Cricket baldarkha

Cricket baldarkha rajasthan cricket assosiation
Baldarkha banera bhilwara rajasthan india

29/10/2014

Dil Se Tera Khayal Na Jaye To Kya KaruTu Hi Bata Tu Yaad Aaye To Kya KaruHasrat Ye Hai Ki Ek Nazar Tujhe DuMagar Kismat Who Lamha Na Laye ToKya Karu

01/09/2014

★ ★ ★
लहरों को खामोश देखकर यह
न समझना कि समंदर में
रवानी नहीं है
हम जब भी उठेंगे, तुफान बन
कर उठेंगे
बस उठने की अभी ठानी नहीं
हैं...!!
★ ★ ★

04/04/2014

हम को बदल पाये, ये ज़माने में दम
नहीं हमसे जमाना है, ज़माने से हम नही

27/01/2014

RAJPUT Is Our Name, Challenging Is
Our Game, We Are Born With Fame,
We Never Blame, Character Is Our
Strength, Confidence Is Our Breath
So Proud Of RAJPUT…!!
rajputana ♠ rockZ

02/01/2014

अबे 2013 !तेरे जैसा साल न आये दोबारा।तूने
तो सारा देश ही निपटा मारा।सबसे पहले
तो छीना राजेश खन्नायानि पहले सुपरस्टार को ।फिर
लगते रहे एक के बाद एक घाव,मुम्बई में विलासराव।
उसके बाद ए के हंगल,फिर बेस्ट डायरेक्टर यश
अंकल।मन करता था बीच में ही कर दें तुझसे
कट्टी,तब तक रोड़ एक्सीडेंट में मारे गए
कॉमेडी किंग जसपाल भट्टी।फिर तेरी भेंट चढ़ा बाल
ठाकरे जैसा लाल,फिर इंद्र कुमार गुजराल।तू साले
साल था, या काल!दिसम्बर में भी तूने
छोड़ा नहीं अपना गुर,छीन लिये पंडित रविशंकर ग़ायब
हो गये सितार से सुर।इतने पर
भी भरा नहीं तेरा कोष,दिल्ली में वहशियों की भेंट चढ़
गईएक तेईस साल की निर्दोष।इसके अलावा भी कुछ
अच्छा नहीं रहा तेरा बीहेव,तूने ही लील लिये संघ के
सुदर्शनऔर आस्था के जय गुरुदेव।जो तुझसे बचे
उनकी भी हालत अच्छी नहीं है भाई,राम जाने कैसे
होगी इसकी भरपाईसचिन ने वन-डे में जाना छोड़
दिया,लता मंगेशकर ने गाना छोड़ दिया,रतन टाटा ने
कमाना छोड़ दिया,अन्ना ने आवाज़ उठाना छोड़
दिया,और सातवें सिलैण्डर ने रसोई में आना छोड़
दिया।वाह रे काले कालखण्ड,इतिहास निर्धारित
करेगा तेरा दण्डअच्छा हुआ तू बीत गया,तुझे
अंदाज़ा नहीं है कि तेरे रहते कितना कुछ रीत गया।
काश ऐसा साल फिर कभी जीवन में न आए!जाते
जाते तू हम से ले ले फ़ाइनल गुड बाय!

