27/05/2024
ऐसा लगता है आजकल लोग ग्रीष्म ऋतु का लुफ्त उठाना ही भूल गए।
जेठ की गर्मी में कच्ची केरिया और पक्के आम , इमली का स्वाद , पेड़ से पक्के गोंदे तोड़कर खाना , देसी बबूल के गोंद का स्वाद ये सब तो इसी मौसम के उपहार है ।इसमें कुछ बाकी रह गया हो आप जोड़ लेना ।
हम सब केवल आजकल फोन पर टेंप्रेचर देखकर जी रहे है ।
ये आजकल का चलन हमारे युवाओं और बच्चों को कमजोर बना रहा है।
आईए पेड़ लगाए ताकि फिर से बचपन उनकी छावों में खेल सके