04/24/2022
पुरखो की बनाई हर एक प्रथा पूर्णत वैज्ञानिक थी,
अपने वक़्त से मिलों आगे थे वो लोग,
जिसे आज का विज्ञान अब समझ रहा है उस बात को हमारे पुरखे लाखो साल पहले समझ चुके थे।
सिर्फ समझा नही था, अलग अलग प्रकार के गोत्र बना कर समाज में ऐसी व्यवस्था बना दी थी की
खुद का,
मां का,
दादी का,
नानी का ,
का गोत्र छोड़ा जाता था तभी दुनिया के सबसे हष्ट पुष्ट मानव यहां निर्मित हुए,
लेकिन फिर आये, एक ही गोत्र में शादी करने वाले, जिन्होंने शरीर के लालच के आगे की अपनी सारी पीढ़ियों को बीमारी में धकेल दिया।
हिन्द की प्रत्येक व्यवस्था का केंद्र भयंकर विज्ञान था।
जय हिंद