12/12/2013

happy birthday yuvi

17/11/2013

इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहकर पूरे देश
को भावुक करने के बाद भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने
रविवार को पहली बार मीडिया से बात की. उन्होंने
कहा, 'वो 22 गज की पिच मेरे लिए मेरे लिए मंदिर के
समान है, उसने मुझे सब कुछ दिया.'
अपने 24 साल के करियर को सपनों का सफर बताते
हुए सचिन ने कहा, 'अभी भी मुझे यकीन
नहीं हो रहा कि बस अब क्रिकेट और नहीं खेल
पाऊंगा. क्रिकेट मेरी जिंदगी रहा है. ये मेरे लिए
ऑक्सीजन है. अब भी मैं टीवी पर विदाई का विजुअल
देखकर भावुक हो जाता हूं.'
किसी भी भारतीय खिलाड़ी को अब तक कि सबसे
यादगार विदाई मिलने के बाद सचिन ने कहा कि आज
(रविवार) की सुबह काफी राहत भरी थी. मैं आज
सुबह साढ़े 6 बजे उठा तो मुझे लगा कि जल्दी तैयार
होकर मैच के लिये भागना नहीं है. किसी तरह
की जल्दी नहीं थी. आज खुद चाय बनाई और
पत्नी के साथ शानदार नाश्ता किया. साथ
ही एसएमएस से लोगों की शुभकामनाओं के जवाब
दिए.'
संन्यास का फैसला
वेस्टइंडीज के खिलाफ शनिवार
को अपना 200वां और आखिरी टेस्ट खेलकर 24
बरस के इंटरनेशनल करियर को विराम देने वाले सचिन
तेंदुलकर ने संन्यास के अपने फैसले पर कहा, ‘मेरे
संन्यास को लेकर सालों से सवाल उठ रहे थे और मैं
हमेशा कहता आया था कि जिस दिन यह अहसास
होगा कि मुझे खेलना रोक देना चाहिये, मैं खुद ऐलान
करूंगा. मुझे लग रहा था कि मेरा शरीर अब खेलने के
लिए फिट नहीं रहा है तो मैंने फैसला ले लिया.
अभ्यास में प्रयास करना पड़ रहा था और यह
अहसास होते ही मैने फैसला ले लिया, जिसका मुझे
कोई खेद नहीं है.’
उन्होंने कहा, ‘24 साल तक देश के लिये खेलते हुए
मैंने अलग-अलग चुनौतियों का सामना किया लेकिन
परिवार, कोचों, दोस्तों और
साथी खिलाड़ियों की मदद से यह सफर स्वर्णिम
रहा. मुझे कल (शनिवार) रात तक यकीन
नहीं हो रहा था कि अब कहीं नहीं खेलूंगा. लेकिन मुझे
कोई खेद नहीं है. यह सही वक्त था और मैने अपने
24 साल के सफर का पूरा मजा लिया.’ तेंदुलकर ने
यह भी कहा कि वह भविष्य में क्रिकेट से जुड़े
रहेंगे. संन्यास लेते वक्त मैं इतना इमोश्नल नहीं हुआ
था. परिवार उस दौरान जरूर भावुक हो गया था.
आगे क्या करेंगे सचिन
भविष्य की प्लानिंग से जुड़े सवालों पर मास्टर
ब्लास्टर ने कहा कि क्रिकेट अकेडमी खोलने
का आइडिया अच्छा है. वैसे अभी मैं आराम
करना चाहता हूं.' व्यंग्य भरे लहजे में उन्होंने
कहा कि 24 साल खेला हूं तो कम से कम 24 दिन
तो आराम करूंगा ही.' उन्होंने कहा, 'मैं
युवा खिलाड़ियों की मदद करता रहूंगा. देश के लिए
काम करता रहूंगा.'
'अर्जुन को अपने हाल पर छोड़ दें'
सचिन ने मीडिया से अपने बेटे अर्जुन पर दबाव
नहीं बनाने का आग्रह किया. अर्जुन तेंदुलकर अपने
पिता के नक्शे-कदम पर चल रहे हैं और मुंबई
की अंडर-14 टीम के सदस्य रह चुके हैं. उनके
प्रदर्शन पर हालांकि मीडिया की निगाह लगी रहती है
जिससे सचिन खुश नहीं नजर आए. सचिन ने कहा,
‘पिता होने के नाते मैं आपसे आग्रह करूंगा कि उसे
अपने हाल पर छोड़ देना चाहिए. उसे क्रिकेट
का मजा लेने दीजिए. उससे अपेक्षाएं मत
रखो कि उसके पिता ने ऐसी क्रिकेट खेली तो उसे
भी वैसा ही खेलना होगा.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने
कभी इस तरह की अपेक्षाएं नहीं झेली हैं. मेरे
पिताजी प्रोफेसर थे और मेरे समय में मेरे पिताजी से
यह सवाल नहीं किया गया कि आपके बेटे ने कलम के
बजाय क्रिकेट का बल्ला क्यों थाम लिया.’ तेंदुलकर
ने कहा कि अर्जुन भी क्रिकेट से भरपूर प्यार
करता है और उसे भी इस खेल का पूरा लुत्फ उठाने
का अधिकार है. उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ
प्रदर्शन करने के लिये प्यार जरूरी है और वह इस
खेल से प्यार करता है. मैं उस पर प्रदर्शन का दबाव
नहीं डालना चाहूंगा. आप भी दबाव मत डालो. उसे
खुला छोड़ दो और खेल का मजा लेने दो. आगे
