02/07/2021
आज प्रैक्टिस मैच के कुछ रोचक, और निराशाजनक, प्रदर्शन के मुख्य अंश. एक कोच की नजर से.
मास्टर जगलर टीम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का निर्णय किया! यह निर्णय उस समय गलत साबित लगने लगा, जब मास्टर जगलर टीम के 10 ओवर में, 54 रन बनाकर 6 खिलाड़ी पवेलियन जा चुके थे. ऐसे समय में एक छोर पर सक्षम शर्मा एक अनुभवी बल्लेबाज की तरह और अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे. साथी खिलाड़ी कोई भी सक्षम का साथ देने को तैयार नहीं दिख रहे थे. सक्षम शर्मा अपना लगातार दूसरा अर्धशतक बनाने के बाद अपना संयम खोने के साथ आउट हो गए. देखना यह है कि सक्षम शर्मा अपना तीसरा लगातार अर्धशतक बना पाते हैं कि नहीं. सक्षम के आउट होने के बाद अपना पहला मैच खेल रहे हर्ष ने मोर्चा संभाला और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए शानदार अर्थ शतक बनाया और टीम के स्कोर को एक सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने में लास्ट विकेट के रूप में मयूरी ने हर्ष के साथ 39 रनों का सहयोग दीया.
बाकी सारे खिलाड़ी बल्लेबाज के तौर पर और फील्डिंग करते समय मुझे टीम में बोझ महसूस हो रहे थे.
अब बारी आती है बॉलर्स की बॉलिंग पक्ष हमारा हमेशा से मजबूत रहा है इस मैच में भी सारे बॉलर्स ने यह साबित कर दिया परंतु 40 ओवर के मैच में 158 रन कितने भी अच्छी बॉलिंग अटैक के लिए पर्याप्त नहीं है! ऐसे में कोई चमत्कार ही मैच जिता सकता है, और वह चमत्कार किया अपना जिंदगी का पहला मैच खेल रही मयूरी की बहन लज्जा राम जी की सुपुत्री और मेरी अच्छी शिष्य में शुमार रानी ने. किसी भी खिलाड़ी के लिए इससे अच्छा शुभारंभ क्या होगा कि वह अपने पहले मैच में पहली 3 बोलों पर 3 विकेट प्राप्त कर ले. ऐसे चमत्कार सालों में कभी-कभी होते हैं और आज के मैच में हमें इन्हीं चमत्कारों ने मैच जिताया! आज एक और अचंभित करने वाला चमत्कार हमारे साथ हुआ, अपना विकेटकीपर के तौर में पहला मैच खेल रही वृंदा शर्मा शानदार विकेट कीपिंग की, उम्मीद से अच्छी, सिर्फ बाई का 1 रन दिया.
तो कहावत सही साबित होती है चमत्कार को नमस्कार
उम्मीद है बाकी जो कुछ अनुभवी खिलाड़ी टीम में इस समय खेल रहे हैं अपना आगे के मैचों में योगदान देने की कोशिश करेंगे!!
बाकी आप सब लोग भी स्वतंत्र हैं अपने अपनी राय प्रकट करने में