02/11/2025
Practicing, Raag Maru Bihag!
Tabla: Shri Ajay Kulkarni Ji.
साधना केवल अभ्यास नहीं, एक तीर्थयात्रा है।
हर सुबह की शुरुआत महत्वाकांक्षा से नहीं, समर्पण से होती है — सुर के प्रति, साँस के प्रति, और उन विरामों के प्रति जो संगीत को अर्थ देते हैं।
रियाज़ सिखाता है धैर्य, मन को विनम्रता और हृदय को भक्ति।
वही आलाप, वही तान — बार-बार गाते हुए भी नये अर्थ ले आती है, नयी संवेदना, नयी अनुभूति, नयी पहचान।
रियाज़ वह जगह है जहाँ अनुशासन सौंदर्य में बदल जाता है, और संगीत सीखा नहीं जाता — वह जीना शुरू हो जाता है।