क्या होता यह भगवान तय करेंगे, हम नहीं.’
'विकेट से बात करते वक्त हो गया था भावुक'
सचिन ने यह भी कहा कि विदाई के दौरान मैदान पर
अपने जज्बात काबू में रखने की उन्होंने पूरी कोशिश
की लेकिन विकेट से बात करते समय वह आंसू
नहीं रोक सके. उन्होंने कहा, ‘उस समय मुझे
लगा कि मैं अब कभी भारत के लिये नहीं खेलूंगा तो मैं
काफी भावुक हो गया. मुझे लगा कि मैं आखिरी बार
स्टेडियम में खेल रहा हूं. जब ड्रेंसिंग रूम में लौट
रहा था तो मेरी आंख में आंसू थे. उस अहसास
को जाहिर कर पाना मुश्किल है लेकिन इस सबके
बावजूद मुझे लगता है कि मेरा फैसला सही था.’
उन्होंने यह भी कहा कि उनका दिल हमेशा भारत
की जीत के लिये दुआ करता रहेगा.
'भारत रत्न देश की सभी माताओं को समर्पित'
सचिन ने भारत रत्न को देश की सभी माताओं
को समर्पित किया. सचिन ने कहा कि माताओं
को अपने बच्चों को पालने और काबिल बनाने में
कितनी मेहनत करनी पड़ती है, उसका उन्हें
पूरा अहसास है. इसलिए वह इस सम्मान
को सभी माताओं को समर्पित कर रहे हैं. सचिन ने
कहा, 'भारत रत्न मेरी मां के लिए है. एक पुत्र होने
के नाते मैं समझ सकता हूं कि मुझे पालने में
मेरी मां को कितनी तकलीफ हुई. मेरे माता-पिता ने
मुझे बड़ा करने और काबिल बनाने के लिए
कितना बलिदान किया है. सिर्फ मेरी मां ने
ही नहीं बल्कि दुनिया और देश की करोड़ों मांएं अपने
बच्चों को बड़ा करने और काबिल बनाने के लिए
अनगिनत बलिदान करती हैं. मैं उन सभी माताओं
को यह सम्मान समर्पित करता हूं.'
'मेरी मां का मुझे खेलते देखना बेहद स्पेशल था'
सचिन ने कहा, ‘मेरी मां ने कभी मुझे मैदान में खेलते
नहीं देखा था. मैंने बीसीसीआई से अनुरोध
किया कि मेरा आखिरी टेस्ट मुंबई में आयोजित करे.
यह मेरी मां के लिये सरप्राइज था.’ उन्होंने कहा,
‘मेरी मां बहुत खुश थी. पहले मुझे
लगा कि स्वास्थ्य कारणों से वह
आएगी भी या नहीं. मैने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से
एक कमरा भी रखने के लिये कहा था लेकिन
मेरी मां ने पूरा मैच देखा. यह मेरे लिये खास पल
था.’
'मुझ पर परिवार की अपेक्षाओं का बोझ नहीं था'
सचिन ने कहा, ‘मेरे परिवार ने
मेरी हमेशा हौसलाअफजाई की है. चाहे मैं शतक
बनाऊं या 15-20 रन. मैं अच्छा प्रदर्शन इसलिये
कर सका क्योंकि परिवार से अपेक्षाओं का बोझ
नहीं था. हर भारतीय परिवार की तरह हम भगवान
को मिठाई चढ़ाकर खुशी मनाते हैं और मेरी मां ने कल
(शनिवार को) भी यही किया.’ अपने भाई और प्रेरक
अजीत तेंदुलकर के बारे में उन्होंने कहा, ‘हम
दोनों का यह साझा सपना था. मैं शब्दों में
नहीं बता सकता कि अजीत ने मेरे लिये
क्या किया है. कल वह भावुक था लेकिन मुझे
दिखा नहीं रहा था.'
'चोटों के दौरान लगा कि बस अब नहीं खेल पाऊंगा'
करियर में कई चोटों का सामना करने वाले लिटिल
मास्टर ने कहा कि एक बार तो उन्हें लगा था कि वह
दोबारा बल्ला भी नहीं पकड़ सकेंगे. उन्होंने कहा, ‘ये
चुनौतियां काफी मुश्किल थी और करियर खत्म होने
का डर था. टेनिस एल्बो के बाद तो मैं अपने बेटे
अर्जुन का प्लास्टिक का बैट
भी नहीं उठा पा रहा था. मैदान पर उतरा तो 10-12
साल के बच्चे मेरे शाट्स रोक रहे थे जिससे मुझे
लगा कि अब दोबारा नहीं खेल पाऊंगा. उस समय कई
लोगों की मदद से मैं वापसी कर सका. उन
सभी को धन्यवाद.’
म्यूजिक के शौकीन मास्टर ब्लास्टर
संगीत के शौकीन सचिन तेंदुलकर से उनके
पसंदीदा फनकारों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने
कहा कि किसी एक का नाम लेना कठिन होगा. उन्होंने
कहा, ‘संगीत मेरा शौक और साथी है. मैं खूब गाने
सुनता हूं. अच्छे मूड में होता हूं तो अलग और खराब
मूड में अलग. सभी कलाकारों की कद्र करता हूं
क्योंकि मुझे लगता है कि उस मुकाम तक
पहुंचना आसान नहीं होता. कुछ तो बरसों से लगातार
बेहतरीन गा रहे हैं.’
सचिन ने कहा कि वेस्टइंडीज कमजोर टीम नहीं है.
क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं.

