27/01/2022
एक तपिश एक ताब देखना चाहता हूँ मैं!
एक ज़र्रे में आफ़ताब देखना चाहता हूँ मैं!
नींद तो आती नहीं मुझे इक मुद्दत से मगर!
खुली आँखों से एक ख़्वाब देखना चाहता हूँ मैं!
राज़ लखनवी