,पद, कद, रूप या पैसा का हो 💛🧡❤️

13/11/2021
19/07/2021

*दुनिया में हजारों रिश्ते बनाओ*
*लेकिन उन हजारों रिश्ते में से*

एक रिश्ता ऐसा
बनाओ की

*जब हजारों आप के खिलाफ़ हो*
*तब भी वह आपके साथ हो.*

🙏💞🌻 *शुभ प्रभात* 🌻💞🙏

18/07/2021

कौवा शहर के सबसे ऊँचे भवन पर भी जाकर बैठ जाए तब भी रहता कौवा ही है, वो बाज नहीं बन जाता अर्थात आदमी अपने गुणों से महान बनता है।। ऊँचे पदों से नहीं जिस शरीर के साथ हमारा जन्म हुआ उसके लिए हम जिम्मेदार नहीं है। किन्तु जिस व्यक्तित्व चरित्र और किरदार के साथ हम विदा होंगे उसके लिए हम जिम्मेदार होंगे, इसलिए अच्छे-अच्छे गुण धारण करो, किसी को कोई तकलीफ न हो इसका खयाल रखो चुगली करना, इधर-उधर बात फैलाना, द्वेष पैदा करना, कलह करवाना यह महान् हत्या है, बड़ा भारी पाप है, सबको हँसाना लेकिन कभी किसी पर हँसना मत सबके दुख बाटना, लेकिन किसी को दुखी मत करना, सबकी राह में दीप जलाना लेकिन किसी का दिल मत जलाना, यही जीवन की रीत हैं। जैसा बोओगे वैसा ही पाओगें पेड़ बबूल का लगा कर आम का फल पाने की कभी आशा न करना।

जय श्री राधे राधे, जय श्री राम,

18/07/2021

जीवन में आनेवाले कठिन पलों को भी सकारात्मक दृष्टि से देखें संभव है की वो हमें कुछ ऐसा सिखा जाएं जो जीवन के सफर को आसान बना दे। निराशा वो जेल है जहाँ पीड़ित कैदी भी आप हो, और जालिम जेलर भी आप हो, तनाव जितना सादा होगा तनाव उतना ही आधा होगा योग करें या ना करें लेकिन जरुरत पड़ने पर एक दूसरे का सहयोग जरुर करें।

जय श्री राम, जय श्री राधे राधे

18/07/2021

सम्बंध हो या समस्या बस मन बडा रखना.बाक़ी दुनिया तो बहुत छोटी ही है, मनमुटाव और नदी का उद्ग़म बहुत छोटा होता है किन्तु जैसे जैसे ये आगे बड़ते है,विशाल रूप धारण कर लेते है समाज में साथ ठहरना आना चाहिए .चलने के लिए तो सब तैयार है!

जय श्री राधे राधे, जय श्री राम,

18/07/2021

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