उत्तराखण्डी - हिमाचली रीति रिवाज

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उत्तराखण्डी - हिमाचली रीति रिवाज Jai Rudreshwar Mahadev, jai mahasu maharaj , jai Ragunath , https://youtube.com/channel/UC2d4KKSciWI3vSnhSSDos1Q

30/07/2026

Aarakshan Kabhi samapt Nahin Hoga balki Sabhi Logon Ko Aarakshan Milega

राजधानी  #देहरादून  #नंदा_की_चौकी के नवनिर्मित पुल के पहली ही तेज बारिश में ध्वस्त हो जाने से निर्माण कार्यों की गुणवत्त...
28/07/2026

राजधानी #देहरादून #नंदा_की_चौकी के नवनिर्मित पुल के पहली ही तेज बारिश में ध्वस्त हो जाने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

28/07/2026

23/07/2026

रुद्रेश्वर देवता मेला नौगाव 🙏🙏🙏🙏

 #उत्तराखंड की राजनीती 😭😭😭.😭😭आप मुझसे सहमत या असहमत हो सकते हैं बट एक सवाल है मेरा कौलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर ...
22/07/2026

#उत्तराखंड की राजनीती 😭😭😭.

😭😭आप मुझसे सहमत या असहमत हो सकते हैं बट एक सवाल है मेरा कौलेज का नाम अंकिता भंडारी के नाम पर रखा गया है लेकिन भविष्य में आने वाली पीढी पूछेगी कि अंकिता भंडारी कौन थी तो क्या जवाब होगा किसी के पास भी 👀👀

16/07/2026

अपनी संस्कृति अपना समाज ❤️❤️❤️

हरेला पर्व 🙏 उत्तराखंड
16/07/2026

हरेला पर्व 🙏 उत्तराखंड

14/07/2026

गलती से इस प्रदेश की बागडोर कभी भगवान ने मेरे हाथ में दे दी तो उत्तराखंड में शिक्षा फ्री, स्वास्थ्य फ्री, जातिगत आरक्षण खत्म,गरीबी खत्म,बेरोजगारी खत्म हो जाएगी, रेप की घटनाएं खत्म, विधायक चाहे कोई एक बार बने या दस बार पेंशन एक ही बार की मिलेगी !इसके लिए मेरे पास अनगिनत आइडिया हैं,जिनको सिर्फ धरातल पर उतरना है !
इस तरह के ऐसे ऐसे ऐतिहासिक निर्णय होंगे कि दुनिया में उत्तराखंड एक मिसाल के रूप में जाना जाएगा !!

🌳 पेड़ वोट नहीं देते... इसलिए शायद उन्हें काटना सबसे आसान है।काट दो इन जिद्दी पेड़ों को... क्या फर्क पड़ता है?ये न चुनाव...
14/07/2026

🌳 पेड़ वोट नहीं देते... इसलिए शायद उन्हें काटना सबसे आसान है।

काट दो इन जिद्दी पेड़ों को... क्या फर्क पड़ता है?
ये न चुनाव लड़ते हैं, न वोट देते हैं, न किसी दल का समर्थन करते हैं। ये सिर्फ निस्वार्थ भाव से हमें ऑक्सीजन, छाया, स्वच्छ हवा, पानी और जीवन देते हैं।

ऋषिकेश रोड के सात मोड़ पर वर्षों पुराने हजारों पेड़ों को विकास के नाम पर काटा जा रहा है। सड़कें बननी चाहिए, विकास भी होना चाहिए, लेकिन क्या हर बार उसकी कीमत प्रकृति ही चुकाएगी?

एक पेड़ को बड़ा होने में दशकों लगते हैं, लेकिन उसे काटने में कुछ मिनट भी नहीं लगते। आज जो पेड़ गिर रहे हैं, उनके साथ असंख्य पक्षियों का घर, अनगिनत जीवों का आश्रय और आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य भी कमजोर हो रहा है।

कहा जाता है कि जितने पेड़ काटेंगे, उतने लगा देंगे। लेकिन क्या 50–100 साल पुराने वृक्षों की भरपाई एक छोटे पौधे से तुरंत हो सकती है? पौधा लगाना सराहनीय है, लेकिन पुराने वृक्षों का महत्व उससे कहीं अधिक है।

यह विरोध विकास का नहीं है, बल्कि ऐसे विकास का है जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर हो। विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक होने चाहिए।

आज अगर हम चुप रहे, तो कल हमारे बच्चे पूछेंगे—जब हजारों पेड़ काटे जा रहे थे, तब आपने अपनी आवाज़ क्यों नहीं उठाई?

🌿 आइए, प्रकृति के पक्ष में खड़े हों। क्योंकि जब आखिरी पेड़ कट जाएगा, तब हमें समझ आएगा कि ऑक्सीजन खरीदी तो जा सकती है, बनाई नहीं जा सकती।

#पेड़_बचाओ #पर्यावरण_बचाओ #हरियाली_बचाओ #सातमोड़ #ऋषिकेश #विकास_और_पर्यावरण

13/07/2026

🐅🐅🐅 Tiger attack 😭😭🐅
गाय को बाघ ने पकड़ा 🐅🐅🐅दोनो गाय बंधी है ये पाप उन्हें है जिन्होंने जंगल में गाय बांध रखी 😭😭😭

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