30/06/2024
विद्यालय का अंतिम दिन
छोड़ रहे थे उसको प्रतिपल गिन -गिन
वह वृक्ष जो प्रांगण में था लगा
कुछ मूक शब्दों में बोल उठा .
वह अनायास ही कहने लगा
जा रहे छोड़ तुम तरुवर छाया
इस पल हृदय में आनंद समाया
कि मेरी छाया में गुजरे हैं
न जाने तुम्हारे कितने दिन ।
विद्यालय का अंतिम दिन।