15/08/2026
यूँ ही नहीं मिली हिंद को आज़ादी,
वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है।
सीने पर खाई हैं हज़ारों गोलियाँ,
तब जाकर यह आबोहवा मिली है। मातृभूमि की रक्षा में जो हँसते-हँसते झूल गए सूली पर,
उनकी शहादत से ही यह पावन माटी सजी है।
आओ झुककर नमन करें उन वीर जवानों को,
जिनकी बदौलत आज स्वतंत्रता की यह मशाल जली है।