17/11/2013

सचिन तेंदुलकर:
दोस्तों प्लीज बैठ जाइए, मैं और भावुक हो जाऊंगा।
पूरी जिंदगी मैंने यहीं बिताई है, यह सोचना मुश्किल
है कि मेरे इस शानदार सफर का अंत हो रहा है। यूं
तो मैं पढ़कर बोलना पसंद नहीं करता लेकिन आज मैंने
एक लिस्ट तैयार की है कि मुझे किन
लोगों का धन्यवाद करना है।
सबसे पहले मेरे पिता का नाम आता है, जिनकी मृत्यु
1999 में हो गई थी। उनकी सीख के बिना मैं आपके
सामने खड़ा ना हो पाता। उन्होंने कहा था कि अपने
सपनों के पीछे भागो, राह मुश्किल होगी लेकिन
कभी हार मत मानना। आज मैं उनको बहुत मिस कर
रहा हूं।
मेरी मां, मुझे नहीं पता कि मेरे जैसे शैतान बच्चे
को उन्होंने कैसे संभाला। उन्होंने जबसे मैंने क्रिकेट
शुरू किया है, तब से सिर्फ और सिर्फ
प्रार्थना की है मेरे लिए।
स्कूल घर से दूर होने के कारण मैं चार साल तक
अपने अंकल-आंटी के यहां रुका था। उन्होंने मेरे
को खुद के बेटे की तरह संभाला।
मेरे बड़े भाई नितिन ज्यादा बोलना पसंद नहीं करते
लेकिन उन्होंने मुझे इतना जरूर कहा कि 'मुझे पता है
कि तुम जो भी करोगे उसमें 100 प्रतिशत ही दोगे।'
मेरा पहला बल्ला मेरे बहन सविता ने मुझे भेंट
किया था। वो आज भी मेरे लिए व्रत रखती हैं जब
मैं बल्लेबाजी कर रहा होता हूं।
मेरा भाई अजीत, हमनें इस सपने को साथ जिया था।
उन्होंने मेरे लिए अपना करियर दांव पर
लगा दिया जब वो पहली बार मुझे मेरे पहले कोच
रमाकांत आचरेकर के पास ले गए। पिछली रात भी मेरे
विकेट को लेकर उन्होंने फोन पर मुझसे बात की। जब
मैं नहीं खेल रहा होता हूं तब भी हम खेलने
की तकनीक के ऊपर बात कर रहे होते हैं। अगर यह
ना होता तो मैं वो क्रिकेटर ना होता जो आज बन
पाया हूं।
सबसे खूबसूरत चीज जो जीवन में हुई वो थी जब
1990 में मैं अंजलि से मिला। मुझे पता है कि एक
डॉक्टर होने के नाते उसके सामने एक बड़ा करियर
था लेकिन उसने फैसला लिया कि मैं क्रिकेट
खेलता रहूं और वो बच्चों व घर का ध्यान रखेंगी।
धन्यवाद अंजलि, हर उस अजीब बातों के लिए जो मैंने
की।
फिर मेरे जीवन के दो अनमोल हीरे, सारा (बेटी) और
अर्जुन (बेटा)। मैं तुम लोगों के कई जन्मदिन और
छुंिट्टयों से चूक गया। मुझे पता है कि पिछले 14-16
सालों में मैं तुम लोगों को ज्यादा वक्त नहीं दे पाया,
लेकिन वादा करता हूं कि अगले 16 तो जरूर तुम्हारे
साथ रहूंगा हर पल।
मेरे ससुराल के लोग, मैंने उनके साथ काफी बातें
साझा की हैं। जो एक चीज उन्होंने मेरे लिए सबसे
खास की, वो थी मुझे अंजलि से शादी करने देना।
पिछले 24 सालों में मेरे दोस्तों का योगदान व
समर्थन भी अद्भुत रहा। वो मेरे साथ हर वक्त थे
जब मैं दबाव में था। वो मेरे साथ रात को 3 बजे
भी थे जब-जब मुझे चोट लगी। मेरा साथ देने के लिए
धन्यवाद।
