ABOUT FIRKI
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ लोग ऐसें रहें हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन क्रिकेट को समर्पित कर दिया और ऐसे -ऐसे क्रिकेटर दे दिए जो देश का नाम विश्व पटल पर चस्पा कर दिया | हम बात कर रहें है श्री दीपक शर्मा का जिनको युवा अवस्था में ही उनकी अदम्य प्रतिभा को देखते हुए उन्हें गुरु गोविन्द सिंह स्पोर्ट्स कालेज लखनऊ का मुख्य कोच नियुक्त किया गया | दीपक सर के समर्पण का अंदाजा इस बात से लगा
या जा सकता है कि महज कुछ सालों में ही सुरेश रैना, आर.पी.सिंह, नरेंद्र हिरवानी जैसे तमाम खिलाड़ी देश को दिए | स्पोर्ट्स कालेज में एक खिलाड़ी के लिए चार साल का ही कोर्स है और केवल चार सालों में अंतराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकालना किसी भी क्रिकेट कोच की प्रतिभा को समझा जा सकता है | दीपक सर की देख रेख में दर्जनो बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने राज्य स्तर, रणजी स्तर एवं जूनियर लेबल पर खेल रहें हैं |
लेग स्पिन पर आने वाली किताब ( फिरकी ) जब दीपक सर के समक्ष रखी गयी तो लेखक के मन में एक डर सा था कि कहीं कुछ गड़बड़ न हो यानि इतने बड़े कोच के सामने पेश होना ही एक हिम्मत की बात होती है और वो भी तब जब दीपक खुद भी एक बड़े लेग स्पिनर रह चुकें हैं | लेकिन ये डर तब जाता रहा जब दीपक सर ने पूरी किताब पढ़ने के बाद अपने को इस बात के लिए तैयार कर लिए कि इस किताब और इसके लेखक के बारे में कुछ लिखना जरुरी हो गया है | मेरा यह भाग्य है कि इस किताब की भाषा और विषय को पढ़कर दीपक सर को ख़ुशी हुई |
दीपक सर ने इस किताब के बारे में लिखा------------- बी.एन.अग्रवाल ने लेग स्पिन गेंदबाजी की व्याख्या सरल हिंदी भाषा में करके इस विधा एवं कला को जनसाधारण एवं प्रतिभाशाली खिलाडियों को समझाने एक अच्छा प्रयास किया है | बी.एन.अग्रवाल स्वयं एक प्रतिभाशाली गेंदबाज रहें हैं | इस विधा की बारीकियों को व्यवहारिक रूप जानतें हैं और उन्होंने अपने अनुभव की व्याख्या सुन्दर तरीके से की है जो वर्त्तमान युग में प्रासंगिक ही नहीं वरन खिलाडियों के लिए उपयोगी भी है | ऐसा मेरा मानना है | उनका प्रयास सार्थक हो ऐसी मेरी शुभकामना है |