PET. Devki nandan Gurjar

PET. Devki nandan Gurjar WRESTLER&COACH Physical Education Teacher Government Sin.Sec.School.Aasana.Jalore (Rajasthan)

मलमास,पुर्षोत्तम मास, तिलमास, कालमास और मानसिक गुलामीसदियों से समाज में कुछ ऐसी मान्यताएँ फैलाई गई हैं जिनका आधार तर्क, ...
16/06/2026

मलमास,पुर्षोत्तम मास, तिलमास, कालमास और मानसिक गुलामी
सदियों से समाज में कुछ ऐसी मान्यताएँ फैलाई गई हैं जिनका आधार तर्क, विज्ञान और प्रकृति नहीं, बल्कि अंधविश्वास और परंपरागत धारणाएँ रही हैं। मलमास, तिलमास, कालमास या किसी विशेष महीने को शुभ-अशुभ बताने की सोच भी इसी श्रेणी में आती है।
सोचिए, क्या प्रकृति ने कभी किसी दिन, महीने या तिथि को अशुभ घोषित किया है? क्या सूरज किसी दिन कम रोशनी देता है? क्या धरती किसी विशेष महीने में घूमना बंद कर देती है? क्या हवा, पानी और मौसम किसी तथाकथित अशुभ समय में अपना काम छोड़ देते हैं? नहीं। प्रकृति अपने नियमों से चलती है, उसे मनुष्यों द्वारा बनाई गई शुभ-अशुभ की धारणाओं से कोई लेना-देना नहीं है।
यदि किसी "शुभ दिन" में दुर्घटना, बीमारी, नुकसान और मृत्यु हो सकती है, तो फिर किसी "अशुभ दिन" में सफलता, जन्म, विवाह, व्यापार और खुशियाँ क्यों नहीं हो सकतीं? वास्तविकता यह है कि किसी कार्य की सफलता का संबंध हमारी तैयारी, मेहनत, ज्ञान और परिस्थितियों से होता है, न कि किसी महीने या तिथि से।
दुर्भाग्य से इन मान्यताओं ने लोगों के मन में ऐसा भय बैठा दिया है कि शिक्षित व्यक्ति भी कई बार सामाजिक दबाव या मजबूरी में इन्हें मानने लगते हैं। यही मानसिक गुलामी की पहचान है—जब व्यक्ति अपनी बुद्धि और तर्क के बजाय डर और परंपरा के आधार पर निर्णय लेने लगे।
आज आवश्यकता है कि हम विज्ञानवादी और तर्कवादी सोच अपनाएँ। हर बात को प्रश्नों की कसौटी पर परखें। जो बात प्रकृति, प्रमाण और वैज्ञानिक सोच से मेल खाती हो, उसे स्वीकार करें; और जो केवल डर, भ्रम या अंधविश्वास पर आधारित हो, उसे छोड़ दें।
समाज तब आगे बढ़ता है जब लोग सोचने का साहस करते हैं। इसलिए अंधविश्वास नहीं, विवेक अपनाइए। डर नहीं, ज्ञान को आधार बनाइए। प्रकृति के नियमों को समझिए, विज्ञान का सम्मान कीजिए और आने वाली पीढ़ियों को भी तर्क, शिक्षा और मानवता का मार्ग दिखाइए।
"शुभ-अशुभ दिन नहीं होते, शुभ-अशुभ हमारे कर्म और निर्णय होते हैं। प्रकृति हर दिन समान अवसर देती है; फर्क केवल हमारी सोच और मेहनत का होता है।" शारीरिक शिक्षक

दिनांक:-25/04/2026*"2% का ऐलान"*ढिंढोरा पिट गया सारे जहान में,  DA बढ़ा है जी, दो प्रतिशत के इनाम में।  खुशी मनाओ, थाली ...
25/04/2026

दिनांक:-25/04/2026

*"2% का ऐलान"*

ढिंढोरा पिट गया सारे जहान में,
DA बढ़ा है जी, दो प्रतिशत के इनाम में।
खुशी मनाओ, थाली बजाओ, नाचो-गाओ,
महंगाई के जंगल में दो रुपये पाओ।

आटा बोला अब मैं तो सोना हो गया,
दाल ने कहा मेरा भी रुतबा नया हो गया।
प्याज टमाटर शेखी बघार रहे,
और हम 2% का लड्डू उधार रहे।

बाबू साहब फाइल पे सिर धुनते हैं,
400 रुपये में महीने के सपने बुनते हैं।
बच्चे पूछें पापा, मिठाई कब लाओगे?
हम कहें बेटा, DA से हवाई किले बनाओगे।

सरकार कहे हम कर्मचारी-हितैषी हैं,
ज़ख्म भी देंगे, मरहम के अभिलाषी हैं।
महंगाई सौ का नोट छापे रात-दिन,
हम दो के सिक्के से बजाएँ जीवन का बिन।

अरे हुक्मरान, थोड़ा तो रहम कर,
2% का टुकड़ा नहीं, इंसाफ का भरम कर।
रीढ़ कहलाते हैं हम, झुका ना देना,
झुनझुने की खातिर वजूद मिटा ना देना।

सुन लो अर्ज़ हमारी, कान खोल के,
ये 2% का एहसान रख लो तोल के।
या तो महंगाई की लगाम खींचो,
या फिर शर्म से दो गज ज़मीन में ..... ✍️शारीरिक शिक्षक:-चन्दीला

23/02/2026

Address

Alwar City

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when PET. Devki nandan Gurjar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to PET. Devki nandan Gurjar:

Share