मेरा करियर शुरू हुआ जब मैं 11 साल का था। मैं
इस बार स्टैंड्स पर आचरेकर सर (पहले कोच)
को देखकर बहुत खुश हुआ। मैं उनके साथ स्कूटर पर
बैठकर दिन में दो-दो मैच खेला करता था। वह
सुनिश्चित करते थे कि मैं हर मैच खेलूं। वो कभी मुझे
यह नहीं कहते थे कि तुम अच्छा खेले
क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि मैं हवा में उड़ने लगूं।
सर अब आप ऐसा कर सकते हैं क्योंकि अब मैं
नहीं खेलने वाला।
मैंने अपने करियर की शुरुआत यहीं मुंबई से की थी।
मुझे याद है न्यूजीलैंड से सुबह 4 बजे लौटकर अगले
दिन यहां रणजी मैच खेलना कैसा अनुभव था।
बीसीसीआइ भी मेरे करियर के शुरुआत से गजब
की समर्थक रही और मैं अपने चयनकर्ताओं
को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। आप लोगों ने
हमेशा सुनिश्चित किया कि मेरा पूरा ख्याल
रखा जाए।
सभी सीनियर क्रिकेटरों को धन्यवाद जो मेरे साथ
खेले। सामने स्क्रीन पर आप राहुल, वीवीएस और
सौरव को देख सकते हैं, अनिल (कुंबले) यहां नहीं हैं
अभी। सभी कोचों को भी धन्यवाद। मुझे हमेशा याद
रहेगा वो पल जब इस मैच के शुरू होने से पहले
एमएस धौनी ने मुझे 200वें टेस्ट की टोपी भेंट की।
मेरा टीम को एक संदेश भी था- हमें गर्व होना चाहिए
कि हम भारत के लिए खेल रहे हैं। मैं चाहूंगा कि आप
सम्मान के साथ देश को गौरवान्वित करते रहें। मुझे
पूरा भरोसा है कि आप देश की सेवा सही भावना से
हमेशा करते रहेंगे।
मैं अपने फर्ज से चूक जाऊंगा अगर मैंने अपने
डॉक्टरों को धन्यवाद नहीं किया। उन्होंने मुझे
हमेशा फिट रखने की कोशिश की। मैंने बहुत चोटें
खाईं लेकिन किसी भी समय वो मेरे लिए हाजिर रहे।
मैं अपने चहेते दोस्त स्वर्गीय मार्क मैस्करैन्हस
को धन्यवाद कहना चाहता हूं। मैं उन्हें बहुत मिस
करता हूं। मैं अपने मौजूदा मैनेजमेंट गु्रप
को भी शुक्रिया कहूंगा जिन्होंने मार्क के काम
को जारी रखा और मैं अपने दोस्त व मौजूदा मैनेजर
विनोद नायुडू को भी धन्यवाद कहना चाहता हूं
जो पिछले 14 सालों से लगातार मेरे साथ हैं।
मैं मीडिया को धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने
मुझे मेरे स्कूल के दिनों से अब तक कवर किया।
उन्होंने मुझे बहुत समर्थन दिया और आज भी कर
रहे हैं। सभी फोटोग्राफर्स को धन्यवाद देता हूं
जिन्होंने मेरे हर खास पल को कवर किया।
मुझे पता है मेरा भाषण कुछ ज्यादा लंबा हो गया है
(फैंसने एक साथ चिल्लाते हुए कहा, नहीं, हमें और
चाहिए)। मैं उन
सभी लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जो दुनिया के
हर कोने से आते हैं। मैं अपने दिल से सभी फैंस
को धन्यवाद कहना चाहता हूं। एक चीज
जो मेरी आखिरी सांसों तक मेरे कान में
गूंजती रहेगी वो है 'सचिन, सचिन'।

