Kamlakant Trivedi

Kamlakant Trivedi समाजसेवी

12/02/2025

खुशियां उगे ना खेत में, मिले ना हाट बाजार । अपने अन्दर ढूंढ लो, भरा अतुल भंडार ।।

*"धागा कच्चा है लेकिन भाई-बहन का रिश्ता बहुत मजबूत और सच्चा है" मेरे फेसबुक परिवार की  सभी बहनो को सपरिवार रक्षाबंधन पर्...
19/08/2024

*"धागा कच्चा है लेकिन भाई-बहन का रिश्ता बहुत मजबूत और सच्चा है" मेरे फेसबुक परिवार की सभी बहनो को सपरिवार रक्षाबंधन पर्व की बहुत बहुत बधाइयां एवं शुभकामनाएं।*

एक भाई का एक भाई के लिये सन्देश ।बातें बेशक कम हो जाये , लेकिन प्रेम मत कम होने देना ।बेशक खूब लड़ लो ,झगड़ लो मगर कभी साथ...
18/02/2024

एक भाई का एक भाई के लिये सन्देश ।
बातें बेशक कम हो जाये , लेकिन प्रेम मत कम होने देना ।
बेशक खूब लड़ लो ,झगड़ लो मगर कभी साथ मत छोड़ना ।।

कुछ कह गए, कुछ सह गए,कुछ कहते कहते रह गए,मैं सही तुम गलत के खेल मेंन जाने कितने रिश्ते ढह गए ....
18/02/2024

कुछ कह गए, कुछ सह गए,कुछ कहते कहते रह गए,
मैं सही तुम गलत के खेल मेंन जाने कितने रिश्ते ढह गए ....

17/09/2023

जिम्मेदारी की अपनी अलग खूबी होती है
यह आपको बिगड़ने नहीं देती। सिर्फ पढ़ने-लिखने से कुछ नहीं होता,डिग्रियां तो तालीम के खर्चों की रसीदें हैं,इल्म वही जो किरदार में झलकता है। अनपढ़ों ने पेड़ लगाकर बड़े किये, अब पढ़े-लिखे उन्हें काटकर एयर-प्यूरीफायर लगा रहे हैं।
जिंदगी का एकनाम संतुलन भी है,और यह विचारों में भी होना चाहिए। कहते है छोटी सोच शंका को जन्म देती है और बड़ी सोच समाधान को। फिर हम तो मामूली से मामूली चीज को भी अहमियत देंते हैं। क्या सूरज क्या चाँद, हमारे लिए तो जुगनू भी सूरज और चाँद ही है।इसलिए अपना तो कहना है, जुगनुओं का साथ लेकर राह रोशन कीजिये, रास्ता सूरज का देखा तो सुबह हो जाएगी हम तो इंसानियत को मानने वालों की फेहरिस्त में शामिल हैं। हमें दूसरों के दर्द को महसूस करने की आदत हो गई है। हमे तो लगता है जिंदगी के अपने अलग मायने हैं। आसमां सी ऊंचाई देती है।सागर सी गहराई देती है।जिंदगी सिर्फ वह नहीं ,जो सामने दिखाई देती है।

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