23/08/2026
Tarana
Sunday learning session
Result of 5mins session
Composed by Pt.Ravi Shankarji
तराना हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की एक अत्यंत लोकप्रिय और लयप्रधान गायन शैली है। इसकी रचना और विकास का श्रेय परंपरागत रूप से महान सूफी कवि, संगीतज्ञ और विद्वान अमीर खुसरो को दिया जाता है। तराने में अर्थपूर्ण शब्दों की अपेक्षा लयात्मक अक्षरों और बोलों का प्रयोग अधिक होता है, जैसे— “ताना ना, दिर दिर, ता ना, नोम तोम, यल्ली…” आदि।