15/11/2013

GOD OF CRICKET- SACHIN RAMESH
TENDULKAR
Highest number of Runs scored
inTests
[15,837]
Highest number of Runs scored
inODIs
[18,426] Highest number of Runs
scored
inInternational
Matches [34,273]
Highest number of Runs scored
inWorld
Cups [2,278]
Highest number of Runs scored ina
single
World
Cup [673]
Highest number of Runs scored
inTournament
Finals [1851]
Highest number of 100’s scored in
Tests
[51] Highest number of 100’s
scored in ODIs [49]
Highest number of 100’s scored in
International
Matches [100]
Highest number of 100’s scored in
World
Cups
[6]
Highest number of 100’s scored in
Tournament Finals [6]
Highest number of consecutive 100’s
scored in Tournament Finals[4]
Highest number of consecutive 50’s
scored in
Tournament Finals [4]
Highest number of 50’s scored in
Tests
[67] Highest number of 50’s scored in
ODIs
[96]
Highest number of 50’s scored in
International
Matches [163]
Highest number of 50’s scored in
World
Cups [15]
Highest number of 50’s scored in a
single World Cup [6]
Highest number of 50+ scores in Tests
[118]
Highest number of 50+ scores in ODIs
[144]
Highest number of 50+ scores in
International
Matches [262]
Highest number of 50+ scores in
World
Cups[21] Highest number of 50+
scores in
a
single World
Cup [7]
Highest number of 50+ scores in
Tournament
Finals [16] Highest number of Man of
the
Match
Awards in ODIs [62]
Highest number of Man of the Match
Awards in
World Cups [9]
Highest number of Man of the Match
Awards in
Tournament Finals [8]
Man of the Series of World Cup 2003
Highest number of Man of the Series
Awards in
ODIs [15] Highest number of 150+
scores
inTests
[20]
Highest number of 150+ scores
inODIs
[5]
Highest number of 150+ scores
inInternational Matches [25] First
man to
score a 200 in
ODIs
First and only man to play 6
WorldCups
[1992-2011]
First and only man to score 50 Test
100’s First man to score 50
International
100’s
First and only man to score 75
International 100’s
First and only man to score 25
International 150+ scores
First man to score 100 50+ ODI scores
First man to score 100 50+ Test scores
First man to score 200 International
50+ scores First man to score 250
International 50+ scores First man to
score
25,000 runs in
International
Matches
First and only man to score 2000 runs
in World
Cups Highest number of 100’s scored
in a
Calendar year in ODIs [9 in 1998]
Highest number of 50’s scored in a
Calendar
year in ODIs [13 in 2007]
Highest number of 100’s scored in a
Calendar
year in International Matches [12 in
1998]
Highest number of Runs scored ina
Calendar year in ODIs [1894 in 1998]
First man to score 2500 International
Runs
in a
Calendar year in International
Matches
7 Times 1000 Runs in a Calendar year
in ODIs
[1998-1894; 1996-1611; 2007-1425;
2000-1328; 2003-1141; 1994-1089;
1997-1011]
6 Times 1000 Runs in a Calendar year
in Tests
[2010-1562; 2002-1392; 1999-1088;
2008-1063; 2001-1003; 1997-1000]
450+ runs in a single World Cup on 3
occasions
[1996-523; 2003-673; 2011-482] First
and only man to score 30,000+
International Runs & take200+
International
Wickets Highest number of 100’s
scored
against
one
team in ODIs [9 vs Australia]
Highest number of Partnership Runs
scored in Tests [6920 with RDravid]
Highest number of Partnership Runs
scored
in
ODIs [8227 with S Ganguly]
Highest number of Partnership Runs
scored in
International Matches [12,400 with S
Ganguly] Highest number of Opening
Partnership
Runs in ODIs [6609 with S Ganguly]
Highest number of Century
Partnerships in Tests
[20 with R Dravid]
Highest number of Century
Partnerships in
ODIs
[26 with S Ganguly]
Highest number of Century
Partnerships in International Matches
[38 with S Ganguly]
Highest number of Century Opening
Partnerships
in ODIs [21 with S Ganguly]
Highest 2nd wicket Partnership
inODIs
[331 runs
with R Dravid]
Highest 3rd wicket Partnership in
ODIs
[237* runs with R Dravid]
Highest number of boundaries hitin
Tests [2016]
Highest number of boundaries hitin
ODIs [2044]
Highest number of boundaries hitin
an
innings in
ODIs [25]
Highest number of Tests played ina
Career [198] Highest number of ODIs
played in a Career [463]
Longest ODI career [23 years] Highest
number of consecutive matches
played
for a team in ODIs[185]
Highest number of 90’s scored in
Tests
[10]
Highest number of 90’s scored in
ODIs [18]
Fastest 10,000 runs in Tests [195
Inns]
Fastest 10,000 runs in ODIs [259
Inns]
Fastest 11,000 runs in ODIs [276
Inns]
Fastest 12,000 runs in Tests [247
Inns]
Fastest 12,000 runs in ODIs [300
Inns]
Fastest 13,000 runs in Tests [266
Inns]
Fastest 13,000 runs in ODIs [321
Inns]
Fastest 14,000 runs in Tests [279
Inns]
Fastest 14,000 runs in ODIs [350
Inns]
Fastest 15,000 runs in Tests [300
Inns]
Fastest 15,000 runs in ODIs [377
Inns]
Fastest 16,000 runs in ODIs [399
Inns]
Fastest 17,000 runs in ODIs [424
Inns]
Fastest 18,000 runs in ODIs [440
Inns]
First man to reach 10,000 runs in
ODIs
First man to reach 12,000 runs in
Tests
First man to reach 12,000 runs in
ODIs
First man to reach 13,000 runs in
Tests
First man to reach 13,000 runs in
ODIs
First and only man to reach 14,000
runs in Tests
First and only man to reach 14,000
runs in ODIs First and only man to
reach
15,000
runs in Tests
First and only man to reach 15,000
runs in ODIs
First and only man to reach 16,000
runs in ODIs First and only man to
reach
17,000 runs in ODIs
First and only man to reach 18,000
runs in ODIs
Youngest player to score a Test
Century
for India
[17 yrs] Youngest player to represent
India
in
ODIs [16
yrs] Youngest player to captain India
in
ODIs [23 yrs]
Youngest player to represent India in
Tests [16 yrs]
Highest number of 200’s for Indiain
Tests [6]
Highest number of 200’s for Indiain
International Matches [7] Best All-
rounder performance for India in
ODIs
[141 & 4/38 vs Australia] Like · 266 ·
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replies
Papon Ghosh 9 famous quotes on
Sachin Tendulkar . . .!!! » I want my
son
to became Sachin Tendulkar
- Brian Lara »We did not lose to a
team
called India, we lost to a
man called Sachin
- Mark Taylor »Nothin bad can
happen
to us if we were on a plane
in India with Sachin on it.
- Hashim Amla »He can play that leg
glance
with a walking stick also,
- Waqar Younis »There are 2 kind of
batsman in the world,
1 Sachin tendulkar
2 all the others.
-Andy Flower » I have seen god. He
bats at
no.4 for India in tests.
- Matthew Hayden »I see myself when
i
see Sachin batting.
-don bradman » Do your crime when
Sachin is batting, bcos even
god is busy watcing his batting. -
Australian
fan Best one from
Barack Obama- I don't know about
cricket but still i
watch cricket to see Sachin play. .
Not
bcoz i love his
play its bcoz I want to know the
reason
why my
country production goes down by 5
percent when
he's batting. . . Tendulkar's 1'st
match,
18 - 11 - 89
and..... Last match,
18 - 11 - 13....

11/11/2013

Kyon yaad aata hai wo
kal jo lot ke nhi aayega,
itna malum na tha ke
waqt is kdar rulaega,
jee bhar ke jilo aaj ko yaaro
kyonki ye aaj fir kal ban jayega

Happy dewali all my villager nd frends.......
03/11/2013

Happy dewali all my villager nd frends.......

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27/10/2013

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